महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में रेस्टोरेंट, होटल, क्विक कॉमर्स कंपनियों और खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्ती बढ़ाई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी 18 अगस्त को FDA की कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन लोगों की सेहत और जान के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है और राज्य में यही किया जा रहा है।
सीएम फडणवीस ने FDA की कार्रवाई की तारीफ की
मुंबई में इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के 2026 नेशनल कन्वेंशन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। मुख्यमंत्री ने FDA की ओर से की जा रही कार्रवाई पर संतोष जताया और संकेत दिया कि मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब FDA ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और कार्रवाई का अभियान तेज किया है। कई जगहों पर कॉकरोच मिलने, खाद्य पदार्थों को सही तरीके से स्टोर नहीं करने और खराब डेयरी उत्पादों से जुड़ी शिकायतों के बाद विभाग ने कार्रवाई की है।
होटल और क्विक कॉमर्स कंपनियों पर भी शिकंजा
FDA की कार्रवाई केवल पारंपरिक होटल और रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रही है। क्विक कॉमर्स और बड़े खाद्य भंडारण केंद्र भी जांच के दायरे में आए हैं। विभाग का फोकस इस बात पर है कि ग्राहकों तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थ सुरक्षित हों और उनके भंडारण से लेकर बिक्री तक निर्धारित नियमों का पालन किया जाए।
इसी कड़ी में भिवंडी स्थित अमेजन रिटेल इंडिया के एक गोदाम पर भी FDA ने छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान करीब 1.5 टन एक्सपायर्ड और क्षतिग्रस्त खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इसके बाद विभाग ने अगले ही दिन गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
चर्चा में आए IAS तुकाराम मुंढे
खाद्य सुरक्षा को लेकर चल रही इस सख्ती के बीच FDA आयुक्त IAS तुकाराम मुंढे भी चर्चा में हैं। 25 मई 2026 को कार्यभार संभालने के बाद से उनके नेतृत्व में FDA की गतिविधियां तेज हुई हैं। विभाग ने महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण और कार्रवाई की है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद FDA ने राज्यभर में 1,100 से अधिक निरीक्षण किए हैं। इस दौरान करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किया गया है। जब्त सामग्री में लगभग 1.6 लाख लीटर कथित तौर पर मिलावटी दूध भी शामिल बताया गया है।
मिलावटी दूध से लेकर स्कूलों के पास जंक फूड तक नजर
FDA की कार्रवाई का एक बड़ा फोकस मिलावटी दूध और दूसरे खाद्य उत्पादों पर रहा है। इसके अलावा स्कूलों के आसपास बिकने वाले जंक फूड और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है।
इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों में नियमों के पालन को लेकर जवाबदेही तय करना भी है। खासकर दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट का मामला सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है।
फडणवीस ने महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर भी की बात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात का भी जिक्र किया। दोनों के बीच डेटा सेंटर, शिक्षा, सेमीकंडक्टर और तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग पर चर्चा हुई।
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में इन क्षेत्रों में और अधिक निवेश लाने की संभावनाओं पर बातचीत हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था मौजूदा रफ्तार से आगे बढ़ती रही तो आने वाले समय में महाराष्ट्र सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अर्थव्यवस्थाओं को भी पीछे छोड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर अगर महाराष्ट्र को एक अलग देश माना जाए तो उसकी अर्थव्यवस्था दुनिया में 20वें स्थान के आसपास होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और इसमें महाराष्ट्र के योगदान का भी उल्लेख किया।
क्या आगे और तेज होगी कार्रवाई?
मुख्यमंत्री की सार्वजनिक तौर पर FDA की कार्रवाई की सराहना से यह संकेत जरूर मिलता है कि खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार सख्त रुख बनाए रखना चाहती है। ऐसे में आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्टोरेंट, खाद्य भंडारण केंद्र और अन्य कारोबारियों पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
हालांकि किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होता है। FDA का मौजूदा अभियान इस बात पर जोर देता दिख रहा है कि खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता और नियमों का पालन सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।


