BEML Share Price: सरकारी डिफेंस कंपनी BEML Limited के शेयरों में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर करीब 3 फीसदी उछलकर ₹1,928 के हाई तक पहुंच गया। शेयर में इस तेजी की बड़ी वजह कंपनी को मॉरीशस से मिला ₹63.59 करोड़ का ऑर्डर है। यह ऑर्डर BE220G हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर्स की सप्लाई से जुड़ा है। इसके अलावा कंपनी को हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से भी ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर मिला था। ऐसे में निवेशकों की नजर अब BEML के शेयर पर है कि मौजूदा स्तर पर इसमें खरीदारी का मौका बन रहा है या नहीं।
मॉरीशस से मिला ₹63.59 करोड़ का ऑर्डर
BEML ने शुक्रवार को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि कंपनी को मॉरीशस से 66.5 लाख अमेरिकी डॉलर का ऑर्डर मिला है। भारतीय करेंसी में इसकी वैल्यू करीब ₹63.59 करोड़ बैठती है। यह ऑर्डर BEML के BE220G हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर्स की सप्लाई के लिए है।
कंपनी के मुताबिक इन मशीनों को अफ्रीका के प्रमुख बाजारों में तैनात किया जाएगा। इनमें लाइबेरिया, सिएरा लियोन, घाना, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC), कोटे डी आइवर और आसपास के देश शामिल हैं।
इस प्रोजेक्ट को कई चरणों में पूरा किया जाएगा। इसकी शुरुआत सिएरा लियोन में पायलट डिप्लॉयमेंट से होगी। इसके बाद जरूरत और प्रोजेक्ट की प्रगति के आधार पर अन्य बाजारों में मशीनों की तैनाती की जाएगी।
सिर्फ मशीनों की सप्लाई नहीं, सर्विस सपोर्ट भी
इस ऑर्डर के तहत BEML की जिम्मेदारी केवल एक्सकेवेटर्स की सप्लाई तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी कॉम्प्रिहैन्सिव वारंटी, तकनीकी सहायता और साइट पर सर्विस सपोर्ट भी उपलब्ध कराएगी।
इसके अलावा कंपनी ऑपरेटर ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स, स्पेशलाइज्ड टूल्स और मेंटेनेंस से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी उपलब्ध कराएगी। इस तरह यह ऑर्डर BEML के लिए मशीनरी की बिक्री के साथ-साथ आफ्टर-सेल्स सर्विस बिजनेस को बढ़ाने का अवसर भी देता है।
कंपनी ने बताया है कि इस ऑर्डर के साथ उसकी इंटरनेशनल ऑर्डर बुकिंग्स का आंकड़ा करीब 11.9 लाख अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। इससे कंपनी के विदेशी बाजारों में विस्तार की रणनीति को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शेयर में 3% तक की तेजी
ऑर्डर की खबर के बाद सोमवार को BEML के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर BSE पर करीब 3 फीसदी चढ़कर ₹1,928 के हाई तक पहुंचा।
इस तेजी के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹15,900 करोड़ के आसपास पहुंच गया। हालांकि शेयर अभी भी अपने 52-सप्ताह के हाई से नीचे कारोबार कर रहा है।
BEML के शेयर का 52-सप्ताह का एडजस्टेड हाई ₹2,276.75 है, जबकि एडजस्टेड लो ₹1,361.10 रहा है। यानी मौजूदा स्तर से शेयर को अपने 52-सप्ताह के हाई तक पहुंचने के लिए अभी अच्छी-खासी तेजी की जरूरत होगी।
शॉर्ट टर्म प्रदर्शन की बात करें तो BEML का शेयर पिछले दो सप्ताह में करीब 9 फीसदी मजबूत हुआ है। वहीं तीन साल की अवधि में शेयर ने करीब 85 फीसदी का रिटर्न दिया है। हालांकि, किसी भी शेयर में पिछले रिटर्न को भविष्य की तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता।
ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट प्राइस
BEML के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने ‘Accumulate’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,940 से बढ़ाकर ₹2,011 प्रति शेयर कर दिया है।
यह टारगेट मौजूदा बाजार भाव के मुकाबले सीमित लेकिन संभावित तेजी की ओर इशारा करता है। ऐसे में निवेशकों के लिए केवल टारगेट प्राइस को देखकर खरीदारी करने के बजाय कंपनी की ऑर्डर बुक, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और शेयर के चार्ट पर भी नजर रखना जरूरी है।
HAL से भी मिला था ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर
BEML को हाल ही में एक और बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर मिला था।
यह ऑर्डर लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) फ्यूजलेज एयरोस्ट्रक्चर्स की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई से संबंधित है। डिफेंस सेक्टर में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर बढ़ते फोकस के बीच इस तरह के ऑर्डर BEML के लिए महत्वपूर्ण माने जा सकते हैं।
BEML भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली सरकारी कंपनी है। कंपनी का कारोबार डिफेंस, माइनिंग और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। पहले इसका नाम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड था।
जून तिमाही में घाटा हुआ कम
BEML के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी ने अपने घाटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है।
कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस सालाना आधार पर करीब 58 फीसदी घटकर ₹27 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹64.11 करोड़ का घाटा हुआ था।
यानी कंपनी ने घाटे को काफी हद तक नियंत्रित किया है। हालांकि कंपनी अभी भी मुनाफे में नहीं आई है और यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु रहेगा।
रेवेन्यू में 29% की बढ़ोतरी
जून तिमाही में BEML के ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 29 फीसदी बढ़कर ₹819.62 करोड़ हो गया। पिछले साल जून तिमाही में यह आंकड़ा ₹633.99 करोड़ था।
इससे पता चलता है कि कंपनी के कारोबार में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। हालांकि इसी दौरान कंपनी के खर्च भी बढ़े। जून 2026 तिमाही में कुल खर्च ₹854.91 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹712.84 करोड़ था।
इसलिए निवेशकों के लिए आने वाली तिमाहियों में केवल रेवेन्यू ग्रोथ ही नहीं, बल्कि मार्जिन और खर्चों पर नियंत्रण भी महत्वपूर्ण रहेगा।
क्या BEML शेयर में निवेश का सही मौका है?
BEML के शेयर में मौजूदा तेजी के पीछे कई सकारात्मक संकेत हैं। मॉरीशस से मिला ₹63.59 करोड़ का ऑर्डर, HAL से मिला ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर और इंटरनेशनल बिजनेस में विस्तार कंपनी के लिए पॉजिटिव फैक्टर हैं।
इसके अलावा जून तिमाही में घाटे में करीब 58 फीसदी की कमी और रेवेन्यू में 29 फीसदी की बढ़ोतरी भी कंपनी के प्रदर्शन में सुधार का संकेत देती है। डिफेंस सेक्टर में सरकारी खर्च और घरेलू उत्पादन पर बढ़ते जोर से भी BEML को लंबे समय में फायदा मिल सकता है।
दूसरी तरफ शेयर का मौजूदा भाव पिछले कुछ समय की तेजी के बाद काफी ऊपर आ चुका है। कंपनी अभी भी घाटे में है और खर्चों में तेज बढ़ोतरी चिंता का विषय हो सकती है। इसलिए केवल ऑर्डर मिलने की खबर के आधार पर शेयर में तेजी के पीछे भागना जोखिम भरा हो सकता है।
ब्रोकरेज की ‘Accumulate’ रेटिंग भी यह संकेत देती है कि मौजूदा स्तरों पर निवेशकों को चरणबद्ध तरीके से विचार करना चाहिए, न कि बिना जोखिम का आकलन किए आक्रामक खरीदारी करनी चाहिए।
निष्कर्ष: BEML के लिए ऑर्डर फ्लो और डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ संभावनाएं सकारात्मक हैं, लेकिन शेयर में निवेश से पहले मौजूदा वैल्यूएशन, तिमाही नतीजों, ऑर्डर बुक और तकनीकी स्तरों का आकलन जरूरी है। जिन निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता अधिक है, वे विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर रणनीति बना सकते हैं।
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