8th Pay Commission Updates: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था और उसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि आयोग की रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आ सकती है। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद उसकी सिफारिशों को लागू करने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी।
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। आयोग कर्मचारियों, पेंशनर्स, संगठनों और यूनियनों से लगातार सुझाव और प्रतिनिधित्व ले रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, अगस्त 2026 में दिल्ली में बातचीत के बाद जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में भी कार्यक्रम तय किए गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी। इसका जवाब मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर और आयोग की अंतिम सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
फिटमेंट फैक्टर से तय होगा कितना बढ़ेगा बेसिक पे
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को संशोधित करने का अनुमान लगाया जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के लिए अभी तक सरकार की ओर से कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया गया है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है। कुछ संगठनों ने 3.833 या 4 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। लेकिन इन मांगों को सरकार या 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश नहीं माना जा सकता।
यानी अभी यह कहना सही नहीं होगा कि कर्मचारियों की सैलरी निश्चित रूप से 3.833 या 4 गुना हो जाएगी। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिश और उसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
ASO, इंस्पेक्टर्स और जूनियर इंजीनियर्स की सैलरी का हिसाब
केंद्रीय सरकारी नौकरियों में कई पद अलग-अलग पे लेवल में आते हैं। उदाहरण के लिए, यहां लेवल-5 और लेवल-6 के मौजूदा बेसिक पे को लेकर संभावित गणना समझी जा सकती है।
7वें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के मुताबिक:
- लेवल-5 का शुरुआती बेसिक पे: ₹29,200
- लेवल-6 का शुरुआती बेसिक पे: ₹35,400
अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2 रखा जाता है, तो केवल उदाहरण के तौर पर बेसिक पे इस तरह निकाला जा सकता है:
लेवल-5: ₹29,200 × 2 = ₹58,400
लेवल-6: ₹35,400 × 2 = ₹70,800
यहां ध्यान रखना जरूरी है कि यह केवल संभावित गणना है। वास्तविक पे रिवीजन में आयोग किस फॉर्मूले को अपनाता है, यह अभी तय नहीं हुआ है।
फिटमेंट फैक्टर 2.25 हुआ तो कितना बेसिक पे?
अगर उदाहरण के तौर पर फिटमेंट फैक्टर 2.25 रहता है, तो लेवल-5 और लेवल-6 के बेसिक पे की संभावित गणना इस प्रकार होगी।
| मौजूदा पे लेवल | मौजूदा बेसिक | फिटमेंट फैक्टर 2 | फिटमेंट फैक्टर 2.25 | फिटमेंट फैक्टर 2.5 |
|---|---|---|---|---|
| लेवल-5 | ₹29,200 | ₹58,400 | ₹65,700 | ₹73,000 |
| लेवल-6 | ₹35,400 | ₹70,800 | ₹79,650 | ₹88,500 |
इस हिसाब से अगर फिटमेंट फैक्टर 2.5 तक जाता है तो लेवल-5 का बेसिक पे ₹73,000 और लेवल-6 का बेसिक पे ₹88,500 हो सकता है। लेकिन फिर से स्पष्ट कर दें कि ये अनुमानित गणनाएं हैं, 8वें वेतन आयोग की घोषित सैलरी नहीं।
क्या बेसिक सैलरी सीधे दोगुनी हो जाएगी?
यह सवाल काफी महत्वपूर्ण है। अगर भविष्य में आयोग 2 का फिटमेंट फैक्टर तय करता है और मौजूदा बेसिक पे पर यही गुणक लागू किया जाता है, तो ऊपर दिए गए उदाहरण के मुताबिक बेसिक पे दोगुना दिखाई देगा।
लेकिन कर्मचारी की कुल सैलरी यानी ग्रॉस सैलरी सिर्फ बेसिक पे से तय नहीं होती। इसमें महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्ते भी भूमिका निभाते हैं।
इसलिए बेसिक पे में 100 फीसदी बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी की कुल इन-हैंड सैलरी भी 100 फीसदी बढ़ जाएगी।
इसके अलावा, नए वेतन आयोग में मौजूदा DA को किस तरह समायोजित किया जाएगा और नए वेतन ढांचे में भत्तों की गणना किस तरीके से होगी, यह भी अंतिम सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा।
8वें वेतन आयोग को कब देनी है रिपोर्ट?
केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी की थी। आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का अधिकार दिया गया है।
इस समयसीमा को देखें तो आयोग की रिपोर्ट लगभग मई 2027 तक आने की संभावना बनती है। हालांकि, रिपोर्ट तैयार होने की तारीख और सरकार द्वारा सिफारिशों को लागू करने की तारीख एक ही होना जरूरी नहीं है।
सरकार रिपोर्ट मिलने के बाद उसकी समीक्षा करेगी और वित्तीय प्रभाव समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला लेगी। 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में भी आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन और सरकारी वित्त पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखने की बात कही गई है।
आयोग कर रहा है कर्मचारियों और संगठनों से बातचीत
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया केवल सैलरी तय करने तक सीमित नहीं है। आयोग कर्मचारियों, पेंशनर्स, यूनियनों, संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव ले रहा है।
आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारियों और संगठनों के साथ बातचीत के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अगस्त में दिल्ली में बातचीत के बाद जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ के दौरे भी निर्धारित हैं।
इसके अलावा आयोग ने 2026 की शुरुआत में एक प्रश्नावली के जरिए भी कर्मचारियों, पेंशनर्स, यूनियनों, सरकारी विभागों और अन्य संबंधित पक्षों से राय मांगी थी। इस प्रक्रिया में 18 सवालों के जरिए इनपुट लिया गया और जवाब जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 थी।
सैलरी बढ़ोतरी को लेकर अभी क्यों नहीं है स्पष्ट तस्वीर?
8वें वेतन आयोग को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में कई तरह के फिटमेंट फैक्टर बताए जा रहे हैं। कहीं 2.57, कहीं 2.86, तो कहीं 3.83 या 4 के आंकड़े सामने आते हैं।
लेकिन इन आंकड़ों को लेकर सावधानी जरूरी है। अभी 8वें वेतन आयोग ने अंतिम फिटमेंट फैक्टर की घोषणा नहीं की है।
कर्मचारी संगठन अपनी मांग रख सकते हैं, लेकिन मांग और अंतिम सरकारी निर्णय अलग-अलग चीजें हैं। इसलिए किसी भी कर्मचारी की संभावित सैलरी निकालते समय अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर केवल अनुमान लगाया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर अगर लेवल-5 के ₹29,200 बेसिक पर 2, 2.25 और 2.5 का गुणक लगाया जाए तो क्रमशः ₹58,400, ₹65,700 और ₹73,000 का बेसिक पे निकलता है। इसी तरह लेवल-6 के ₹35,400 बेसिक पर ये आंकड़े ₹70,800, ₹79,650 और ₹88,500 होंगे।
कब से मिल सकता है बढ़ी हुई सैलरी का फायदा?
यहां सबसे ज्यादा भ्रम की स्थिति है। केंद्र सरकार ने कहा है कि सामान्य तौर पर वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव 10 साल के अंतराल के हिसाब से अपेक्षित होता है और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का प्रभाव सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित माना गया है।
लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि संशोधित वेतन जनवरी 2026 से ही कर्मचारियों के खाते में आना शुरू हो गया है। आयोग अभी अपनी प्रक्रिया में है और उसे रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार उसकी सिफारिशों पर फैसला करेगी। इसलिए वास्तविक भुगतान और एरियर की स्थिति सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग से ASO, इंस्पेक्टर्स, जूनियर इंजीनियर्स और दूसरे केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद जरूर है, लेकिन अभी अंतिम सैलरी बताना संभव नहीं है। सबसे बड़ा फैक्टर फिटमेंट फैक्टर होगा।
अगर केवल उदाहरण के लिए 2 का फिटमेंट फैक्टर लिया जाए तो लेवल-5 का बेसिक ₹29,200 से बढ़कर ₹58,400 और लेवल-6 का ₹35,400 से बढ़कर ₹70,800 हो सकता है। वहीं 2.25 के फैक्टर पर ये रकम क्रमशः ₹65,700 और ₹79,650 तथा 2.5 के फैक्टर पर ₹73,000 और ₹88,500 हो सकती है।
हालांकि ये केवल अनुमानित गणनाएं हैं। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश, फिटमेंट फैक्टर, पे मैट्रिक्स और भत्तों में बदलाव की तस्वीर आयोग की रिपोर्ट और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगी।


