IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार समेत करीब 18 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा।
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इसके चलते कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने के साथ निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी है।
पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बाधित होने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। वहीं तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और कमजोर निर्माण वाले ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
18 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में देश के पूर्वी, मध्य और उत्तरी हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के कारण अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का दिखेगा असर
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर पूर्वी और मध्य भारत के मौसम पर पड़ सकता है। इस सिस्टम के कारण नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ने से कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
बारिश की तीव्रता सभी जगह एक जैसी नहीं रहेगी। कुछ इलाकों में हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या बढ़ सकती है।
तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
गरज-चमक वाले मौसम में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहता है। इसलिए लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
विशेष रूप से ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की जरूरत है।
यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को मौसम में बदलाव को ध्यान में रखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में भी मौसम अगले कुछ दिनों तक पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण लोगों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ी चिंता
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और स्थानीय जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को ध्यान में रखना चाहिए। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचना जरूरी है।
ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी बारिश का खतरा
पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम प्रणाली का असर दिखाई दे सकता है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है।
लगातार बारिश होने पर छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।
इन राज्यों में भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। बारिश की तीव्रता क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रहने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है। यहां बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
बारिश और आंधी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
- आंधी के दौरान खुले स्थान पर जाने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों।
- भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित स्थानों से दूरी बनाए रखें।
- तेज हवाओं के दौरान घर की खिड़कियां और दरवाजे अच्छी तरह बंद रखें।
- यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और प्रशासन की एडवाइजरी जरूर जांच लें।
- मौसम खराब होने पर नदी, नाले और अन्य जलस्रोतों के पास जाने से बचें।
अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी रहेगा।
ऐसे में लोगों को केवल बारिश से नहीं, बल्कि आंधी, आकाशीय बिजली, जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखना बेहतर होगा।


