Nepal Floods: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच रायपुर के पांच दोस्तों की आपबीती बेहद चौंकाने वाली है। ये दोस्त नेपाल घूमने गए थे और लौटते समय एक ऐसी घटना के बीच फंस गए, जहां कुछ मिनटों का फैसला उनकी जिंदगी और मौत के बीच का अंतर बन गया। पांचों दोस्तों का कहना है कि अगर उन्हें चाय पीने की इच्छा नहीं हुई होती और वे रास्ते में होटल पर कुछ देर के लिए नहीं रुकते, तो शायद वे अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ सकते थे।
पांचों दोस्त शनिवार को दुर्ग-नवातनवा एक्सप्रेस से रायपुर पहुंचे। घर लौटने के बाद उन्होंने नेपाल में देखे भयावह मंजर के बारे में बताया। दोस्तों के मुताबिक, जिस समय वे धादिंग जिले के मलेखू कस्बे में एक होटल में चाय पी रहे थे, उसी दौरान भोटेकोशी और त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए।
चाय के लिए 10-15 मिनट रुके और टल गई आफत
‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के अनुसार, पांचों दोस्त मुक्तिनाथ से पोखरा होते हुए वापस लौट रहे थे। सुबह करीब 9:30 बजे वे धादिंग जिले के मलेखू कस्बे में पहुंचे। इसी दौरान उन्हें चाय पीने की इच्छा हुई और वे सड़क किनारे स्थित एक होटल में रुक गए।
दोस्तों ने बताया कि होटल में चाय पीने और कुछ देर रुकने में करीब 10 से 15 मिनट लगे। उन्हें उस समय अंदाजा भी नहीं था कि यही छोटा-सा ब्रेक कुछ ही देर बाद उनकी जान बचाने वाला साबित होगा।
इसी दौरान भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक तेज बाढ़ आ गई। देखते ही देखते हालात बदल गए और रास्ते में पानी का तेज बहाव दिखाई देने लगा। दोस्तों के मुताबिक, अगर वे चाय पीने के लिए वहां नहीं रुकते और उसी समय सड़क पर आगे बढ़ रहे होते, तो संभव था कि वे भी बाढ़ के तेज बहाव में फंस जाते।
आंखों के सामने बहने लगीं कारें और सामान
बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद पांचों दोस्तों ने नदी और आसपास के इलाके का बेहद भयावह रूप देखा। उनके अनुसार, पानी का बहाव इतना तेज था कि कारें, सामान और दूसरी चीजें तक उसकी चपेट में आकर बह रही थीं।
इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। लोग अपने परिवार और परिचितों की तलाश में परेशान थे। सामान्य स्थिति में जहां सड़क पर यात्रियों की आवाजाही रहती थी, वहां अचानक बाढ़ और तबाही का मंजर दिखाई देने लगा।
दोस्तों ने बताया कि उस समय उन्हें एहसास हुआ कि वे कितनी बड़ी मुसीबत से बाल-बाल बचे हैं। जिस होटल में वे चाय पीने के लिए रुके थे, वहां मौजूद लोगों ने भी मुश्किल वक्त में उनकी मदद की।
होटल मालिक ने दी सुरक्षित जगह और खाना
बाढ़ के कारण रास्ते बंद होने और हालात खराब होने के बाद पांचों दोस्तों को होटल में ही सुरक्षित जगह दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, होटल में मौजूद नेपाली व्यक्ति ने उन्हें भोजन भी कराया और संकट की घड़ी में उनका साथ दिया।
दोस्तों ने बताया कि बाढ़ के कारण उन्हें करीब दो दिन ऊंचाई वाले इलाकों में रुकना पड़ा। इस दौरान सामान्य रास्तों से निकलना संभव नहीं था। एक रात उन्हें कार में भी गुजारनी पड़ी।
ऐसे मुश्किल हालात में उनके ड्राइवर अर्जुन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने वैकल्पिक रास्तों की मदद से गाड़ी निकाली और सभी दोस्तों को सुरक्षित इलाके से बाहर पहुंचाया।
ड्राइवर अर्जुन की हिम्मत भी आई काम
प्राकृतिक आपदा के दौरान किसी अनजान इलाके में सुरक्षित रास्ता तलाशना आसान नहीं था। लेकिन ड्राइवर अर्जुन ने हालात को समझते हुए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया।
दोस्तों के मुताबिक, अगर ड्राइवर ने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती थीं। लगातार खराब होते हालात के बीच आखिरकार वे नेपाल से बाहर निकलने में कामयाब रहे और सुरक्षित भारत लौट आए।
‘ऐसा लगा जैसे दूसरी जिंदगी मिली हो’
रायपुर लौटे पांचों दोस्तों ने अपनी यात्रा को जिंदगी का ऐसा अनुभव बताया जिसे वे शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। उनका कहना है कि वे नेपाल घूमने के लिए गए थे, लेकिन अचानक आई बाढ़ ने पूरी स्थिति बदल दी।
उनके मुताबिक, कुछ देर पहले तक वे सामान्य तरीके से सफर कर रहे थे और चाय पीने के बारे में सोच रहे थे। लेकिन कुछ ही मिनट बाद सामने ऐसा मंजर था, जहां हर तरफ पानी और तबाही दिखाई दे रही थी।
दोस्तों का मानना है कि होटल में 10-15 मिनट रुकना उनके लिए जीवनदान बन गया। अगर वे उसी समय सड़क पर आगे बढ़ रहे होते तो उनका वाहन भी बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ सकता था।
किस्मत का वो छोटा सा फैसला हमेशा रहेगा याद
इस घटना ने पांचों दोस्तों को यह एहसास करा दिया कि आपदा के समय छोटी-सी घटना भी जिंदगी का रुख बदल सकती है। चाय पीने की अचानक हुई इच्छा को वे अब महज संयोग नहीं मान रहे हैं।
उनका कहना है कि उस दिन अगर उन्होंने होटल पर रुकने का फैसला नहीं किया होता, तो हालात पूरी तरह अलग हो सकते थे। कुछ मिनट का यह ठहराव उनके लिए जिंदगी बचाने वाला साबित हुआ।
आज जब वे अपने परिवार के बीच सुरक्षित हैं, तो नेपाल की यात्रा के दौरान गुजरे उन खौफनाक पलों को याद कर रहे हैं। उनके लिए यह सफर घूमने की यादों से कहीं ज्यादा एक ऐसी कहानी बन चुका है, जिसमें 10-15 मिनट की देरी ने शायद उनकी जान बचा ली।
नेपाल में बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ
इस बीच नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हालात गंभीर बने हुए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, रविवार तक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गई थी। राहत और बचाव अभियान के बीच शव मिलने का सिलसिला जारी रहने की बात सामने आई है।
अधिकारियों ने भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी भी जारी की है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत-बचाव कार्य में जुटे कर्मियों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
रायपुर के इन पांच दोस्तों की कहानी ऐसे समय में सामने आई है जब नेपाल के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का खतरा बना हुआ है। उनकी आपबीती बताती है कि पहाड़ी इलाकों में मौसम और नदियों के अचानक बदलते मिजाज के बीच छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। वहीं, इन पांच दोस्तों के लिए चाय के वे 10-15 मिनट जिंदगी भर याद रहने वाला संयोग बन गए।


