Paytm Block Deal: पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 Communications में प्रमोटर इकाई Resilient Asset Management B.V. करीब 5% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बिक्री ब्लॉक डील के जरिए की जा सकती है। शुरुआती ऑफर करीब 3% हिस्सेदारी का होगा, जिसे मांग के आधार पर अतिरिक्त 1.98% तक बढ़ाया जा सकता है। इस खबर के बीच निवेशकों की नजर अब Paytm के शेयर पर रहेगी।
ब्लॉक डील के लिए ₹1,535 का फ्लोर प्राइस
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित ब्लॉक डील के लिए ₹1,535.10 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है। यह 17 अगस्त को NSE पर Paytm के ₹1,589 के बंद भाव से करीब 3.4% कम है।
फ्लोर प्राइस का मतलब वह न्यूनतम कीमत है जिस पर इस ब्लॉक डील में शेयरों की बिक्री प्रस्तावित है। बड़ी मात्रा में हिस्सेदारी की बिक्री होने के कारण कारोबारी सत्र में स्टॉक की कीमत और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
कितनी हिस्सेदारी बेची जा सकती है?
Resilient Asset Management B.V. Paytm में करीब 4.98% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में करीब 3% हिस्सेदारी बिक्री के लिए पेश की जाएगी। जरूरत और मांग के आधार पर ऑफर को 1.98% तक और बढ़ाया जा सकता है।
ब्लॉक डील में बड़ी संख्या में शेयर एक साथ खरीदे या बेचे जाते हैं। इसलिए ऐसी खबरों पर निवेशकों की नजर खास तौर पर रहती है, क्योंकि इससे शेयर की सप्लाई और शॉर्ट टर्म सेंटीमेंट प्रभावित हो सकता है।
जून तिमाही में Paytm का प्रदर्शन मजबूत
ब्लॉक डील की खबर ऐसे समय आई है जब Paytm ने जून तिमाही यानी Q1 FY27 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया था। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 79% बढ़कर ₹220 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹123 करोड़ था। तिमाही आधार पर भी नेट प्रॉफिट में करीब 20% की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹1,918 करोड़ था। इससे कंपनी के कारोबार में ग्रोथ की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पेमेंट कारोबार में भी तेज ग्रोथ
Paytm के पेमेंट कारोबार से जुड़े आंकड़े भी मजबूत रहे। जून तिमाही में कंपनी का मर्चेंट GMV 31% बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़ हो गया।
इसी अवधि में UPI ग्रॉस ट्रांजैक्शन वैल्यू 45% बढ़कर ₹5.9 लाख करोड़ पहुंच गई। कंपनी के मंथली ट्रांजैक्टिंग यूजर्स की संख्या भी करीब 60 लाख बढ़कर 8 करोड़ हो गई।
इसके अलावा, सब्सक्रिप्शन प्लान लेने वाले मर्चेंट्स की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ पहुंच गई। यह Paytm के मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम में बढ़ती गतिविधि को दर्शाता है।
Soundbox नेटवर्क भी बढ़ा
Paytm का Soundbox नेटवर्क भी लगातार विस्तार कर रहा है। जून तिमाही के अंत तक कंपनी के Soundbox डिवाइस नेटवर्क की संख्या बढ़कर 1.57 करोड़ स्टोर तक पहुंच गई। कंपनी के मुताबिक, एक साल में नेटवर्क में करीब 27 लाख नए डिवाइस जुड़े।
कंपनी की नकदी स्थिति में भी सुधार देखने को मिला। जून तिमाही के अंत में Paytm का कैश बैलेंस बढ़कर ₹13,529 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के मुकाबले ₹657 करोड़ अधिक है।
Paytm शेयर का प्रदर्शन
17 अगस्त को Paytm का शेयर 0.87% गिरकर ₹1,589 पर बंद हुआ। हालांकि, हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर ने पिछले एक महीने में करीब 17.88% की तेजी दर्ज की है। वहीं, एक साल की अवधि में स्टॉक ने करीब 35.37% का रिटर्न दिया है।
कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.01 लाख करोड़ बताया गया है।
क्या ब्लॉक डील से Paytm शेयर पर दबाव बढ़ेगा?
करीब 5% तक हिस्सेदारी की संभावित बिक्री से शॉर्ट टर्म में Paytm के शेयर पर दबाव बन सकता है। इसकी बड़ी वजह बाजार में एक साथ बड़ी संख्या में शेयरों की संभावित सप्लाई है। खास तौर पर अगर डील फ्लोर प्राइस के आसपास होती है, तो ट्रेडर्स इसे निकट अवधि के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक के तौर पर देख सकते हैं।
हालांकि, शेयर की आगे की दिशा केवल ब्लॉक डील पर निर्भर नहीं करेगी। कंपनी के तिमाही नतीजे, पेमेंट कारोबार की ग्रोथ, मुनाफे में सुधार, कैश बैलेंस और व्यापक बाजार का रुख भी Paytm के स्टॉक को प्रभावित कर सकते हैं।
इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल हिस्सेदारी बिक्री की खबर के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल और अपने जोखिम प्रोफाइल को भी ध्यान में रखें।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी भी निवेश या शेयर खरीदने-बेचने की सलाह नहीं देता है।


