Share Market Sharp Recovery: लगातार पांचवें कारोबारी दिन शुरुआती दबाव के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स अपने इंट्रा-डे लो से करीब 475 अंक संभला, जबकि निफ्टी 24,300 के ऊपर लौटते हुए 24,350 के पार पहुंच गया। ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी बढ़ी और निफ्टी मिडकैप 100 तथा निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती लाल निशान से निकलकर हरे निशान में आ गए। जानिए बाजार की इस रिकवरी की 4 बड़ी वजहें और आगे के लिए अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल।
Share Market Sharp Recovery: भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट का दबाव देखने को मिला, लेकिन कारोबार आगे बढ़ने के साथ निचले स्तरों पर खरीदारी लौट आई। खासकर वैल्यू बाइंग, इंडिया VIX में नरमी, मेटल और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों की मजबूती ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा निफ्टी के 24,200 के आसपास तकनीकी सपोर्ट मिलने से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
एक कारोबारी दिन पहले यानी 14 अगस्त को सेंसेक्स 70.71 अंक यानी 0.09% की गिरावट के साथ 78,009.25 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 29.85 अंक यानी 0.12% फिसलकर 24,366.00 के स्तर पर बंद हुआ था। इसके बाद आज शुरुआती कारोबार में भी बिकवाली का दबाव बना रहा, लेकिन दिन के निचले स्तरों पर खरीदारी ने बाजार की दिशा बदल दी।
Sensex में निचले स्तर से 475 अंकों की रिकवरी
दोपहर 1:47 बजे तक सेंसेक्स 124.71 अंक यानी 0.16% की गिरावट के साथ 77,884.54 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि इससे पहले इंडेक्स इंट्रा-डे में 77,453.75 तक फिसल गया था। इस स्तर से सेंसेक्स करीब 474.93 अंक रिकवर होकर 77,928.68 तक पहुंच गया।
इसी तरह निफ्टी भी शुरुआती कमजोरी में 139.05 अंक टूटकर 24,226.95 तक आ गया था। हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने के बाद इसमें 132.65 अंकों तक की रिकवरी हुई और इंडेक्स 24,359.60 के स्तर तक पहुंच गया। दोपहर 1:47 बजे निफ्टी 12 अंक यानी 0.05% की मामूली गिरावट के साथ 24,354 पर कारोबार कर रहा था।
यह रिकवरी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले लगातार कुछ कारोबारी सत्रों से बाजार पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटना बताता है कि कुछ निवेशक मौजूदा स्तरों को आकर्षक मानकर चुनिंदा शेयरों में पैसा लगा रहे हैं।
Market Recovery की 4 बड़ी वजहें
1. निचले स्तरों पर Value Buying
बाजार की रिकवरी की सबसे बड़ी वजहों में निचले स्तरों पर हुई वैल्यू बाइंग शामिल है। लगातार पांच कारोबारी दिनों की कमजोरी के बाद कई शेयरों में कीमतें अपेक्षाकृत आकर्षक स्तर पर पहुंच गईं। ऐसे में निवेशकों ने गिरावट का फायदा उठाते हुए चुनिंदा शेयरों में खरीदारी शुरू की।
सुबह की तेज बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी अपने अहम सपोर्ट जोन के करीब पहुंच गए थे। इसके बाद जैसे-जैसे कुछ प्रमुख शेयरों में खरीदारी बढ़ी, बाजार की शुरुआती कमजोरी कम होने लगी। यही वजह है कि सेंसेक्स ने अपने दिन के निचले स्तर से करीब 475 अंकों की रिकवरी दर्ज की।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में पूरी तरह तेजी लौट गई है। लगातार पांच सत्रों की कमजोरी के बाद आई यह खरीदारी फिलहाल रिलीफ रैली या वैल्यू बाइंग के तौर पर देखी जा रही है।
2. India VIX में आई नरमी से राहत
बाजार की अस्थिरता यानी वोलैटिलिटी को मापने वाला India VIX भी रिकवरी के दौरान नरम पड़ा। शुरुआती कारोबार में इंडिया VIX बढ़कर 11.78 तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में यह घटकर करीब 11.47 के स्तर पर आ गया।
इंडिया VIX में तेजी आमतौर पर बाजार में बढ़ती घबराहट और संभावित उतार-चढ़ाव का संकेत देती है। इसके विपरीत VIX में नरमी से शॉर्ट टर्म में बाजार की घबराहट कुछ कम होने का संकेत मिलता है।
सुबह बाजार में तेज गिरावट के दौरान VIX का ऊपर जाना स्वाभाविक था, लेकिन बाद में इसमें आई नरमी ने सेंटीमेंट को कुछ सहारा दिया। इसके साथ ही निचले स्तरों पर खरीदारी मजबूत हुई और प्रमुख इंडेक्स अपने लो से तेजी से रिकवर करने लगे।
3. Metal और Private Bank Stocks ने संभाला बाजार
आज सेक्टर के स्तर पर भी बाजार को कुछ चुनिंदा हिस्सों से मजबूत सपोर्ट मिला। खासकर मेटल और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में मजबूती ने इंडेक्स को संभालने में मदद की।
दूसरी तरफ IT शेयर बाजार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। निफ्टी IT इंडेक्स में करीब डेढ़ फीसदी की कमजोरी दिखाई दी। IT शेयरों में बिकवाली के बावजूद मेटल और प्राइवेट बैंकिंग कंपनियों में खरीदारी ने इंडेक्स की गिरावट को सीमित किया।
निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब आधे फीसदी की मजबूती में था, जबकि निफ्टी मेटल इंडेक्स में 1% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। इसका असर ब्रॉडर मार्केट पर भी पड़ा।
निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 जैसे इंडेक्स शुरुआती कमजोरी से निकलकर ग्रीन जोन में पहुंच गए। इससे संकेत मिला कि सिर्फ लार्जकैप शेयरों में ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली।
4. Nifty को 24,200 के आसपास Technical Support
बाजार की रिकवरी की चौथी अहम वजह तकनीकी स्तरों से जुड़ी है। एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24,200 के ऊपर बना हुआ है, तब तक इंडेक्स में रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है।
बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक निफ्टी पिछले करीब 9 कारोबारी दिनों से एक सीमित दायरे में कंसोलिडेट कर रहा है। ब्रोकरेज के अनुसार 24,200 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर महत्वपूर्ण है। यह 50-दिन और 100-दिन के EMA के आसपास बनने वाले तकनीकी सपोर्ट से भी जुड़ा है।
अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है तो बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी जारी रहने की संभावना बनी रह सकती है। वहीं 24,000 से 23,800 का जोन शॉर्ट टर्म में एक और महत्वपूर्ण सपोर्ट एरिया माना जा रहा है।
यह जोन पिछले करीब चार महीनों के निचले स्तरों को जोड़ने वाली ट्रेंडलाइन और 23,606 से 24,774 तक की पिछली तेजी के 61.8% Fibonacci retracement के आसपास आता है। इसलिए इस क्षेत्र को तकनीकी रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
24,500 के ऊपर Breakout जरूरी
हालांकि बाजार की मौजूदा रिकवरी को देखते हुए यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि निफ्टी अब सीधे तेजी के ट्रेंड में लौट गया है। Axis Securities के मुताबिक निफ्टी को मजबूत तेजी के लिए 24,500 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देना जरूरी होगा।
ब्रोकरेज के अनुसार 24,500 का स्तर शॉर्ट-टर्म डाउनट्रेंड के ऊपरी बैंड और वीकली एक्सपायरी के दौरान बने महत्वपूर्ण कॉल-राइटिंग बेस से मेल खाता है। इसलिए इस स्तर के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट बाजार की दिशा के लिए अहम साबित हो सकता है।
अगर निफ्टी 24,500 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो अगला महत्वपूर्ण स्तर 24,600 हो सकता है। दूसरी तरफ नीचे की ओर 24,300 तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर 24,200 का स्तर दोबारा महत्वपूर्ण हो जाएगा।
आगे बाजार के लिए क्या संकेत?
मौजूदा कारोबार से संकेत मिलता है कि बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है। एक तरफ लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ IT शेयरों में कमजोरी और 24,500 के नीचे निफ्टी की मौजूदगी तेजी को सीमित कर रही है।
इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,200-24,300 का सपोर्ट जोन और 24,500 का रेजिस्टेंस बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 24,500 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट आने पर तेजी का भरोसा बढ़ सकता है, जबकि 24,200 के नीचे फिसलने पर बाजार में दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल निवेशकों के लिए सेक्टर और स्टॉक के स्तर पर चयनात्मक रणनीति रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। सिर्फ इंडेक्स की एक दिन की रिकवरी के आधार पर आक्रामक दांव लगाने के बजाय बाजार के सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखना जरूरी होगा।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या निवेश उत्पाद में पैसा लगाने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in की ओर से किसी भी निवेशक को व्यक्तिगत निवेश सलाह या शेयर खरीदने की सिफारिश नहीं की जाती है।


