भारत में लग्जरी कार खरीदने वाले ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। जहां आम कार बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार अभी सीमित है, वहीं अमीर भारतीय ग्राहक महंगी पेट्रोल-डीजल कारों के साथ-साथ अब प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों को भी तेजी से अपना रहे हैं।
2026 के पहले छह महीनों के आंकड़े इस बदलाव की तस्वीर साफ करते हैं। इस अवधि में भारत में बिकने वाली हर चार BMW कारों में करीब एक कार इलेक्ट्रिक थी। यानी कंपनी की कुल बिक्री में EV की हिस्सेदारी लगभग 25% रही। इसकी तुलना पूरे भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार से करें तो इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 8-9% रही। यानी लग्जरी सेगमेंट में EV अपनाने की रफ्तार सामान्य कार बाजार से लगभग तीन गुना रही।
Mercedes-Benz में भी तेजी से बढ़ी EV की मांग
लग्जरी कार निर्माता Mercedes-Benz के आंकड़ों में भी इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग नजर आ रही है। कंपनी के मुताबिक जून 2026 को समाप्त हुए पहले छह महीनों में उसके टॉप-एंड सेगमेंट में हर कुछ घंटे में एक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) की बिक्री हुई।
इस सेगमेंट में 1.4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले मॉडल शामिल हैं। Mercedes-Benz के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में EQS SUV, Mercedes-Maybach EQS SUV और G580 जैसे महंगे मॉडल शामिल हैं।
वहीं, कंपनी की CLA BEV को भी ग्राहकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 57 लाख रुपये है और 2026 का पूरा बिक्री कोटा पहले ही खत्म हो चुका है। इसका मतलब है कि नए ग्राहकों को कार की डिलीवरी के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
अमीर ग्राहकों के लिए EV की बड़ी परेशानियां छोटी हो जाती हैं
आम ग्राहक के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने में सबसे बड़ी चिंताओं में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्राइविंग रेंज और ज्यादा शुरुआती कीमत शामिल हैं। लेकिन लग्जरी कार खरीदने वाले परिवारों के मामले में तस्वीर काफी अलग है।
LVP फोरकास्टिंग मोबिलिटी ग्लोबल के एसोसिएट डायरेक्टर गौरव वंगाल के मुताबिक, लग्जरी सेगमेंट में EV अपनाने की दर अधिक होने की बड़ी वजह यह है कि इन ग्राहकों के सामने चार्जिंग और रेंज जैसी बाधाएं कम होती हैं।
अमीर परिवारों के पास आमतौर पर अपनी पार्किंग और घर पर चार्जिंग की सुविधा होती है। ऐसे ग्राहक अपनी कार को रातभर आसानी से चार्ज कर सकते हैं और उन्हें पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ता।
दूसरी बड़ी वजह यह है कि EV अक्सर उनकी एकमात्र कार नहीं होती। ऐसे परिवारों के पास एक से ज्यादा वाहन होते हैं। इसलिए शहर में रोजाना आने-जाने के लिए EV का इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि लंबी दूरी की यात्रा के लिए पेट्रोल या डीजल कार उपलब्ध रहती है।
टैक्स में बड़ा अंतर भी EV को बनाता है आकर्षक
भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर 5% GST लागू है। इसके मुकाबले बड़ी पेट्रोल और डीजल कारों पर 28% GST के साथ कंपनसेशन सेस भी लगता है।
लग्जरी कारों की कीमत को देखते हुए टैक्स का यह अंतर काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इससे इलेक्ट्रिक कार की ऊंची बैटरी लागत का असर कुछ हद तक कम हो सकता है और पेट्रोल-डीजल मॉडल की तुलना में EV की कुल कीमत का अंतर भी घट सकता है।
यही वजह है कि जिन ग्राहकों के लिए कार की कीमत सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है, उनके लिए EV के कम टैक्स, कम रनिंग कॉस्ट और कम मेंटेनेंस लागत का संयोजन आकर्षक साबित हो रहा है।
सिर्फ पर्यावरण नहीं, परफॉर्मेंस भी है बड़ी वजह
लग्जरी EV की मांग सिर्फ पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता की वजह से नहीं बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक कारें परफॉर्मेंस और ड्राइविंग अनुभव के मामले में भी प्रीमियम ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।
इलेक्ट्रिक मोटर तुरंत टॉर्क उपलब्ध कराती है, जिससे कार को तेज एक्सीलरेशन मिलता है। इसके अलावा इंजन की आवाज न होने के कारण EV में ड्राइविंग अनुभव ज्यादा शांत और स्मूद होता है।
BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO हरदीप सिंह बरार के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहन जीरो-एमिशन मोबिलिटी देने के साथ-साथ बेहतर परफॉर्मेंस, कम रनिंग कॉस्ट, कम मेंटेनेंस और कम टैक्स जैसी खूबियां भी पेश करते हैं।
लग्जरी कार खरीदारों के लिए ये सभी खूबियां EV को एक प्रीमियम और आधुनिक विकल्प बनाती हैं।
BMW और Mercedes-Benz की ग्रोथ में EV का बड़ा हाथ
2026 के पहले छह महीनों में BMW और Mercedes-Benz की बिक्री के आंकड़ों से भी EV की भूमिका स्पष्ट होती है।
इस अवधि में BEV को छोड़कर Mercedes-Benz की बिक्री में करीब 2.3% की बढ़ोतरी हुई। लेकिन इलेक्ट्रिक कारों को शामिल करने के बाद कंपनी की कुल बिक्री वृद्धि लगभग 9% रही।
इसी तरह BMW की नॉन-BEV बिक्री करीब 5% बढ़ी, जबकि EV को शामिल करने पर कंपनी की कुल बिक्री वृद्धि लगभग 17% तक पहुंच गई।
इससे संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रिक कारें अब लग्जरी वाहन कंपनियों के लिए सिर्फ एक अतिरिक्त पावरट्रेन नहीं हैं। वे बिक्री बढ़ाने और नए ग्राहकों को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी हैं।
Mercedes के महंगे EV मॉडल्स की बिक्री में भी तेजी
Mercedes-Benz के हाई-एंड इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है। जून 2026 को समाप्त छह महीनों में कंपनी के इस सेगमेंट की बिक्री सालाना आधार पर 27% बढ़ी।
इस पोर्टफोलियो में करीब 1.4 करोड़ रुपये की EQS SUV, लगभग 2.4 करोड़ रुपये की Mercedes-Maybach EQS SUV और करीब 3.1 करोड़ रुपये की G580 जैसे मॉडल शामिल हैं।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर के मुताबिक CLA BEV के 2026 कोटे का पूरी तरह बिक जाना यह दिखाता है कि लग्जरी ग्राहक अब केवल कीमत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। टेक्नोलॉजी और वैल्यू-बेस्ड लग्जरी मोबिलिटी भी उनके खरीदारी के फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
लग्जरी EV मार्केट में बढ़े विकल्प
भारत में लग्जरी EV की मांग बढ़ने के पीछे एक और अहम कारण मॉडल्स की बढ़ती संख्या है।
FY25 से भारत के लग्जरी सेगमेंट में करीब 13 नई BEV लॉन्च हुई हैं। इनमें Porsche, Volvo, Rolls-Royce, Ferrari और Lexus जैसे ब्रांड के मॉडल शामिल हैं। इन कारों की कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।
पहले लग्जरी EV खरीदने वाले ग्राहकों के सामने मॉडल और ब्रांड के विकल्प काफी सीमित थे। अब ग्राहक अपनी पसंद के मुताबिक SUV, सेडान या हाई-परफॉर्मेंस कार में इलेक्ट्रिक विकल्प चुन सकते हैं।
इससे EV अपनाने में मौजूद ‘विकल्पों की कमी’ वाली समस्या भी काफी हद तक कम हुई है।
लग्जरी कारों की EV बिक्री में हिस्सेदारी सामान्य बाजार से ज्यादा
भारत के FY26 पैसेंजर व्हीकल बाजार में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी करीब 1.1-1.2% रही। लेकिन देश में बिकने वाली कुल इलेक्ट्रिक कारों में लग्जरी वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 2.5-2.7% रही।
यानी कुल कार बाजार में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी की तुलना में EV बिक्री में इनकी हिस्सेदारी दोगुने से भी ज्यादा है।
यह आंकड़ा बताता है कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट अपेक्षाकृत तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
BMW की बिक्री में हर चार में एक कार इलेक्ट्रिक
BMW इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। जून 2026 को समाप्त छह महीनों में कंपनी ने भारत में 2,359 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे।
इससे कंपनी की कुल भारतीय बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 25% हो गई। यानी BMW की भारत में बिकने वाली हर चार कारों में लगभग एक EV रही।
इसी अवधि में Mercedes-Benz ने 859 BEV की बिक्री दर्ज की।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि लग्जरी कार बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों का योगदान अब इतना बड़ा हो चुका है कि कंपनियों की कुल बिक्री और ग्रोथ पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है।
Tesla के लिए भारत का लग्जरी EV बाजार आसान नहीं
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की ग्लोबल पहचान रखने वाली Tesla की कहानी हालांकि कुछ अलग है।
जून 2026 में समाप्त हुए भारत में कंपनी के पहले साल में Tesla ने करीब 450 कारें बेचीं। कंपनी फिलहाल भारत में Model Y बेच रही है।
सीमित मॉडल रेंज Tesla के लिए चुनौती बनी हुई है। इसके मुकाबले BMW और Mercedes-Benz जैसे पारंपरिक लग्जरी ब्रांड भारत में कई सेडान, SUV और परफॉर्मेंस मॉडल पेश कर रहे हैं।
Tesla ने Model Y को भारत में 59.89 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया था। बाद में मई 2026 में इसकी कीमत घटाकर 50.89 लाख रुपये कर दी गई। इसके बावजूद कंपनी को भारत में पहले से स्थापित लग्जरी ब्रांड्स और उनके बड़े सेल्स-सर्विस नेटवर्क से मुकाबला करना पड़ रहा है।
अमीर भारतीयों के लिए क्यों बेहतर साबित हो रही है लग्जरी EV?
पूरे ट्रेंड को देखें तो अमीर ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने का फैसला आम ग्राहक से काफी अलग है।
- घर पर चार्जिंग की सुविधा: निजी पार्किंग और होम चार्जर होने से पब्लिक चार्जिंग पर निर्भरता कम रहती है।
- दूसरी कार का विकल्प: EV को रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए रखा जा सकता है और लंबी यात्रा के लिए दूसरी कार इस्तेमाल की जा सकती है।
- कम GST: EV पर 5% GST होने से टैक्स का फायदा मिलता है।
- कम रनिंग कॉस्ट: पेट्रोल-डीजल की तुलना में रोजाना इस्तेमाल की लागत कम हो सकती है।
- कम मेंटेनेंस: इलेक्ट्रिक पावरट्रेन में पारंपरिक इंजन के मुकाबले कई मैकेनिकल पार्ट्स नहीं होते।
- बेहतर परफॉर्मेंस: इलेक्ट्रिक मोटर का इंस्टेंट टॉर्क तेज एक्सीलरेशन देता है।
- शांत और प्रीमियम ड्राइव: इंजन की आवाज और कंपन कम होने से ड्राइविंग अनुभव अधिक आरामदायक होता है।
- बढ़ते विकल्प: अब Porsche से लेकर BMW, Mercedes-Benz, Volvo, Lexus और अन्य ब्रांड तक कई लग्जरी EV उपलब्ध हैं।
लग्जरी EV अब सिर्फ ‘दूसरा विकल्प’ नहीं
भारत में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर बहस अक्सर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, रेंज और कीमत के इर्द-गिर्द रहती है। लेकिन लग्जरी सेगमेंट में इन चुनौतियों का असर अपेक्षाकृत कम है।
अमीर परिवारों के पास घर पर चार्जिंग की सुविधा, एक से अधिक वाहन और महंगी कार खरीदने की क्षमता होती है। इसके अलावा कम टैक्स, कम रनिंग कॉस्ट और EV की तेज परफॉर्मेंस इसे लग्जरी खरीदारों के लिए और आकर्षक बनाती है।
BMW और Mercedes-Benz की बिक्री के आंकड़े संकेत देते हैं कि भारत में लग्जरी EV अब सिर्फ भविष्य की तकनीक नहीं रह गई हैं। ये कंपनियों की मौजूदा बिक्री और ग्रोथ में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
आने वाले समय में जैसे-जैसे भारत में प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों के विकल्प बढ़ेंगे, चार्जिंग नेटवर्क बेहतर होगा और ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा, लग्जरी EV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और मांग दोनों बढ़ने की उम्मीद है।


