Metro Station Office Connectivity: पुणे के हिंजेवाड़ी IT पार्क में मेट्रो यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पांच प्रमुख कंपनियों के ऑफिस कैंपस को मेट्रो स्टेशनों से सीधे जोड़ने के लिए फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे कर्मचारियों को व्यस्त सड़कों को पार करने की जरूरत कम होगी और पीक आवर्स में ट्रैफिक पर भी दबाव घटने की उम्मीद है।
पुणे: कल्पना कीजिए कि आप सुबह मेट्रो से ऑफिस पहुंचे और स्टेशन से बाहर निकलते ही सड़क पार करने या ट्रैफिक में चलने के बजाय सीधे एक फुट ओवरब्रिज के जरिए अपने ऑफिस कैंपस में प्रवेश कर गए। पुणे के हिंजेवाड़ी IT पार्क में कर्मचारियों को जल्द ऐसी ही सुविधा मिल सकती है। यहां मेट्रो स्टेशनों को आसपास के बड़े ऑफिस कैंपस से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
5 IT कंपनियों को भेजा गया प्रस्ताव
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MIDC) और पुणे IT सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड (PITCMRL) ने हिंजेवाड़ी IT पार्क की पांच बड़ी कंपनियों से अपने ऑफिस कैंपस को मेट्रो स्टेशनों से जोड़ने के लिए FOB बनाने का अनुरोध किया है।
इस क्षेत्र में मेट्रो कॉरिडोर के एक हिस्से के जल्द शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में अधिकारियों की कोशिश है कि मेट्रो से उतरने के बाद यात्रियों को व्यस्त सड़कों और ट्रैफिक के बीच से होकर ऑफिस तक न जाना पड़े।
करीब 90 हजार कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा
हिंजेवाड़ी पुणे का प्रमुख IT हब है और यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना काम के लिए पहुंचते हैं। प्रस्तावित पांच ऑफिस कैंपस में करीब 90,000 कर्मचारी काम करते हैं।
पीक ऑफिस टाइम में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के मेट्रो का इस्तेमाल करने की संभावना है। ऐसे में स्टेशन और ऑफिस के बीच सीधा पैदल संपर्क बनने से सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। इससे सुरक्षा बढ़ने के साथ-साथ आसपास के ट्रैफिक को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
FOB बनाने का खर्च कंपनियां उठाएंगी
इस योजना में MIDC और संबंधित IT कंपनियां मिलकर काम करेंगी। प्रस्ताव के अनुसार, FOB के पिलर के लिए जरूरी जमीन MIDC उपलब्ध कराएगा, जबकि पुल के निर्माण का खर्च संबंधित IT कंपनियों को उठाना होगा।
MIDC के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आरजी टोटला ने TOI को बताया कि एक टेक कंपनी और एक डेवलपर-ऑपरेटेड बिजनेस पार्क ने FOB बनाने में रुचि दिखाई है। इनके लिए औपचारिक मंजूरी भी जारी की जा चुकी है।
इसके अलावा तीन अन्य कंपनियों से भी इसी तरह के फुट ओवरब्रिज बनाने को लेकर बातचीत चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इन कंपनियों की तरफ से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
सड़क पर ट्रैफिक और पैदल यात्रियों की परेशानी होगी कम
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को मिल सकता है, जिन्हें रोजाना ऑफिस और मेट्रो स्टेशन के बीच व्यस्त सड़क पार करनी पड़ती है। हिंजेवाड़ी में ऑफिस टाइम के दौरान ट्रैफिक काफी बढ़ जाता है। ऐसे में स्टेशन से सीधे ऑफिस कैंपस तक पैदल कनेक्टिविटी मिलने पर कर्मचारियों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकती है।
FOB बनने से मेट्रो का इस्तेमाल करने वाले लोगों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा। मेट्रो स्टेशन केवल सार्वजनिक परिवहन का पड़ाव न रहकर आसपास के बड़े ऑफिस कैंपस से सीधे जुड़ सकेगा।
स्थानीय लोगों ने भी किया स्वागत
MIDC के इस प्रस्ताव को स्थानीय निवासियों की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। हालांकि, कुछ निवासियों ने इलाके की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
हिंजेवाड़ी निवासी समीर के मुताबिक, मेट्रो कॉरिडोर के नीचे की सड़क पहले की तुलना में संकरी और खराब स्थिति में हो गई है। ऐसे में मेट्रो स्टेशन से ऑफिस तक सीधे FOB बनने पर यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी और उनका सड़क पर ट्रैफिक के बीच चलना भी कम होगा।
पुणे के बाद दूसरे शहरों के लिए भी बन सकता है मॉडल
हिंजेवाड़ी में लागू होने वाली यह व्यवस्था सफल रहती है तो दूसरे बड़े IT हब में भी इसे अपनाने की संभावना बन सकती है। खासतौर पर उन शहरों में जहां मेट्रो स्टेशन बड़े IT पार्क और कॉर्पोरेट कैंपस के आसपास बनाए गए हैं।
इस तरह की सीधी पैदल कनेक्टिविटी से मेट्रो + ऑफिस के बीच आखिरी दूरी तय करना आसान हो सकता है। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।


