Maharashtra SIR List: महाराष्ट्र में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने राज्य की चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव दिखाया है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची के मुताबिक, पिछली मतदाता सूची की तुलना में महाराष्ट्र में करीब 2.06 करोड़ कम मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं, मुंबई में भी मतदाताओं की संख्या में करीब 36.1 लाख की कमी आई है। यह पिछली सूची के मुकाबले लगभग 35 फीसदी की गिरावट है।
हालांकि, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति हमेशा के लिए मतदाता सूची से बाहर हो गया है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है।
महाराष्ट्र में 2.06 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, SIR प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 7.71 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इनमें करीब 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
SIR से पहले राज्य की मतदाता सूची में करीब 9.78 करोड़ मतदाता दर्ज थे। इस तरह नई ड्राफ्ट सूची में करीब 2,06,88,487 कम नाम दिखाई दे रहे हैं। यह पिछली मतदाता सूची के करीब 21.14 फीसदी मतदाताओं के बराबर है।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने वाले लोगों को अभी अपना दावा पेश करने का अवसर मिला हुआ है। इसलिए इस संख्या को अंतिम मतदाता सूची से बाहर हुए मतदाताओं की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
आखिर क्यों हटे इतने ज्यादा नाम?
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, करीब 2.06 करोड़ मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हो सके। कुछ मतदाताओं से संपर्क नहीं हो पाया, जबकि कुछ मामलों में व्यक्ति की मृत्यु या दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने जैसी वजहें सामने आईं।
SIR से पहले महाराष्ट्र में करीब 9.78 करोड़ मतदाता रजिस्टर्ड थे। इनमें से लगभग 78.86 फीसदी मतदाताओं को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है।
जिन जिलों में बड़ी संख्या में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं हो पाए, उनमें:
- पुणे: करीब 28.6 लाख
- ठाणे: करीब 28.5 लाख
- मुंबई उपनगर: करीब 26.5 लाख
- नागपुर: करीब 14.43 लाख
- नासिक: करीब 10.27 लाख
- मुंबई शहर: करीब 9.5 लाख
इसका मतलब यह है कि ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न होने के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है। कई मामलों में मतदाताओं की जानकारी अपडेट न होने या फॉर्म उपलब्ध न होने जैसी वजहें भी हो सकती हैं।
मुंबई में 36.1 लाख वोटर कम
SIR के बाद मुंबई के आंकड़ों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में पिछली मतदाता सूची की तुलना में करीब 36.1 लाख मतदाता कम दर्ज किए गए हैं।
यह कमी लगभग 35 फीसदी के आसपास है। मतदाता गणना के दौरान जिन लोगों के फॉर्म नहीं मिले या जिनसे संपर्क नहीं हो सका, उनके नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए।
इसलिए मुंबई के मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अंतिम सूची का इंतजार करने के बजाय अभी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर लें।
17 लाख डुप्लीकेट एंट्री का भी मामला
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम के अनुसार, करीब 17 लाख डुप्लीकेट मतदाता एंट्री भी सामने आईं। ये नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज थे।
हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों को सीधे तौर पर ‘फर्जी वोटर’ कहना सही नहीं होगा। संभव है कि एक ही व्यक्ति का नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज हो गया हो। ऐसे मामलों में व्यक्ति का नाम एक निर्वाचन क्षेत्र में बरकरार रखते हुए दूसरी जगह से हटाया गया।
इस वजह से भी कुल मतदाताओं की संख्या में कमी दिखाई देती है।
30 सितंबर तक नाम जुड़वाने का मौका
अगर आपका नाम महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो अभी घबराने की जरूरत नहीं है। पात्र मतदाता 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं।
इसके लिए अपने क्षेत्र के BLO (Booth Level Officer) या संबंधित चुनाव अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का दावा किया जा सकता है।
यानी SIR के दौरान नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं आने का मतलब यह नहीं है कि आपका मतदान का अधिकार खत्म हो गया है।
18 साल के होने वाले युवाओं के लिए भी मौका
SIR की प्रक्रिया में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं को भी आवेदन करने का मौका मिलेगा। जो युवा निर्धारित पात्रता तारीख तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इससे पहली बार मतदान करने वाले पात्र युवाओं को भी मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना नाम
महाराष्ट्र के मतदाता घर बैठे ऑनलाइन अपनी डिटेल्स चेक कर सकते हैं। इसके लिए ECI के वोटर पोर्टल या महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नाम चेक करने के लिए मतदाता आमतौर पर अपने EPIC नंबर यानी वोटर आईडी नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा उपलब्ध अन्य विवरणों के जरिए भी वोटर रिकॉर्ड खोजा जा सकता है।
अगर ऑनलाइन नाम नहीं मिल रहा है, तो अपने क्षेत्र के BLO या संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करना बेहतर रहेगा।
नाम नहीं है तो कौन सा फॉर्म भरें?
अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है और आप पात्र मतदाता हैं, तो नाम शामिल कराने के लिए Form 6 के जरिए आवेदन किया जा सकता है।
वहीं, अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग फॉर्म निर्धारित हैं:
- Form 6: मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए
- Form 7: मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए
- Form 8: नाम, पता या अन्य मतदाता विवरण में सुधार के लिए
आवेदन करते समय सही जानकारी और जरूरी दस्तावेज देना महत्वपूर्ण है, ताकि आपका दावा चुनाव अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जा सके।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को फाइनल न समझें
महाराष्ट्र में करीब 2.06 करोड़ नाम कम होने की खबर के बाद सबसे जरूरी बात यह है कि 31 अगस्त को जारी सूची ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है, अंतिम मतदाता सूची नहीं।
जिन पात्र लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, उनके पास 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल करने का अवसर है। इसलिए महाराष्ट्र, खासकर मुंबई के मतदाताओं को अपना नाम और वोटर डिटेल्स जरूर चेक करनी चाहिए।
अगर नाम गायब है, पता गलत है या किसी अन्य जानकारी में सुधार की जरूरत है, तो तय समय सीमा के भीतर संबंधित फॉर्म भरकर प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। इससे अंतिम मतदाता सूची में सही जानकारी शामिल होने की संभावना बनी रहेगी।


