FMGE Exam 2026: विदेश से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने वाले भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए आयोजित होने वाली Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। नए प्रस्ताव के तहत छात्रों को साल में दो की जगह तीन बार FMGE परीक्षा देने का मौका मिल सकता है।
इसके अलावा, वर्ष 2026 में ही छात्रों को एक अतिरिक्त परीक्षा का अवसर देने का फैसला किया गया है। जून 2026 की FMGE परीक्षा को लेकर छात्रों की ओर से उठाई गई आपत्तियों और विरोध के बाद अक्टूबर 2026 के अंत तक एक और FMGE परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना है। इससे उन विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को राहत मिल सकती है, जो जून की परीक्षा में सफल नहीं हो पाए हैं या किसी वजह से परीक्षा को लेकर असंतुष्ट हैं।
NBEMS और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक
FMGE को लेकर यह बदलाव NBEMS अधिकारियों और ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन, फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट विंग (AIMSA-FMSW) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद सामने आया है।
जून 2026 की FMGE परीक्षा के बाद परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों की कठिनाई और परिणाम से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों में नाराजगी थी। कुछ छात्रों ने विरोध और अनशन भी किया था। बैठक के दौरान NBEMS की ओर से कई मांगों और सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया, जिसके बाद छात्र संगठन ने अपना विरोध वापस लेने का फैसला किया।
हालांकि, एक बात साफ कर दी गई है कि FMGE के क्वालीफाइंग मार्क्स में कोई बदलाव नहीं होगा। परीक्षा पास करने के लिए उम्मीदवार को 300 में से कम से कम 150 अंक, यानी 50 फीसदी अंक हासिल करने होंगे।
साल में 3 बार हो सकती है FMGE परीक्षा
FMGE में प्रस्तावित सबसे बड़ा बदलाव परीक्षा की संख्या से संबंधित है। अभी यह परीक्षा सामान्य तौर पर साल में दो बार आयोजित होती है। नई व्यवस्था लागू होने पर अगले सत्र से इसे साल में तीन बार आयोजित किया जा सकता है।
संभावित परीक्षा चक्र इस तरह हो सकते हैं:
- दिसंबर/जनवरी
- अप्रैल/मई
- अगस्त/सितंबर
इस बदलाव का सीधा फायदा उन छात्रों को होगा, जिन्हें एक प्रयास में सफलता नहीं मिलती। उन्हें अगले प्रयास के लिए छह महीने या उससे अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए FMGE भारत में मेडिकल रजिस्ट्रेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। इसलिए परीक्षा के अवसर बढ़ने से छात्रों को अपनी तैयारी और करियर की योजना बनाने में अधिक लचीलापन मिल सकता है।
अक्टूबर 2026 में मिलेगा अतिरिक्त मौका
साल में तीन बार परीक्षा कराने की प्रस्तावित व्यवस्था के अलावा 2026 में एक अतिरिक्त FMGE परीक्षा आयोजित करने की तैयारी है।
जून 2026 की परीक्षा को लेकर छात्रों के विरोध के बाद NBEMS ने अक्टूबर 2026 के अंत तक एक और परीक्षा आयोजित करने का भरोसा दिया है। इसका अर्थ है कि जिन उम्मीदवारों को जून के प्रयास में सफलता नहीं मिली, उनके पास उसी वर्ष दोबारा परीक्षा देने का अवसर हो सकता है।
हालांकि, उम्मीदवारों को परीक्षा की आधिकारिक तारीख, आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत नोटिफिकेशन के लिए NBEMS की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
परीक्षा का कटऑफ 150 अंक ही रहेगा
परीक्षा के प्रयास बढ़ाए जाने का मतलब यह नहीं है कि FMGE को पास करना आसान कर दिया जाएगा। NBEMS ने स्पष्ट किया है कि 300 में से 150 अंक का न्यूनतम क्वालीफाइंग मानदंड बरकरार रहेगा।
यानी उम्मीदवारों को परीक्षा पास करने के लिए कम से कम 50 फीसदी अंक हासिल करने ही होंगे। अधिक प्रयास उपलब्ध होने से अवसर बढ़ेंगे, लेकिन प्रत्येक प्रयास में निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य रहेगा।
प्रश्नपत्र में कठिनाई का स्तर संतुलित रखने की तैयारी
FMGE के प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों की एक प्रमुख चिंता प्रश्नों के कठिनाई स्तर को लेकर भी रही है। प्रस्तावित बदलाव के तहत प्रश्नपत्र को अधिक संतुलित बनाने पर जोर दिया जाएगा।
बताए गए पैटर्न के अनुसार प्रश्नपत्र में लगभग:
- 30 फीसदी आसान प्रश्न
- 50 फीसदी मध्यम स्तर के प्रश्न
- 20 फीसदी कठिन प्रश्न
रखे जाने की योजना है।
इससे प्रश्नपत्र में कठिनाई का स्तर अधिक संतुलित रहने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम परीक्षा पैटर्न और विस्तृत ब्लूप्रिंट की जानकारी NBEMS के आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद ही स्पष्ट होगी।
FMGE की आवेदन फीस भी हो सकती है कम
छात्रों के लिए एक और राहत परीक्षा शुल्क से जुड़ी है। NBEMS ने आगामी परीक्षा चक्रों से FMGE की आवेदन फीस कम करने की बात कही है।
विदेश में मेडिकल शिक्षा पूरी करने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए आवेदन, यात्रा और अन्य प्रक्रियाओं पर पहले से खर्च करना पड़ता है। ऐसे में आवेदन शुल्क में कमी छात्रों के आर्थिक बोझ को कुछ हद तक कम कर सकती है।
परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी
FMGE से जुड़ी शिकायतों में पारदर्शिता भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। अब उम्मीदवारों को परीक्षा के बाद अपने प्रदर्शन से जुड़ी अधिक जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था में छात्रों को पोर्टल पर निम्न जानकारी देखने की सुविधा मिल सकती है:
- प्रश्न ID
- सही उत्तर की ID
- उम्मीदवार द्वारा मार्क किया गया उत्तर
- प्राप्त अंक
इससे उम्मीदवार अपने प्रदर्शन को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और किसी प्रश्न या उत्तर को लेकर आपत्ति होने पर संबंधित जानकारी का इस्तेमाल कर सकेंगे।
बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय
FMGE परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक और अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को लेकर भी छात्रों की चिंताएं सामने आई थीं।
अब हर सेक्शन में बायोमेट्रिक प्रक्रिया में लगने वाले समय की भरपाई के लिए एक मिनट अतिरिक्त समय देने का प्रावधान किया जा सकता है। हालांकि एक शिफ्ट में अधिकतम तीन मिनट तक अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
इससे परीक्षा के दौरान प्रशासनिक प्रक्रिया की वजह से उम्मीदवारों के परीक्षा समय पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने की कोशिश होगी।
जून 2026 FMGE विवाद पर क्या अपडेट है?
जून 2026 की FMGE परीक्षा को लेकर मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा था। इस मामले की सुनवाई के दौरान NBEMS की ओर से बताया गया कि जून 2026 की परीक्षा में 14 वीडियो-बेस्ड प्रश्न शामिल किए गए थे।
FMGE से जुड़े मामलों और शिकायतों को अधिक प्रभावी तरीके से सुनने के लिए NBEMS अपनी शिकायत निवारण समिति में एक विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) प्रतिनिधि को शामिल करने के अनुरोध पर भी विचार कर सकता है।
इस कदम से छात्रों और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के बीच संवाद बेहतर होने की उम्मीद है।
विदेशी मेडिकल छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है FMGE?
जो भारतीय छात्र विदेश से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करते हैं, उनके लिए भारत में मेडिकल प्रैक्टिस या रजिस्ट्रेशन से पहले निर्धारित नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करना जरूरी होता है। FMGE इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
अगर साल में तीन बार परीक्षा कराने की व्यवस्था लागू होती है, तो असफल उम्मीदवारों को अगले प्रयास के लिए कम समय इंतजार करना पड़ेगा। इससे उनकी इंटर्नशिप, रजिस्ट्रेशन और आगे के करियर की योजना प्रभावित होने की संभावना भी कम हो सकती है।
हालांकि, उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि परीक्षा के अवसर बढ़ने का अर्थ क्वालीफाइंग मानदंड में कमी नहीं है। 150/300 का न्यूनतम स्कोर हासिल करना जरूरी रहेगा।
छात्रों के लिए आगे क्या करना जरूरी है?
FMGE 2026 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को फिलहाल आधिकारिक नोटिफिकेशन पर नजर रखनी चाहिए। अक्टूबर 2026 की अतिरिक्त परीक्षा की तारीख, आवेदन की शुरुआत, फीस, परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी NBEMS की ओर से जारी की जाएगी।
साथ ही, साल में तीन बार परीक्षा कराने की प्रस्तावित व्यवस्था कब से और किस परीक्षा चक्र से लागू होगी, इसकी अंतिम जानकारी भी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, FMGE में साल में तीन प्रयास, अक्टूबर 2026 में अतिरिक्त मौका, कम आवेदन शुल्क, परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने और अतिरिक्त समय जैसे प्रस्ताव विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकते हैं। इससे उम्मीदवारों को परीक्षा पास करने के लिए अधिक अवसर और अपनी तैयारी सुधारने के लिए बेहतर समय मिल सकता है।


