Share Market Rally: रक्षाबंधन के दिन घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली। आईटी शेयरों में जोरदार तेजी, एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और India VIX में गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी को सहारा दिया। हालांकि, ऊपरी स्तरों से बाजार में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
28 अगस्त को सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन BSE Sensex 330.92 अंक यानी 0.43% की बढ़त के साथ 77,264.51 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 में 84.80 अंक यानी 0.35% की तेजी रही और यह 24,175.65 के स्तर पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान बाजार ने इससे भी बेहतर प्रदर्शन किया। सेंसेक्स एक समय 424.38 अंक उछलकर 77,986.84 तक पहुंच गया था। निफ्टी भी इंट्रा-डे में 97.45 अंक चढ़कर 24,188.30 के स्तर तक पहुंचा। इस तरह लगातार दो कारोबारी सत्रों में दबाव के बाद घरेलू बाजार में आखिरकार खरीदारी का माहौल देखने को मिला।
बाजार में तेजी की 3 बड़ी वजहें
1. IT सेक्टर में जोरदार खरीदारी
आज की बाजार तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.51% की तेजी के साथ बंद हुआ।
आईटी के अलावा मेटल और फार्मा शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दोनों सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में करीब आधा-आधा फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि, बाजार के सभी सेक्टर हरे निशान में नहीं रहे। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में करीब आधा फीसदी की कमजोरी रही। इसके अलावा प्राइवेट बैंकिंग और ऑटो शेयरों पर भी दबाव दिखाई दिया।
इससे साफ है कि आज की तेजी पूरे बाजार में समान रूप से नहीं थी, बल्कि कुछ चुनिंदा सेक्टरों और खासकर आईटी शेयरों ने इंडेक्स को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई।
2. India VIX में आई गिरावट
शेयर बाजार की चाल में India VIX भी एक महत्वपूर्ण संकेतक है। इसे बाजार का ‘फियर इंडेक्स’ कहा जाता है और इसमें बदलाव से निवेशकों की निकट अवधि की धारणा का अंदाजा लगाया जाता है।
28 अगस्त को India VIX में 4.13% की गिरावट आई और यह 10.61 के स्तर पर बंद हुआ।
VIX में गिरावट को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि इसका मतलब है कि निकट अवधि में बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की आशंका कम हुई है। इसके उलट VIX में तेजी अक्सर बढ़ती अस्थिरता और निवेशकों की बढ़ती चिंता का संकेत देती है।
आज VIX में नरमी ने भी बाजार की धारणा को बेहतर बनाने में मदद की।
3. एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
घरेलू बाजार को एशियाई शेयर बाजारों से भी सपोर्ट मिला। अधिकतर प्रमुख एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख ने भारतीय बाजार में निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत किया।
ग्लोबल मार्केट में सकारात्मक संकेत मिलने पर घरेलू निवेशकों को भी खरीदारी का भरोसा मिला। इसका असर खास तौर पर आईटी और अन्य चुनिंदा बड़े शेयरों में देखने को मिला।
Sensex-Nifty में आज कैसी रही चाल?
शुरुआती कारोबार से ही बाजार में खरीदारी का रुझान दिखाई दिया। दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 77,986.84 और निफ्टी ने 24,188.30 का इंट्रा-डे हाई बनाया।
हालांकि, ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली के कारण बाजार दिन के उच्च स्तर से नीचे आ गया। इसके बावजूद दोनों प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे।
| इंडेक्स | इंट्रा-डे हाई | क्लोजिंग | बदलाव |
|---|---|---|---|
| Sensex | 77,986.84 | 77,264.51 | +330.92 अंक |
| Nifty 50 | 24,188.30 | 24,175.65 | +84.80 अंक |
ब्रोडर मार्केट में भी माहौल सकारात्मक रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों हरे निशान में बंद हुए।
Nifty का अगला टेक्निकल लेवल क्या है?
ब्रोकरेज फर्म Bajaj Broking के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी फिलहाल 24,000 से 24,350 के दायरे में रह सकता है। बाजार के लिए 24,360 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगर निफ्टी 24,360 के ऊपर मजबूती से क्लोजिंग देने में सफल होता है, तो यह एक महत्वपूर्ण ब्रेकआउट माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में निफ्टी की रिकवरी आगे बढ़कर 24,550 से 24,700 के जोन तक जा सकती है।
दूसरी ओर, नीचे की तरफ 24,000 से 23,800 का क्षेत्र निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन माना जा रहा है। यानी आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,360 का रेजिस्टेंस और 24,000-23,800 का सपोर्ट बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
आज की तेजी से बाजार में कुछ सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन इसे अभी पूरी तरह मजबूत ट्रेंड की वापसी मानना जल्दबाजी होगी। निफ्टी अभी भी महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
आईटी शेयरों में तेजी, VIX में गिरावट और ग्लोबल संकेतों ने बाजार को सपोर्ट दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि निफ्टी 24,360 के ऊपर टिकता है या नहीं।
अगर यह स्तर decisively पार होता है, तो बाजार में आगे की रिकवरी के लिए रास्ता खुल सकता है। वहीं, 24,000 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 23,800 का स्तर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए बाजार संबंधी आंकड़े और विश्लेषण उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। ब्रोकरेज या एक्सपर्ट की राय उनके अपने विचार हैं। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह जरूर लें।


