Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं 50 वर्षीय इंजीनियर स्वाति बागरेचा लापता हैं। परिवार लगातार उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। फोन पर घंटी जा रही है, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा। स्वाति के परिजनों ने उनकी सुरक्षित तलाश और वापसी के लिए भारतीय और कनाडाई दूतावास से मदद मांगी है।
नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं टोरंटो निवासी स्वाति बागरेचा के लापता होने की खबर ने उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है।
परिवार के लिए सबसे बड़ी उम्मीद इस बात से बनी हुई है कि स्वाति का मोबाइल फोन अभी भी रिंग कर रहा है। उनके भाई के मुताबिक, कई बार फोन करने पर घंटी तो जाती है, लेकिन कॉल रिसीव नहीं होती। ऐसे में परिवार को उम्मीद है कि शायद किसी समय स्वाति फोन उठा लें और उनकी सुरक्षित होने की खबर मिल सके।
फोन की घंटी बज रही, लेकिन जवाब नहीं
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाति बागरेचा के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया कि उनका मोबाइल फोन अभी भी बज रहा है। परिवार लगातार कॉल कर रहा है, लेकिन स्वाति फोन नहीं उठा रही हैं।
परिवार के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। एक तरफ मोबाइल फोन के सक्रिय होने से उम्मीद बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ स्वाति से सीधे संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनकी स्थिति के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पा रही है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ और खराब परिस्थितियों के बीच परिवार लगातार अधिकारियों से संपर्क कर स्वाति के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।
8 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए निकली थीं
स्वाति बागरेचा 8 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुई थीं। वह ईशा फाउंडेशन के 77 लोगों के एक समूह का हिस्सा थीं।
परिवार के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे स्वाति से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद नेपाल में अचानक भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। बताया गया है कि वह इसी दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा के पास इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहुंची थीं।
इसके बाद परिवार का उनसे संपर्क टूट गया।
स्वाति के परिवार की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि उनकी 14 वर्षीय बेटी अनुष्का इस समय अपनी बड़ी बहन के साथ मुंबई में रह रही है। परिवार लगातार स्वाति की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहा है।
फोन की लोकेशन से मिली अहम जानकारी
स्वाति के भाई के अनुसार, मोबाइल फोन की लोकेशन से संकेत मिला है कि उनका फोन चीन की सीमा के नजदीक किसी इलाके में सक्रिय था। हालांकि, फोन को सटीक रूप से ट्रैक करने में तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
परिवार के मुताबिक, स्वाति का मोबाइल नंबर टोरंटो में रजिस्टर्ड है। इसी वजह से फोन की लोकेशन और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया आसान नहीं है।
इसके बावजूद परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी है और अधिकारियों के जरिए उनकी तलाश जारी रखने की अपील की है।
भारतीय और कनाडाई दूतावास से मांगी मदद
स्वाति की तलाश के लिए उनके परिवार ने नेपाल में भारतीय और कनाडाई दूतावास से संपर्क किया है। परिवार चाहता है कि दोनों देशों के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर उनकी तलाश में तेजी लाएं।
परिवार की कोशिश है कि स्वाति की सटीक लोकेशन का पता लगाया जाए और यदि वह किसी सुरक्षित स्थान पर हैं तो उन्हें जल्द से जल्द वहां से बाहर निकालकर परिवार तक पहुंचाया जाए।
नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास बाढ़ और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव अभियान के सामने भी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में राजनयिक और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय को परिवार बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने परिवार को दिया भरोसा
स्वाति बागरेचा की तलाश के मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके परिवार से बातचीत की है। पीटीआई के अनुसार, स्थानीय विधायक मुकेश टंडन के प्रयासों के बाद चौहान ने परिवार से संपर्क किया।
उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि स्वाति की तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर मदद पहुंचाने का आश्वासन भी दिया गया।
परिवार के लिए यह आश्वासन ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब कई दिनों से स्वाति का कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं हो पाया है।
परिवार की उम्मीद अब भी कायम
स्वाति के परिवार के सामने इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह कहां हैं और किस स्थिति में हैं। मोबाइल पर घंटी जाना परिवार के लिए चिंता के बीच एक छोटी-सी उम्मीद भी पैदा कर रहा है।
परिवार लगातार यही उम्मीद कर रहा है कि किसी दिन फोन दूसरी तरफ से उठेगा और स्वाति की आवाज सुनाई देगी। इसी उम्मीद के साथ परिजन भारतीय और कनाडाई अधिकारियों से उनकी तलाश में तेजी लाने की अपील कर रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद जारी राहत और तलाश अभियान के बीच अब स्वाति के परिवार की निगाहें प्रशासनिक और राजनयिक प्रयासों पर टिकी हैं। परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी सुरक्षित होने की खबर मिलेगी और वह वापस अपने परिवार के बीच लौट सकेंगी।


