बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: अगर आप भी हर महीने LPG सिलिंडर बुक कराने, उसकी डिलीवरी का इंतजार करने और सिलिंडर खत्म होने पर अचानक परेशानी झेलने से परेशान हैं, तो आने वाले समय में यह झंझट काफी हद तक कम हो सकता है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने घरेलू LPG के विकल्प के तौर पर पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है। यह योजना 1 सितंबर 2026 से लागू होगी। इसका मकसद शहरी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाना है।
LPG के बजाय PNG पर सरकार का जोर
देश में अभी करीब 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं। सरकार चाहती है कि शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड गैस नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो और अधिक से अधिक परिवार PNG का इस्तेमाल करें।
इसके लिए सरकार ने APM/NAPM प्रोत्साहन योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत शहरी गैस वितरण यानी CGD कंपनियों को उनके निर्धारित लक्ष्य से अधिक नए घरेलू PNG कनेक्शन शुरू करने पर प्रोत्साहन दिया जाएगा।
यहां एक जरूरी बात यह है कि नए कनेक्शन को प्रोत्साहन के लिए केवल जारी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उस कनेक्शन का बिल भी जनरेट होना जरूरी होगा।
हर नए कनेक्शन पर कंपनियों को क्या मिलेगा?
सरकार की योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा घरेलू PNG कनेक्शन शुरू करने वाली पात्र CGD कंपनियों को हर अतिरिक्त कनेक्शन पर 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) अतिरिक्त APM गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
APM गैस घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस को संदर्भित करती है। इस प्रोत्साहन से गैस वितरण कंपनियों को अपनी लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
10 साल का खर्च अब 3 साल में निकलने की उम्मीद
PNG नेटवर्क तैयार करने में गैस कंपनियों को पाइपलाइन बिछाने और नए ग्राहकों तक कनेक्शन पहुंचाने के लिए बड़ा निवेश करना पड़ता है। यही वजह है कि कई इलाकों में नेटवर्क विस्तार की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है।
सरकार का अनुमान है कि प्रोत्साहन के जरिए मिलने वाली गैस से कंपनियों की लागत वसूली की अवधि काफी कम हो सकती है। जहां पहले निवेश की Payback Period करीब 10 साल मानी जाती थी, वह घटकर लगभग 3 साल तक आ सकती है।
इससे कंपनियों को नए इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क बढ़ाने और ज्यादा घरों को PNG से जोड़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा।
आम लोगों के लिए भी बड़ी सुविधा
सरकार सिर्फ कंपनियों को प्रोत्साहन देने तक सीमित नहीं रहना चाहती। PNG कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाने की तैयारी है।
इसके लिए जल्द एकीकृत PNG पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। यह पोर्टल सिंगल-विंडो सिस्टम की तरह काम करेगा।
इसके जरिए उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन के लिए अलग-अलग कंपनियों या कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। लोग ऑनलाइन आवेदन करने के साथ अपने कनेक्शन से जुड़ी जानकारी और लाइव स्टेटस भी देख सकेंगे।
PNG से क्या बदलेगा?
PNG कनेक्शन होने पर घर में गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे रसोई तक पहुंचती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि उपभोक्ता को हर बार LPG सिलिंडर बुक करने और डिलीवरी का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती।
हालांकि, PNG की उपलब्धता पूरी तरह उस इलाके में मौजूद गैस पाइपलाइन नेटवर्क पर निर्भर करती है। इसलिए देश के हर घर में तुरंत PNG पहुंचना संभव नहीं है। सरकार की नई योजना का उद्देश्य इसी नेटवर्क के विस्तार को तेज करना है।
सरकार की योजना से क्या फायदा होगा?
नई प्रोत्साहन योजना के सफल क्रियान्वयन से तीन स्तरों पर फायदा मिलने की उम्मीद है:
- उपभोक्ताओं को सुविधा: LPG सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी पर निर्भरता कम होगी।
- CGD कंपनियों को प्रोत्साहन: अतिरिक्त गैस मिलने से नए कनेक्शन और नेटवर्क विस्तार की आर्थिक व्यवहार्यता बेहतर होगी।
- PNG नेटवर्क का विस्तार: ज्यादा शहरों और इलाकों में पाइपलाइन गैस की पहुंच बढ़ सकती है।
क्या LPG सिलिंडर पूरी तरह बंद हो जाएगा?
ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा। सरकार की मौजूदा पहल का उद्देश्य LPG को तत्काल खत्म करना नहीं, बल्कि जहां संभव हो वहां PNG की पहुंच बढ़ाना है।
जहां पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहां LPG की भूमिका बनी रहेगी। इसलिए आने वाले समय में LPG और PNG दोनों का इस्तेमाल जारी रहने की संभावना है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में PNG कनेक्शन की संख्या बढ़ाने पर सरकार का फोकस स्पष्ट है।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार की नई PNG प्रोत्साहन योजना का लक्ष्य घरेलू गैस वितरण के तरीके को बदलना है। 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाली योजना में अतिरिक्त PNG कनेक्शन देने वाली CGD कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल से उपभोक्ताओं के लिए कनेक्शन लेना आसान बनाने की तैयारी है।
अगर पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार तेजी से होता है, तो आने वाले वर्षों में करोड़ों परिवारों को LPG सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी से जुड़ी परेशानियों से राहत मिल सकती है। हालांकि, PNG का लाभ उन्हीं क्षेत्रों में मिलेगा जहां पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध होगा।


