Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत से पहले कई अहम खबरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। बॉन्ड यील्ड में नरमी, गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 अंकों की तेजी और अमेरिकी टेक शेयरों में खरीदारी से घरेलू बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार में लगातार बनी अस्थिरता अब भी चिंता का विषय हैं। ऐसे में कोई भी ट्रेड लेने से पहले इन प्रमुख खबरों पर नजर डालना जरूरी है।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 19 अगस्त को लगातार गिरावट का सिलसिला जारी रहा। कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली बढ़ती गई। डिफेंस और एनर्जी सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखने को मिला, जबकि IT शेयरों ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया।
कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 325.78 अंक यानी 0.42 फीसदी गिरकर 76,909.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 76.60 अंक यानी 0.32 फीसदी टूटकर 24,078.30 पर बंद हुआ। अब गुरुवार के कारोबार में निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों और घरेलू स्तर पर आने वाली इन अहम खबरों पर रहेगी।
गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे तेजी के संकेत
गुरुवार की शुरुआत से पहले गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 अंकों की तेजी देखने को मिल रही है। इससे भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत सकारात्मक नजर आ रहे हैं। हालांकि, केवल गिफ्ट निफ्टी की तेजी के आधार पर ट्रेड लेना उचित नहीं होगा।
बाजार की दिशा तय करने में ग्लोबल बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमत, डॉलर इंडेक्स और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी अहम भूमिका निभाएंगी।
SEBI का बड़ा एक्शन, दो एंटिटीज पर बाजार में कामकाज पर रोक
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 13 अगस्त को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दौरान हुई गड़बड़ी के मामले में बड़ा एक्शन लिया है। रेगुलेटर ने Copthall Mauritius और Mansi Share पर शेयर बाजार से जुड़े कारोबार में रोक लगाई है।
SEBI ने कथित मार्केट मैन्युपुलेशन से हासिल किए गए करीब 3.68 करोड़ रुपये भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई को बाजार में निष्पक्षता और निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि रेगुलेटरी कार्रवाई से बाजार में ट्रेडिंग गतिविधियों और एक्सपायरी के दौरान होने वाले असामान्य मूवमेंट पर निगरानी को लेकर स्पष्ट संकेत मिलता है।
ईरान पर ट्रंप का आर्थिक दबाव, क्रूड पर नजर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर एक बार फिर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट पर दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि ईरान के पास डील करने का मौका था, लेकिन उसने इसे गंवा दिया।
इसके साथ ही ईरान की मदद करने वाले देशों और कंपनियों पर भी आर्थिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस घटनाक्रम के कारण कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है।
भारत जैसे बड़े क्रूड आयातक देश के लिए तेल की कीमतों में तेजी चिंता का विषय है। क्रूड महंगा होने से देश के इंपोर्ट बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। इसलिए आज भी ऑयल, गैस, पेंट, टायर, एविएशन और अन्य क्रूड-निर्भर कंपनियों के शेयर फोकस में रह सकते हैं।
अमेरिका में बॉन्ड बायबैक बढ़ाने का ऐलान
अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने अगले महीने से बॉन्ड बायबैक को दोगुना करने की योजना का ऐलान किया है। इसके बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी देखने को मिली और अमेरिकी शेयर बाजार के सेंटीमेंट में सुधार आया।
10 साल और 30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से इक्विटी मार्केट को राहत मिली। अमेरिकी बाजारों में भी खरीदारी देखने को मिली और डाओ जोंस में 100 अंकों से अधिक की तेजी रही।
बॉन्ड यील्ड में नरमी का फायदा खासतौर पर टेक्नोलॉजी और ग्रोथ शेयरों को मिल सकता है। इसका असर भारतीय IT कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दे सकता है।
Infosys और Wipro के ADR में तेजी
अमेरिकी बाजार में सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इसका असर भारतीय IT कंपनियों के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स यानी ADR पर भी दिखाई दिया।
Infosys और Wipro के ADR करीब 2 फीसदी तक चढ़े हैं। ऐसे में गुरुवार के कारोबार में घरेलू बाजार में IT सेक्टर के शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है।
हाल के सत्रों में जब डिफेंस, एनर्जी और अन्य सेक्टर दबाव में रहे हैं, तब IT शेयरों की मजबूती बाजार को कुछ सपोर्ट देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
एशियाई बाजारों में भी तेजी
अमेरिकी बाजारों में सुधार का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। जापान का Nikkei करीब 1 फीसदी ऊपर कारोबार करता नजर आया, जबकि दक्षिण कोरिया के Kospi में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।
एशियाई बाजारों का मजबूत प्रदर्शन भारतीय बाजार के लिए शुरुआती सेंटीमेंट को बेहतर कर सकता है। हालांकि, घरेलू बाजार में विदेशी निवेशकों की गतिविधि और क्रूड की कीमतें अभी भी प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।
सोना और चांदी भी रफ्तार में
बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स के 99 के नीचे आने से कीमती धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली है। करीब तीन महीने के बाद सोने की कीमत 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई है।
वहीं, चांदी भी 66 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई है। बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी को सोने-चांदी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
कीमती धातुओं में तेजी का असर घरेलू स्तर पर ज्वेलरी, बुलियन और इससे जुड़े कारोबार करने वाली कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ सकता है।
Japan के साथ बढ़ सकता है रक्षा सहयोग, BEL पर नजर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जापान के रक्षा मंत्री के साथ अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है।
भारत और जापान के बीच रक्षा तकनीक और कम्युनिकेशन सिस्टम के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं हैं। UNICORN कम्युनिकेशन सिस्टम की तकनीक के ट्रांसफर के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ संभावित साझेदारी भी चर्चा में है।
इसलिए गुरुवार को BEL समेत डिफेंस सेक्टर के चुनिंदा शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं। हालांकि, किसी भी शेयर में केवल खबर के आधार पर ट्रेड लेने के बजाय कंपनी के वैल्यूएशन और तकनीकी स्तरों को भी देखना जरूरी है।
LIC को HDFC Bank में हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी
HDFC Bank भी आज फोकस में रह सकता है। RBI ने LIC को बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर करीब 10 फीसदी तक करने की मंजूरी दे दी है।
फिलहाल LIC की HDFC Bank में करीब 4.11 फीसदी हिस्सेदारी है। हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी बैंक के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरपोरेट अपडेट है और इसके चलते शेयर में ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ सकती है।
निवेशकों को यहां यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी और वास्तविक खरीदारी अलग-अलग घटनाएं हैं। इसलिए आगे LIC की खरीदारी से जुड़े अपडेट पर भी नजर रहेगी।
FIIs और DIIs ने क्या किया?
बाजार में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी आज की दिशा तय करने में अहम रहेंगी।
19 अगस्त को FIIs ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में खरीदारी की और करीब 407 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। दूसरी तरफ, DIIs ने लगातार सातवें सत्र में खरीदारी जारी रखी और भारतीय शेयरों में करीब 3,973 करोड़ रुपये का निवेश किया।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी अभी सीमित है और ग्लोबल जोखिमों के बीच FII फ्लो में बदलाव बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।
आज बाजार के लिए कौन से फैक्टर सबसे अहम?
गुरुवार के कारोबार में निवेशकों को मुख्य रूप से इन संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए:
- Gift Nifty: करीब 100 अंकों की तेजी शुरुआती संकेतों को मजबूत कर रही है।
- Crude Oil: 92 डॉलर के ऊपर की कीमतें भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय हैं।
- US Bond Yield: यील्ड में नरमी से इक्विटी और खासकर टेक शेयरों को राहत मिल सकती है।
- Dollar Index: 99 के नीचे कमजोरी से सोने और उभरते बाजारों को सपोर्ट मिल सकता है।
- FII-DII Flow: DIIs की लगातार खरीदारी घरेलू बाजार को सपोर्ट दे रही है।
- IT Stocks: Infosys और Wipro ADR में तेजी से भारतीय IT शेयरों पर नजर रहेगी।
- Geopolitical Tension: अमेरिका-ईरान तनाव और प्रतिबंधों से बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
- SEBI Action: एक्सपायरी से जुड़े मामलों में रेगुलेटरी निगरानी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कुल मिलाकर गुरुवार के लिए ग्लोबल संकेतों में सुधार नजर आ रहा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, अमेरिकी टेक शेयरों में खरीदारी और एशियाई बाजारों की मजबूती भारतीय बाजार को शुरुआती सपोर्ट दे सकती है। गिफ्ट निफ्टी की तेजी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है।
हालांकि, क्रूड ऑयल का 92 डॉलर के ऊपर जाना, अमेरिका-ईरान तनाव और हाल की लगातार गिरावट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए बाजार में तेजी की स्थिति बनने पर भी निवेशकों को जल्दबाजी में ट्रेड लेने से बचना चाहिए।
खासकर निफ्टी और सेंसेक्स के प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों के साथ-साथ सेक्टरवार मजबूती को देखकर ही ट्रेडिंग रणनीति बनाना बेहतर होगा। यह लेख केवल बाजार की प्रमुख खबरों और सूचनाओं को समझने के लिए है, इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए।


