Pramodini IPO Listing: डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज देने वाली प्रमोदिनी मेडिकेयर के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग हुई। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला था और यह कुल 3.87 गुना सब्सक्राइब हुआ। ₹118 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹120 पर लिस्ट हुए, जिससे निवेशकों को 1.69% का शुरुआती लिस्टिंग गेन मिला। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली और यह ₹119.05 तक आ गया।
1.69% प्रीमियम पर हुई Pramodini IPO Listing
प्रमोदिनी मेडिकेयर के आईपीओ में शेयरों का इश्यू प्राइस ₹118 तय किया गया था। बुधवार को NSE SME पर कंपनी के शेयर ₹120 पर लिस्ट हुए। इस तरह आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर ₹2 यानी करीब 1.69% का लिस्टिंग गेन मिला।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में बिकवाली देखने को मिली। शेयर गिरकर ₹119.05 पर पहुंच गया। इस स्तर पर भी आईपीओ निवेशक करीब 0.89% के मुनाफे में बने हुए हैं।
SME शेयरों में लिस्टिंग के बाद कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए सिर्फ शुरुआती लिस्टिंग गेन देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता।
3.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था IPO
प्रमोदिनी मेडिकेयर का करीब ₹69 करोड़ का आईपीओ 12 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। निवेशकों ने इस इश्यू में कुल मिलाकर 3.87 गुना बोली लगाई।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB का हिस्सा 3.66 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में 4.96 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 3.49 गुना भरा।
सब्सक्रिप्शन आंकड़े बताते हैं कि आईपीओ को सभी प्रमुख निवेशक वर्गों से भागीदारी मिली, हालांकि यह बेहद ज्यादा ओवरसब्सक्राइब्ड इश्यू की श्रेणी में नहीं आता।
IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
प्रमोदिनी मेडिकेयर के आईपीओ में करीब ₹63 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा ₹10 के फेस वैल्यू वाले 5,00,400 शेयर ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचे गए हैं।
OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाती, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को मिलती है। दूसरी ओर, नए शेयरों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार और अन्य जरूरतों के लिए करेगी।
कंपनी के मुताबिक, करीब ₹45.15 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा और प्रस्तावित डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स के लिए मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने में किया जाएगा। बाकी रकम अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च की जाएगी।
इससे कंपनी की मौजूदा डायग्नोस्टिक क्षमता बढ़ाने और नए सेंटर स्थापित करने की योजना का संकेत मिलता है।
क्या करती है Pramodini Medicare?
प्रमोदिनी मेडिकेयर डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज के कारोबार में है। कंपनी टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों में सरकारी और निजी अस्पतालों, PSU, मेडिकल कॉलेजों तथा निजी डायग्नोस्टिक सेंटर्स को अपनी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
कंपनी की सेवाओं को मुख्य तौर पर तीन बड़े हिस्सों में देखा जा सकता है।
रेडियोलॉजी सर्विसेज
कंपनी MRI, CT Scan, X-Ray, Color Doppler, Ultrasound, Mammography, DEXA Scan और Interventional Radiology जैसी सेवाएं देती है।
क्लिनिकल लैबोरेटरी सर्विसेज
इसके पोर्टफोलियो में Hematology, Microbiology, Immunology, Pathology और Biochemistry जैसी लैब सेवाएं शामिल हैं।
न्यूक्लियर मेडिसिन
कंपनी PET-CT, SPECT और Nuclear Therapy जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
इसके अलावा विजयवाड़ा में कंपनी 24×7 टेली-रेडियोलॉजी यूनिट और एक प्रोसेसिंग लेबोरेटरी भी संचालित करती है।
कंपनी की वित्तीय सेहत कैसी है?
प्रमोदिनी मेडिकेयर के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले कुछ वर्षों में सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 56% CAGR की दर से बढ़कर ₹17.38 करोड़ हो गया।
इसी अवधि में कंपनी की टोटल इनकम करीब 33% CAGR की दर से बढ़कर ₹63.38 करोड़ पहुंच गई। मुनाफे और आय में लगातार बढ़ोतरी कंपनी के कारोबार में सुधार की ओर इशारा करती है।
मार्च 2026 के अंत में कंपनी पर करीब ₹17.85 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं, उसके रिजर्व और सरप्लस करीब ₹36.46 करोड़ थे।
इस लिहाज से निवेशकों के लिए कंपनी की बढ़ती आय और मुनाफे के साथ-साथ कर्ज की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Pramodini Medicare का IPO भले ही प्रीमियम पर लिस्ट हुआ है, लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर में हल्की कमजोरी भी देखने को मिली है। ऐसे में सिर्फ लिस्टिंग गेन के आधार पर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
कंपनी का कारोबार डायग्नोस्टिक सेवाओं से जुड़ा है और IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा मेडिकल उपकरणों तथा सेंटर विस्तार पर खर्च किया जाना है। यदि कंपनी इन निवेशों से अपनी आय और मुनाफे को बढ़ाने में सफल रहती है, तो यह भविष्य के लिए सकारात्मक हो सकता है।
हालांकि, SME शेयरों में अक्सर लिक्विडिटी कम और उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है। इसलिए निवेशकों को कंपनी की तिमाही आय, मार्जिन, कर्ज, कैश फ्लो और नए डायग्नोस्टिक सेंटरों के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और अपने जोखिम प्रोफाइल का आकलन करें तथा जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। यह लेख किसी भी तरह से निवेश की सलाह या शेयर खरीदने-बेचने की सिफारिश नहीं है।


