Mukesh Ambani Net Worth: भारत के अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी और अनिल अग्रवाल तीन बड़े नाम हैं। तीनों कारोबारी अलग-अलग सेक्टर में बड़ा साम्राज्य खड़ा कर चुके हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज से मुकेश अंबानी, अदाणी ग्रुप से गौतम अदाणी और वेदांता से अनिल अग्रवाल जुड़े हैं। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि इन तीनों में सबसे ज्यादा दौलत किसके पास है और किसकी नेट वर्थ कितनी है।
फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलेनियर ट्रैकिंग लिस्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इन तीनों की संपत्ति में काफी बड़ा अंतर है। मुकेश अंबानी इस तुलना में सबसे आगे हैं, जबकि अनिल अग्रवाल की संपत्ति दोनों अरबपतियों की तुलना में काफी कम है।
मुकेश अंबानी के पास कितनी दौलत?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी इस तुलना में सबसे अमीर कारोबारी हैं। उपलब्ध फोर्ब्स रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार उनकी नेट वर्थ करीब 89.3 अरब डॉलर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार तेल और पेट्रोकेमिकल्स से लेकर टेलीकॉम, रिटेल और डिजिटल सेवाओं तक फैला हुआ है। रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल ने भी कंपनी के कारोबार को नए क्षेत्रों में मजबूत किया है।
मुकेश अंबानी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी हिस्सेदारी से जुड़ा है। इसलिए कंपनी के शेयर में उतार-चढ़ाव का असर उनकी नेट वर्थ पर भी पड़ता है।
गौतम अदाणी कितने अमीर हैं?
इस सूची में गौतम अदाणी दूसरे स्थान पर हैं। फोर्ब्स के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उनकी नेट वर्थ करीब 82 अरब डॉलर है।
अदाणी ग्रुप का कारोबार पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में फैला हुआ है। ग्रुप की अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर प्रदर्शन का असर गौतम अदाणी की व्यक्तिगत संपत्ति पर भी पड़ता है।
मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी की नेट वर्थ में अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। दोनों की संपत्ति के बीच करीब 7.3 अरब डॉलर का फर्क है। हालांकि, अरबपतियों की नेट वर्थ शेयर बाजार और अन्य परिसंपत्तियों के मूल्य के साथ लगातार बदलती रहती है।
अनिल अग्रवाल की नेट वर्थ कितनी है?
वेदांता के फाउंडर अनिल अग्रवाल इस तुलना में तीसरे स्थान पर हैं। उपलब्ध फोर्ब्स रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार उनकी नेट वर्थ करीब 4.6 अरब डॉलर है।
अनिल अग्रवाल को भारत के प्रमुख मेटल और माइनिंग कारोबारियों में गिना जाता है। वेदांता समूह का कारोबार एल्युमीनियम, जिंक, तेल एवं गैस और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े क्षेत्रों में है। इसी वजह से उन्हें अक्सर ‘एल्युमीनियम किंग’ के नाम से भी जाना जाता है।
उनकी नेट वर्थ मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी की तुलना में काफी कम है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर मुकेश अंबानी की संपत्ति अनिल अग्रवाल की संपत्ति से करीब 19.4 गुना ज्यादा बैठती है।
तीनों अरबपतियों की दौलत में कितना अंतर?
अगर इन आंकड़ों को एक साथ देखें तो तस्वीर काफी साफ हो जाती है।
| कारोबारी | नेट वर्थ |
|---|---|
| मुकेश अंबानी | 89.3 अरब डॉलर |
| गौतम अदाणी | 82 अरब डॉलर |
| अनिल अग्रवाल | 4.6 अरब डॉलर |
इस तुलना में मुकेश अंबानी सबसे आगे हैं। उनके बाद गौतम अदाणी का नंबर आता है। अनिल अग्रवाल करीब 4.6 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
खास बात यह है कि मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी की संपत्ति के बीच जहां करीब 7.3 अरब डॉलर का अंतर है, वहीं अंबानी और अनिल अग्रवाल के बीच यह अंतर करीब 84.7 अरब डॉलर का है।
अंबानी और अदाणी के बीच भी बदलती रहती है रैंकिंग
अरबपतियों की नेट वर्थ कोई स्थायी रकम नहीं होती। खासकर भारत के बड़े कारोबारी परिवारों की संपत्ति का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों की हिस्सेदारी से जुड़ा है। इसलिए शेयरों की कीमत बढ़ने या घटने के साथ उनकी कुल संपत्ति भी बदलती रहती है।
इसी वजह से अलग-अलग तारीखों पर फोर्ब्स और अन्य अरबपति रैंकिंग में मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी के बीच अंतर कम या ज्यादा दिखाई दे सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह तुलना?
मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी और अनिल अग्रवाल तीनों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार खड़ा किया है। अंबानी का साम्राज्य एनर्जी, टेलीकॉम और रिटेल तक फैला है, अदाणी समूह इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी में मजबूत मौजूदगी रखता है, जबकि वेदांता मुख्य रूप से मेटल्स और प्राकृतिक संसाधनों के कारोबार से जुड़ा है।
इसलिए केवल नेट वर्थ की तुलना से तीनों कारोबारी समूहों के आकार या प्रदर्शन की पूरी तस्वीर नहीं मिलती। फिर भी व्यक्तिगत संपत्ति के लिहाज से उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि मुकेश अंबानी इस सूची में सबसे आगे हैं, गौतम अदाणी उनसे थोड़ा पीछे हैं और अनिल अग्रवाल की संपत्ति दोनों से काफी कम है।
नोट: अरबपतियों की नेट वर्थ शेयर कीमतों और अन्य परिसंपत्तियों के बाजार मूल्य के आधार पर लगातार बदलती रहती है। इसलिए यहां दिए गए आंकड़े संबंधित समय के उपलब्ध रियल-टाइम अनुमान पर आधारित हैं।


