Asuthosh Fibre IPO: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया की हिस्सेदारी वाली आशुतोष फाइबर का आईपीओ 31 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹16.04 करोड़ जुटाए हैं। इस एंकर राउंड में सिंगुलैरिटी इक्विटी फंड II समेत कुल 5 निवेशकों ने हिस्सा लिया। वहीं, ग्रे मार्केट में भी आईपीओ को लेकर मजबूत संकेत मिल रहे हैं और 29 अगस्त को इसका GMP ₹37 प्रति शेयर था।
एंकर राउंड में 5 निवेशकों ने लगाया दांव
आशुतोष फाइबर ने 28 अगस्त को एंकर निवेशकों को अपर प्राइस बैंड ₹92 प्रति शेयर की दर से कुल 17.43 लाख शेयर आवंटित किए। इससे कंपनी को करीब ₹16.04 करोड़ जुटाने में मदद मिली।
एंकर निवेशकों में शामिल प्रमुख नाम और उनका निवेश इस प्रकार है:
- Nine Alps Corporate Advisors: ₹6 करोड़, 6.52 लाख शेयर
- Singularity Equity Fund II: ₹3.45 करोड़, 3.75 लाख शेयर
- Nav Capital Emerging Star Fund: ₹3.45 करोड़, 3.75 लाख शेयर
- Aarth AIF Growth Fund: ₹2.11 करोड़, 2.30 लाख शेयर
- Vira Bharat Opportunities Fund: ₹1 करोड़, 1.09 लाख शेयर
आशुतोष फाइबर IPO की जरूरी तारीखें
गुजरात स्थित आशुतोष फाइबर टेक्निकल टेक्सटाइल से जुड़े उत्पादों का निर्माण करती है। कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए ₹56.34 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इस इश्यू में कोई ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल नहीं है।
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| IPO खुलने की तारीख | 31 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 2 सितंबर 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹87-₹92 प्रति शेयर |
| अलॉटमेंट | 3 सितंबर 2026 |
| लिस्टिंग | 7 सितंबर 2026 |
| इश्यू साइज | ₹56.34 करोड़ |
| OFS | नहीं |
IPO से जुटाए पैसों का क्या करेगी कंपनी?
कंपनी के मुताबिक, आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबार की क्षमता बढ़ाने और कर्ज घटाने के लिए किया जाएगा।
करीब ₹25.5 करोड़ नए उपकरणों और मशीनरी की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, ₹20 करोड़ पुराने कर्ज के भुगतान के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। बची हुई रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी।
विजय केडिया की कितनी हिस्सेदारी?
आशुतोष फाइबर में शेयर बाजार के चर्चित निवेशक विजय केडिया की 6.57% हिस्सेदारी है। कंपनी के प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी IPO से पहले 59.79% है। शेष हिस्सेदारी पब्लिक शेयरधारकों के पास है।
आईपीओ के लिए कंपनी ने Mefcom Capital Markets को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है।
FY26 में मुनाफा 88.5% बढ़ा
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में आशुतोष फाइबर का मुनाफा तेजी से बढ़ा। FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 88.5% बढ़कर ₹16.04 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹8.5 करोड़ था।
हालांकि, इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में वृद्धि सीमित रही। FY26 में कुल रेवेन्यू ₹117.37 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹114 करोड़ से करीब 2.9% अधिक है।
यानी कंपनी के मुनाफे में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है, जबकि राजस्व में अपेक्षाकृत धीमी बढ़त दर्ज हुई।
GMP में भी दिख रही मजबूत तेजी
आईपीओ के ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP की बात करें तो 29 अगस्त 2026 को आशुतोष फाइबर IPO का GMP ₹37 प्रति शेयर था। ₹92 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह करीब 40.22% के प्रीमियम का संकेत देता है।
GMP में पिछले कुछ दिनों में तेजी देखने को मिली है:
| तारीख | GMP | अपर प्राइस बैंड के मुकाबले प्रीमियम |
|---|---|---|
| 26 अगस्त | ₹13 | 14.13% |
| 27 अगस्त | ₹15 | 16.30% |
| 28 अगस्त | ₹37 | 40.22% |
| 29 अगस्त | ₹37 | 40.22% |
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP अनौपचारिक और बदलता रहने वाला बाजार संकेतक है। इसका लिस्टिंग प्राइस से सीधा या पक्का संबंध नहीं होता।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
आशुतोष फाइबर IPO में एक तरफ विजय केडिया की हिस्सेदारी, एंकर निवेशकों की भागीदारी, FY26 में मुनाफे की मजबूत वृद्धि और GMP में तेजी जैसे सकारात्मक संकेत हैं। दूसरी तरफ निवेशकों को कंपनी के छोटे आकार, टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े जोखिम, कर्ज और राजस्व वृद्धि जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।
सिर्फ GMP या किसी बड़े निवेशक की हिस्सेदारी देखकर IPO में निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेश से पहले कंपनी का DRHP/RHP, वित्तीय आंकड़े, वैल्यूएशन, कारोबार से जुड़े जोखिम और अपनी जोखिम क्षमता जरूर जांचें।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। GMP केवल एक अनौपचारिक संकेतक है और लिस्टिंग या रिटर्न की गारंटी नहीं देता। निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी शेयर या IPO में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


