Nepal Flood Rescue Video: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद मलबा और कीचड़ गांवों, इमारतों और सुरंगों तक पहुंच गया। इस बीच नेपाली सेना के जवानों ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एक वीडियो में जवान घने कीचड़ के बीच रेंगते हुए सुरंग के अंदर जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां लोग फंसे हुए थे। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नेपाल इस समय गंभीर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। तेज पानी के साथ बहकर आया मलबा और कीचड़ कई इलाकों में फैल गया, जिससे घरों, इमारतों और दूसरी संरचनाओं में लोगों के फंसने की स्थिति पैदा हो गई।
बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में नेपाली सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर हालात इतने मुश्किल हैं कि सामान्य रास्तों से पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में जवानों को मलबे, कीचड़ और अंधेरी सुरंगों के बीच जाकर लोगों की तलाश करनी पड़ रही है।
घने कीचड़ में रेंगते हुए सुरंग तक पहुंचे जवान
NEPAL FLOOD: 350 RESCUED FROM HYDROPOWER TUNNEL
The Nepali Army has rescued 350 people who were trapped inside the Upper Trishuli Hydropower tunnel following the devastating Bhote Koshi flood in Rasuwa.
A total of 883 people have been rescued amid the ongoing flood crisis. pic.twitter.com/9EbJMmS3l3
— Subodh Kumar (@kumarsubodh_) August 27, 2026 रेस्क्यू ऑपरेशन का सामने आया वीडियो बेहद मुश्किल परिस्थितियों की तस्वीर दिखाता है। रसुवा जिले में अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर की सुरंग के अंदर लोग फंसे हुए थे। उन्हें बाहर निकालने के लिए नेपाली सेना के जवान बेहद संकरे और कीचड़ से भरे रास्ते से अंदर जाते दिखाई देते हैं।
वीडियो में सुरंग के बाहर और अंदर भारी मात्रा में मलबा नजर आता है। रास्ता इतना मुश्किल है कि जवानों को कई जगहों पर रेंगकर आगे बढ़ना पड़ता है। इसके बावजूद उन्होंने अपना अभियान जारी रखा और सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की।
यह दृश्य बताता है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान बचाव दलों के सामने किस तरह की चुनौतियां आती हैं। बाहर से देखने पर जहां सुरंग का रास्ता बंद या बेहद जोखिम भरा दिखाई देता है, वहीं जवानों ने उसी रास्ते से अंदर जाकर जिंदगी बचाने का प्रयास किया।
छतों पर फंसे लोगों के लिए हेलिकॉप्टर बना सहारा
नेपाल में कई जगह बाढ़ का पानी और मलबा इतना बढ़ गया कि लोग अपने घरों और ऊंची इमारतों की छतों पर फंस गए। ऐसे लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना के हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया।
रेस्क्यू से जुड़े वीडियो में हेलिकॉप्टरों को क्षतिग्रस्त इमारतों के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर मंडराते देखा जा सकता है। एक वीडियो में छत पर मौजूद व्यक्ति हेलिकॉप्टर की ओर हाथ हिलाकर मदद मांगता नजर आता है। इसके बाद बचाव दल ने उसे सुरक्षित निकालने की कोशिश की।
दुर्गम इलाकों में सड़क और जमीन के रास्ते पहुंचना मुश्किल होने के कारण हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन का अहम हिस्सा बने हुए हैं। हालांकि खराब मौसम और नीचे फैले मलबे के कारण हवाई बचाव अभियान भी आसान नहीं है।
नेपाल में मौतों का आंकड़ा बढ़ा
The Army rescued a young man who was stuck on terrace in Nepal. pic.twitter.com/Wb6Tiz8G0P
— Nalini Unagar (@NalinisKitchen) August 26, 2026 इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल और तिब्बत दोनों को प्रभावित किया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में 579 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में 7 लोगों की जान गई है।
दोनों क्षेत्रों में 2,400 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में करीब 1,924 लोग लापता बताए गए हैं, जबकि तिब्बत में लापता लोगों की संख्या लगभग 558 है। रिपोर्ट के मुताबिक लापता लोगों में 540 से अधिक विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
बड़ी संख्या में लोगों के अब भी संपर्क से बाहर होने के कारण बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं।
करीब 15 हजार सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू में जुटे
नेपाल की आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के अनुसार राहत और बचाव अभियान में करीब 14,829 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अब तक 3,742 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
सेना की टीमें बाढ़ और मलबे से प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी ले रही हैं। जहां जमीन के रास्ते पहुंचना संभव है, वहां जवानों की टीमें अभियान चला रही हैं, जबकि दुर्गम इलाकों और ऊंची इमारतों के लिए हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों को तलाशना है, जो मलबे, सुरंगों या क्षतिग्रस्त इमारतों के अंदर फंसे हो सकते हैं। लगातार बदलते मौसम और खराब भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बचाव दलों को बेहद सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।
भारतीय नागरिक भी प्रभावित, कई लोग संपर्क से बाहर
नेपाल में आई इस आपदा का असर वहां मौजूद भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं करीब 400 भारतीय नागरिक चीन में सुरक्षित बताए गए हैं।
दूसरी ओर, लगभग 320 भारतीयों के लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में नेपाल में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद विदेशी नागरिकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
नेपाल की सेना और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार उन इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जहां बाढ़ और मलबे के कारण लोगों के फंसे होने की आशंका है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे रेस्क्यू वीडियो
बाढ़ के बीच नेपाली सेना के जवानों की बहादुरी दिखाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। खासकर कीचड़ से भरी सुरंग में जवानों के घुसने वाला वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है।
इन तस्वीरों में रेस्क्यू टीम की चुनौती साफ दिखाई देती है। एक तरफ तेज बाढ़, मलबा और खराब मौसम है, तो दूसरी तरफ सुरंगों और इमारतों में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की जिम्मेदारी।
नेपाल में राहत अभियान अभी भी जारी है और बचाव दलों की प्राथमिकता मलबे और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचना है। हर सफल रेस्क्यू उन परिवारों के लिए उम्मीद लेकर आ रहा है, जो अपने अपनों के सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहे हैं।


