Market Cues: भारतीय शेयर बाजार में लगातार सातवें कारोबारी सत्र गिरावट के साथ बंद होने के बाद मंदड़ियों की पकड़ मजबूत होती दिख रही है। 19 अगस्त को Nifty 0.30% की गिरावट के साथ 24,078 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले सात लगातार कारोबारी सत्रों में इंडेक्स 2% से ज्यादा टूट चुका है। तकनीकी संकेतक भी फिलहाल बाजार में कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं।
24,026 के नीचे टूटने पर 23,850 और 23,600 का स्तर अहम

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Nifty के लिए बुधवार का निचला स्तर 24,026 बेहद अहम सपोर्ट बन गया है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली और तेज हो सकती है और Nifty पहले 23,850 तथा उसके बाद 23,600 के स्तर तक जा सकता है।
वहीं, अगर बाजार में रिकवरी आती है तो 24,200 तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। हालांकि, मौजूदा तकनीकी संकेतों को देखते हुए इस रिकवरी के टिकाऊ रहने पर संदेह है। Nifty में मजबूती के लिए 24,200 के ऊपर टिकना जरूरी होगा। इसके पहले बाजार में कंसोलिडेशन और दबाव बना रह सकता है।
Nifty 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
19 अगस्त के बंद स्तर 24,078 के आधार पर Nifty के लिए पिवट पॉइंट से जुड़े अहम स्तर इस प्रकार हैं:
| स्तर | कीमत |
|---|---|
| सपोर्ट 1 | 24,036 |
| सपोर्ट 2 | 24,001 |
| सपोर्ट 3 | 23,945 |
| रेजिस्टेंस 1 | 24,148 |
| रेजिस्टेंस 2 | 24,183 |
| रेजिस्टेंस 3 | 24,239 |
Nifty के चार्ट पर क्या संकेत मिल रहे हैं?
डेली चार्ट पर Nifty ने छोटी अपर और लोअर शैडो वाली बेयरिश कैंडल बनाई है। यह सीमित उतार-चढ़ाव के बीच बाजार में कमजोरी का संकेत देती है।
अगस्त के स्विंग हाई के बाद से इंडेक्स लगातार लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न बना रहा है। इसके अलावा Nifty सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज भी नीचे की ओर बढ़ रहे हैं।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो RSI गिरकर 42.22 पर आ गया है। वहीं MACD जीरो लाइन की तरफ नीचे बढ़ रहा है। इसका बेयरिश हिस्टोग्राम लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में और बड़ा हुआ है। यह बाजार में बढ़ते मंदी के मोमेंटम का संकेत है।
Bank Nifty में भी सावधानी जरूरी
Bank Nifty 57,240 के स्तर पर बंद हुआ। इंडेक्स ने डेली टाइमफ्रेम पर डोजि जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया, जो तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच असमंजस को दर्शाता है।
दूसरे हाफ में आई रिकवरी के कारण Bank Nifty 50-डे EMA के ऊपर वापस आने में सफल रहा। इंडेक्स मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। हालांकि, यह अभी भी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे है, जो निकट अवधि में सावधानी बरतने का संकेत देता है।
RSI लगातार नेगेटिव क्रॉसओवर के बीच गिरकर 47.1 पर आ गया है। MACD भी धीरे-धीरे जीरो लाइन की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा लगातार पांचवें सत्र में रेड हिस्टोग्राम बार का आकार बढ़ा है, जिससे बेयरिश मोमेंटम मजबूत होने के संकेत मिलते हैं।
Bank Nifty के अहम स्तर
पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,335
- 57,419
- 57,555
पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,064
- 56,980
- 56,844
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,367
- 57,685
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,135
- 56,870
India VIX में गिरावट, लेकिन बाजार की दिशा कमजोर
मार्केट में उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और कई कारोबारी सत्रों से 12 के स्तर के नीचे है।
बुधवार को India VIX में 0.57% की गिरावट आई और यह 11.32 पर पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि निकट अवधि में बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं है और वोलैटिलिटी फिलहाल सीमित रह सकती है।
हालांकि, कम VIX का मतलब यह नहीं है कि बाजार में तेजी की पुष्टि हो गई है। इंडेक्स की दिशा तय करने में Nifty के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगे।
Put-Call Ratio गिरकर 0.81 पर
Nifty का Put-Call Ratio (PCR) 19 अगस्त को गिरकर 0.81 पर आ गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.93 था।
आमतौर पर 0.7 से ऊपर और 1 के आसपास या उससे ऊपर का PCR तेजी की भावना से जुड़ा माना जाता है। वहीं 0.7 से नीचे जाने वाला PCR बाजार में बढ़ती मंदी की भावना का संकेत दे सकता है। मौजूदा स्तर से पता चलता है कि ऑप्शन मार्केट में भी तेजी की धारणा पहले की तुलना में कमजोर हुई है।
F&O Ban List में ये स्टॉक शामिल
F&O सेगमेंट में उन प्रतिभूतियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की ओपन पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95% से अधिक हो जाती है।
F&O बैन में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
पहले से F&O बैन में शामिल स्टॉक:
- बंधन बैंक
- मणप्पुरम फाइनेंस
- सेल
F&O बैन से हटाया गया स्टॉक:
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC)
ट्रेडर्स के लिए क्या है संकेत?
मौजूदा तकनीकी सेटअप को देखते हुए Nifty में फिलहाल सावधानी बरतना जरूरी है। 24,026 के नीचे निर्णायक कमजोरी आने पर 23,850 और फिर 23,600 अगले महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकते हैं।
दूसरी ओर, अगर इंडेक्स 24,200 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में राहत की रैली देखने को मिल सकती है। जब तक Nifty इस स्तर के ऊपर मजबूती नहीं दिखाता, तब तक तेजी के बजाय सावधानी के साथ ट्रेडिंग करना बेहतर माना जा सकता है।
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