Upper Circuit Stocks: हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुई Indo-MIM के शेयरों में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। जून तिमाही के शानदार कारोबारी नतीजों के बाद शेयर 10% के अपर सर्किट तक पहुंच गया। खास बात यह है कि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है और इस दौरान IPO निवेशकों की पूंजी करीब दोगुनी हो चुकी है।
इंट्रा-डे कारोबार में Indo-MIM का शेयर 10% चढ़कर ₹951.30 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली के कारण शेयर थोड़ा नीचे आया, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी के चलते इसमें मजबूती बनी रही। खबर लिखे जाने तक BSE पर शेयर 9.49% की तेजी के साथ ₹946.95 पर कारोबार कर रहा था।
कैसी है Indo-MIM की कारोबारी सेहत?
Indo-MIM पाउडर मेटलर्जी और प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग तकनीक को मिलाकर Metal Injection Molding (MIM) कंपोनेंट्स बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के कारोबार का बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट से आता है और करीब 77% रेवेन्यू निर्यात बाजार से प्राप्त होता है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 में कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली।
जून तिमाही में Indo-MIM का रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 9% बढ़कर ₹1,219 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA ₹327 करोड़ से बढ़कर ₹407 करोड़ हो गया, यानी इसमें करीब 25% की वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी के मार्जिन में भी सुधार हुआ। जून तिमाही में EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 29.4% से बढ़कर 33.4% हो गया। तिमाही आधार पर भी कंपनी के रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिली।
नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ के साथ मार्जिन में सुधार को भी निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के तौर पर लिया। यही वजह रही कि नतीजे सामने आने के बाद शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली।
लिस्टिंग के बाद कैसी रही शेयर की चाल?
Indo-MIM के शेयरों की घरेलू शेयर बाजार में 30 जुलाई 2026 को लिस्टिंग हुई थी। कंपनी ने करीब ₹3,812 करोड़ का IPO पेश किया था और शेयरों का इश्यू प्राइस ₹485 तय किया गया था।
लिस्टिंग के दिन शेयर ने करीब 45% प्रीमियम के साथ बाजार में एंट्री की। पहले ही कारोबारी दिन यह BSE पर ₹757.50 तक पहुंच गया था। हालांकि, लिस्टिंग के दौरान शेयर में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला।
लिस्टिंग के बाद इसका रिकॉर्ड निचला स्तर करीब ₹701 रहा, जिसे शेयर ने 30 जुलाई को ही छुआ था। इसके बाद शेयर ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया और 18 अगस्त को कारोबार के दौरान ₹951.30 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया।
यानी ₹485 के IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर में करीब 96% से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। इस तरह IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों की शुरुआती पूंजी लगभग दोगुनी होने के करीब पहुंच गई है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Indo-MIM के शेयर में तेजी के पीछे कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे प्रमुख वजहों में से एक हैं। रेवेन्यू में वृद्धि, EBITDA में 25% की तेजी और मार्जिन में सुधार कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन की मजबूती को दिखाते हैं।
हालांकि, शेयर में लिस्टिंग के बाद बेहद तेज तेजी आई है और यह अपने IPO इश्यू प्राइस से काफी ऊपर कारोबार कर रहा है। ऐसे में मौजूदा स्तर पर निवेशकों को कंपनी के वैल्यूएशन, भविष्य की ग्रोथ, एक्सपोर्ट कारोबार और मार्जिन की स्थिरता जैसे पहलुओं पर भी नजर रखनी चाहिए। केवल अपर सर्किट या हालिया रिटर्न को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा जरूरत पड़ने पर किसी योग्य निवेश सलाहकार से परामर्श लें। NewsJagran की ओर से किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं दी जाती है।


