Vaibhav Sooryavanshi: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली और जून में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच राहुल द्रविड़ ने वैभव के करियर को लेकर अहम सलाह दी है। द्रविड़ का मानना है कि वैभव को सिर्फ व्हाइट-बॉल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रेड-बॉल क्रिकेट पर भी पर्याप्त ध्यान देना चाहिए।
IPL के बाद टीम इंडिया तक पहुंचे वैभव
महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया। इसके बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा।
हालांकि, वैभव के लिए रेड-बॉल क्रिकेट का सफर अभी शुरुआती दौर में है। रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों में 12 पारियां खेलते हुए 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के चलते वह घरेलू क्रिकेट में लगातार हिस्सा भी नहीं ले सके।
दिलीप ट्रॉफी में रेड-बॉल क्रिकेट पर नजर
अब वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह टूर्नामेंट उनके लिए रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने और ज्यादा अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मौका होगा।
इसी को ध्यान में रखते हुए राहुल द्रविड़ ने वैभव के करियर में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया है। द्रविड़ के मुताबिक, आईपीएल और भारतीय टीम के साथ व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने के साथ वैभव को घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट भी खेलना चाहिए।
राहुल द्रविड़ ने वैभव को क्या सलाह दी?
क्रिकइंफो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा कि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए करियर में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार वैभव को अभी अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दौर में अनुभव हासिल करने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।
द्रविड़ ने कहा कि यह अच्छी बात है कि वैभव को आईपीएल के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही उनके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और इस प्रारूप में अपने खेल को विकसित करने का पूरा समय है।
उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट को मजबूत बनाए रखने के लिए वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों की जरूरत है, जो भविष्य में क्रिकेट के सभी प्रारूपों में खेलने की क्षमता रखते हों।
‘जल्दबाजी की जरूरत नहीं, अभी काफी समय है’
राहुल द्रविड़ ने वैभव की कम उम्र को देखते हुए धैर्य रखने की सलाह दी है। उन्होंने माना कि वैभव ने अपने करियर की शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल कर ली है, लेकिन किसी भी क्रिकेटर के करियर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
द्रविड़ के मुताबिक, वैभव के पास अभी लंबा करियर है और उन्हें अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वैभव ने अभी तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट काफी कम खेला है।
वैभव के लिए क्यों अहम है रेड-बॉल क्रिकेट?
रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से युवा बल्लेबाजों को लंबे समय तक क्रीज पर टिकने, धैर्य रखने और अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का अनुभव मिलता है। वैभव के लिए घरेलू क्रिकेट में ज्यादा मुकाबले खेलना उनके तकनीकी खेल को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
राहुल द्रविड़ ने भी इसी दिशा में संकेत देते हुए कहा कि वैभव को समय देने की जरूरत है। कम उम्र में मिली सफलता के बाद उनके ऊपर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव बनना स्वाभाविक है, लेकिन उनके विकास के लिए धैर्य रखना जरूरी होगा।
फिलहाल वैभव सूर्यवंशी के सामने दिलीप ट्रॉफी में रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाने का मौका है। अगर वह इस प्रारूप में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो आने वाले वर्षों में उन्हें भारतीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में खुद को स्थापित करने का मौका मिल सकता है।


