Career Success Story: न B.Tech की डिग्री, न किसी बड़े कॉलेज का टैग और करियर की शुरुआत महज ₹1.84 लाख सालाना सैलरी से। इसके बावजूद एक शख्स ने करीब 9 साल में अपनी सालाना कमाई बढ़ाकर ₹75 लाख कर ली। Reddit पर शेयर की गई इस करियर जर्नी में नौकरी बदलने, सैलरी नेगोशिएशन, मुश्किल मैनेजर और लेऑफ जैसे कई मोड़ आए।
किसी बड़े कॉलेज की डिग्री और मोटे पैकेज से करियर की शुरुआत होना जरूरी नहीं है। सही स्किल, लगातार सीखने और बेहतर अवसर तलाशने की क्षमता के दम पर करियर में बड़ी छलांग लगाई जा सकती है। Reddit पर एक यूजर ने अपनी ऐसी ही करियर जर्नी शेयर की है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है।
उसके मुताबिक, करीब 9 साल पहले उसकी सालाना सैलरी सिर्फ ₹1.84 लाख थी। आज वही शख्स ₹75 लाख सालाना कमा रहा है। खास बात यह है कि उसने न तो B.Tech किया था और न ही किसी नामी संस्थान से पढ़ाई की थी। इस दौरान उसने कई बार नौकरी बदली, सैलरी को लेकर बातचीत की और एक समय लेऑफ का सामना भी किया।
शुरुआत सिर्फ ₹1.84 लाख सालाना से हुई
From 1.84LPA to 75LPA in 9 years.
No BTech. Passed out from a Tier-3 college.
This is how he achieved it: pic.twitter.com/pJjQQGcfaA
— Swapna Kumar Panda (@swapnakpanda) August 16, 2026 शख्स ने Tier-3 कॉलेज से B.Sc. Mathematics with Computer Applications की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उसे एक IT कंपनी में नौकरी मिल गई।
उसकी पहली सालाना सैलरी करीब ₹1.84 लाख थी। करियर के शुरुआती वर्षों में उसकी कमाई बहुत तेजी से नहीं बढ़ी। करीब चार साल तक काम करने के बाद उसकी सैलरी बढ़कर लगभग ₹4.5 लाख सालाना हुई।
यानी शुरुआती दौर में उसे भी वैसी ही धीमी ग्रोथ का सामना करना पड़ा, जैसी कई युवाओं को अपने करियर की शुरुआत में करनी पड़ती है।
कोविड के दौरान बदली करियर की दिशा
इसके बाद उसके करियर में पहला बड़ा बदलाव आया। कोविड महामारी के दौरान नौकरी का बाजार काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इसी समय उसने बेहतर अवसर तलाशना शुरू किया।
उसने नौकरी बदली और एक Big Four कंपनी में पहुंच गया। नई कंपनी में उसकी सालाना सैलरी सीधे ₹8 लाख हो गई। यानी पिछली सैलरी के मुकाबले उसकी कमाई में काफी बड़ा उछाल आया।
हालांकि, उसने इस पैकेज को अपनी मंजिल नहीं माना।
₹8 लाख के ऑफर पर नहीं रुका, नेगोशिएशन से मिला ₹17.4 लाख
करीब एक साल बाद उसे लगा कि मौजूदा भूमिका में आगे बढ़ने की संभावनाएं सीमित हैं। इसके बाद उसने फिर से नौकरी तलाशना शुरू किया।
इस बार उसके पास एक से ज्यादा ऑफर आए। उसने पहला ऑफर तुरंत स्वीकार करने के बजाय सैलरी पर बातचीत की। इसी नेगोशिएशन का फायदा उसे मिला और आखिरकार उसका पैकेज बढ़कर ₹17.4 लाख सालाना हो गया।
यानी ₹8 लाख से ₹17.4 लाख तक पहुंचने के लिए उसने सिर्फ कंपनी नहीं बदली, बल्कि अपनी स्किल और मार्केट वैल्यू के आधार पर बेहतर पैकेज के लिए बातचीत भी की।
मुश्किल बॉस के बावजूद जारी रही ग्रोथ
अगले करीब तीन साल उसके लिए आसान नहीं रहे। उसे एक मुश्किल मैनेजर के साथ काम करना पड़ा। इसके बावजूद उसने अपने काम और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान बनाए रखा।
समय के साथ मिलने वाली सैलरी हाइक के जरिए उसका पैकेज बढ़कर करीब ₹30 लाख सालाना तक पहुंच गया।
इसके बाद उसने एक स्टार्टअप में जाने का फैसला किया। उसके लिए बेहतर कमाई के साथ-साथ वर्क एनवायरनमेंट भी महत्वपूर्ण था।
स्टार्टअप में पहुंचते ही ₹42.2 लाख हुआ पैकेज
नई कंपनी में जाने का फैसला एक बार फिर उसके लिए फायदेमंद साबित हुआ। स्टार्टअप में उसका सालाना पैकेज बढ़कर ₹42.2 लाख हो गया।
करियर लगातार ऊपर जाता दिखाई दे रहा था, लेकिन कुछ ही समय बाद उसे एक अप्रत्याशित झटका लगा।
₹42 लाख की नौकरी गई, हुआ लेऑफ
स्टार्टअप में करीब एक साल काम करने के बाद उसे लेऑफ का सामना करना पड़ा। यानी ₹42.2 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी अचानक खत्म हो गई।
हालांकि, उसने इस स्थिति को सिर्फ नुकसान के तौर पर नहीं देखा। नौकरी से मिले सेवरेंस पीरियड का इस्तेमाल उसने खुद को अगली भूमिका के लिए तैयार करने में किया और नए अवसरों की तलाश जारी रखी।
लेऑफ के बाद मिला ₹75 लाख का पैकेज
कुछ समय बाद उसे एक दूसरे स्टार्टअप में नौकरी मिल गई। इस बार मिला ऑफर उसकी अब तक की पूरी करियर जर्नी का सबसे बड़ा पड़ाव साबित हुआ।
उसका सालाना पैकेज बढ़कर ₹75 लाख हो गया। यानी ₹42.2 लाख से ₹75 लाख तक की छलांग करीब 77 फीसदी की थी।
अगर पूरी यात्रा देखें तो करीब 9 साल में उसकी सालाना कमाई ₹1.84 लाख से बढ़कर ₹75 लाख हो गई। यह करीब 41 गुना की वृद्धि है।
इस करियर स्टोरी से क्या सीख मिलती है?
इस कहानी की सबसे बड़ी सीख यह है कि करियर में सफलता सिर्फ कॉलेज के नाम या शुरुआती पैकेज से तय नहीं होती। शख्स ने Tier-3 कॉलेज से पढ़ाई की और B.Tech जैसी डिग्री भी उसके पास नहीं थी, लेकिन उसने समय के साथ अपनी स्किल और अनुभव को मजबूत किया।
उसकी जर्नी से कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं:
- अपनी स्किल की मार्केट वैल्यू समझना जरूरी है।
- बेहतर अवसर मिलने पर नौकरी बदलना करियर ग्रोथ में मदद कर सकता है।
- सिर्फ ऑफर स्वीकार करने के बजाय सैलरी नेगोशिएशन करना भी महत्वपूर्ण है।
- मुश्किल मैनेजर या खराब अनुभव को करियर की रुकावट नहीं बनने देना चाहिए।
- लेऑफ के बाद भी नए अवसर तलाशे जा सकते हैं।
- लगातार सीखते रहना और खुद को अगली भूमिका के लिए तैयार रखना लंबे समय में फायदा देता है।
इस कहानी से यह भी समझ आता है कि करियर हमेशा सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ता। कभी सैलरी तेजी से बढ़ती है, कभी मुश्किल मैनेजर का सामना करना पड़ता है और कभी अच्छी नौकरी भी चली जाती है। लेकिन सही रणनीति और लगातार प्रयास के साथ एक झटका अगले बड़े अवसर का रास्ता भी खोल सकता है।


