Asian Market Today: शुक्रवार, 28 अगस्त को एशियाई शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का Kospi करीब 1% की गिरावट के साथ क्षेत्रीय बाजारों में सबसे कमजोर रहा। वहीं जापान के शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। निवेशकों की नजर अब अमेरिका के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल भाषण पर टिकी है, जिससे ब्याज दरों की अगली दिशा को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है।
अमेरिकी बाजार में Nvidia के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद उसके शेयरों में करीब 9% की जोरदार तेजी आई, जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी का माहौल मजबूत हुआ। इसके चलते Nasdaq में भी करीब डेढ़ फीसदी की तेजी देखने को मिली। अब बाजार का फोकस फेड चेयरमैन के भाषण पर है, क्योंकि उनके बयान से आने वाले महीनों में अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की रणनीति प्रभावित हो सकती है।
एशियाई बाजारों में कैसी रही चाल?
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में दक्षिण कोरिया का Kospi 1.04% गिर गया, जिससे यह प्रमुख एशियाई बाजारों में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। MSCI का व्यापक एशिया-पैसिफिक इंडेक्स भी मामूली गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
हांगकांग के बाजार को लेकर भी शुरुआत कमजोर रहने के संकेत मिले। Hang Seng Futures में करीब 0.5% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके विपरीत जापान के शेयर बाजार में तेजी रही। Nikkei 225 में 0.66% और Topix में 1.04% की बढ़त देखने को मिली। जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 159.33 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।
इस तरह एशियाई बाजारों में शुक्रवार को निवेशकों का रुख एक जैसा नहीं रहा। जहां कुछ बाजारों पर अमेरिकी ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का दबाव रहा, वहीं जापानी शेयरों को खरीदारी का समर्थन मिला।
वॉल स्ट्रीट में Nvidia की तेजी का असर
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। इसका सबसे बड़ा कारण Nvidia के शेयरों में करीब 9% की तेजी रही। कंपनी के बेहतर नतीजों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते S&P 500 और Nasdaq Composite ने 4 अगस्त के बाद अपना सबसे मजबूत एक-दिवसीय प्रदर्शन दर्ज किया।
हालांकि शुक्रवार के शुरुआती संकेत अपेक्षाकृत शांत रहे। S&P 500 से जुड़े फ्यूचर्स में करीब 0.1% की मामूली गिरावट रही। Nasdaq 100 Futures भी लगभग 0.2% नीचे थे। Dow Jones Industrial Average Futures में करीब 28 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
यानी Nvidia के नतीजों से अमेरिकी बाजार की धारणा मजबूत हुई है, लेकिन निवेशक अब फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं।
Jackson Hole में Fed चेयरमैन के भाषण पर नजर
वैश्विक बाजारों के लिए शुक्रवार का सबसे बड़ा ट्रिगर Jackson Hole Economic Symposium में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श का भाषण है।
यह कार्यक्रम फेड की औपचारिक मौद्रिक नीति बैठक नहीं है, लेकिन बाजार के लिए इसके बयान बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। निवेशक यह जानने की कोशिश करेंगे कि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर फेड का अगला कदम क्या हो सकता है।
खासकर महंगाई, आर्थिक विकास और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर चेयरमैन की टिप्पणी से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर, सोना और दुनियाभर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
CME FedWatch Tool के मुताबिक, फेड फंड्स फ्यूचर्स फिलहाल करीब 64% संभावना दिखा रहे हैं कि केंद्रीय बैंक अगले महीने की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव भी बाजार के लिए अहम
वैश्विक बाजारों के लिए अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी एक अहम जोखिम बना हुआ है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों को संकेत दिया है कि वह जून में हुए समझौते के पुराने प्रारूप को दोबारा शुरू करने में फिलहाल दिलचस्पी नहीं रखता।
इससे अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की कोशिशें और मुश्किल हो सकती हैं।
इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि वह ईरान के साथ बातचीत में शामिल नहीं है, जबकि कई देश दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों ने भी तनाव बढ़ाया है। वॉशिंगटन ने इन्हें बेहद कड़े प्रतिबंध बताया है, जबकि ईरान ने इनका विरोध करते हुए इन्हें अमानवीय और शत्रुतापूर्ण कदम बताया।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। तेल बाजार में निवेशकों की नजर एक तरफ अमेरिका-ईरान संबंधों पर है, तो दूसरी तरफ वैश्विक मांग और सप्लाई से जुड़े संकेतों पर भी बनी हुई है।
Brent Crude Futures 25 सेंट यानी 0.3% गिरकर 89.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं WTI Crude Futures 22 सेंट यानी 0.3% की गिरावट के साथ 83.31 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
साप्ताहिक आधार पर भी दोनों प्रमुख बेंचमार्क दबाव में हैं। इस सप्ताह Brent में करीब 5.3%, जबकि WTI में करीब 4.3% की गिरावट दर्ज की गई है।
तेल की कीमतों में कमजोरी का असर आगे चलकर महंगाई और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति पर भी पड़ सकता है। इसलिए दुनियाभर के निवेशक क्रूड मार्केट की चाल पर भी नजर रख रहे हैं।
सोने की कीमत आज
शुक्रवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में सोने की कीमतों में ज्यादा हलचल नहीं रही। निवेशक Jackson Hole में फेड चेयरमैन के भाषण का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
0041 GMT तक Spot Gold करीब 0.2% गिरकर 4,589.85 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं US Gold Futures करीब 0.5% गिरकर 4,642.60 डॉलर पर रहा।
ब्याज दरों को लेकर फेड के संकेत सोने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। अगर बाजार को ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बढ़ती है, तो सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है। वहीं, ज्यादा समय तक ऊंची ब्याज दरों का संकेत मिलने पर सोने पर दबाव देखने को मिल सकता है।
भारतीय बाजार के लिए क्यों अहम है एशियाई संकेत?
एशियाई बाजारों की मिली-जुली चाल और अमेरिकी बाजार में Nvidia के नेतृत्व में आई तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत हैं। हालांकि घरेलू बाजार की दिशा केवल वैश्विक संकेतों से तय नहीं होगी। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेड की टिप्पणी, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी रहेगी।
शुक्रवार को बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है क्योंकि Jackson Hole से आने वाले संकेत वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों और जोखिम वाली संपत्तियों को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों को किन संकेतों पर नजर रखनी चाहिए?
- Fed Chair Kevin Warsh का Jackson Hole भाषण
- अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर आगे की रणनीति
- डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की चाल
- Brent और WTI Crude की कीमत
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़े नए अपडेट
- Nvidia और टेक्नोलॉजी शेयरों की मजबूती
- एशियाई बाजारों में विदेशी निवेशकों की गतिविधि
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