दुनिया में 200 से ज्यादा देश हैं और इनमें से कई देशों का इतिहास हजारों साल पुराना है। इन देशों ने अलग-अलग दौर में कई सभ्यताओं, राजवंशों और साम्राज्यों का उत्थान और पतन देखा है। खास बात यह है कि कई देशों ने हजारों वर्षों के बदलाव के बावजूद अपनी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक पहचान को काफी हद तक बनाए रखा है।
मिस्र, भारत और चीन जैसे देशों का नाम दुनिया की प्राचीन सभ्यताओं के साथ लिया जाता है। वहीं सैन मैरिनो को दुनिया के सबसे पुराने मौजूदा गणराज्यों में गिना जाता है। हालांकि, दुनिया का सबसे पुराना देश कौन सा है, इसका एक निश्चित जवाब देना आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि किसी देश की उम्र प्राचीन सभ्यता, पहले संगठित राज्य, राजनीतिक निरंतरता या मौजूदा संप्रभु राष्ट्र के आधार पर अलग-अलग तरीके से तय की जा सकती है।
आइए जानते हैं दुनिया के कुछ ऐसे देशों के बारे में, जिनका इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है।
मिस्र का इतिहास करीब 5,000 साल पुराना
मिस्र को दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में गिना जाता है। नील नदी के किनारे विकसित हुई प्राचीन मिस्र की सभ्यता अपनी वास्तुकला, धार्मिक मान्यताओं और राजशाही व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध रही है।
इतिहासकारों के अनुसार, करीब 3100 ईसा पूर्व में राजा नार्मर के शासनकाल में ऊपरी और निचले मिस्र के एकीकरण को शुरुआती राजवंशीय मिस्र के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जाता है। गीजा के पिरामिड, प्राचीन मंदिर और अन्य स्मारक आज भी मिस्र के हजारों साल पुराने इतिहास की गवाही देते हैं।
भारत की सभ्यता भी हजारों साल पुरानी
भारत को दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यतागत परंपराओं वाले देशों में शामिल किया जाता है। भारतीय उपमहाद्वीप में सिंधु घाटी सभ्यता का विकास तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में हुआ था। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे शहर उस समय की विकसित शहरी व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली और व्यापारिक गतिविधियों को दर्शाते हैं।
इसके बाद वैदिक परंपराओं, महाजनपदों, मौर्य, गुप्त और कई अन्य राजवंशों ने भारतीय इतिहास को आकार दिया। गणित, चिकित्सा, दर्शन, खगोल विज्ञान, साहित्य और कला में भारत की प्राचीन परंपराओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
भारत की खास बात यह है कि यहां की कई सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराएं आज भी अलग-अलग रूपों में लोगों के जीवन का हिस्सा हैं।
चीन का इतिहास भी हजारों साल पुराना
चीन की सभ्यता का इतिहास भी बेहद प्राचीन है। पारंपरिक चीनी इतिहास में शिया राजवंश की शुरुआत करीब 2070 ईसा पूर्व मानी जाती है। हालांकि इस शुरुआती काल से जुड़े कई विवरणों को लेकर इतिहासकारों के बीच बहस भी है।
इसके बाद शांग, झोउ, चिन, हान और अन्य राजवंशों ने चीन के राजनीतिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कागज, छपाई, बारूद और कंपास जैसे आविष्कारों के कारण भी चीन का नाम विश्व इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
जॉर्जिया का प्राचीन इतिहास
जॉर्जिया का इतिहास भी हजारों साल पुराना है। आधुनिक जॉर्जिया के क्षेत्र का संबंध कोल्चिस और आइबेरिया जैसे प्राचीन राज्यों से जोड़ा जाता है।
यह क्षेत्र अलग-अलग समय में रोमन, फारसी, अरब, मंगोल और अन्य शक्तियों के प्रभाव में रहा। इसके बावजूद जॉर्जिया ने अपनी भाषा, संस्कृति और विशिष्ट पहचान को लंबे समय तक बनाए रखा।
इथियोपिया: अफ्रीका के प्राचीन देशों में शामिल
इथियोपिया का इतिहास अफ्रीका के सबसे पुराने और समृद्ध इतिहासों में गिना जाता है। इस क्षेत्र में कई प्राचीन राज्य और संस्कृतियां विकसित हुईं। बाद के दौर में अक्सुम साम्राज्य ने भी इस क्षेत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इथियोपिया की एक खास ऐतिहासिक पहचान यह भी है कि अफ्रीका में यूरोपीय औपनिवेशिक विस्तार के दौर में उसने लंबे समय तक अपनी स्वतंत्रता बनाए रखी। हालांकि, 1936 से 1941 के बीच इटली ने इथियोपिया पर कब्जा किया था।
ग्रीस और प्राचीन यूनानी सभ्यता
ग्रीस का इतिहास भी दुनिया की सबसे प्रभावशाली प्राचीन सभ्यताओं में शामिल है। प्राचीन यूनान ने दर्शन, गणित, विज्ञान, कला, साहित्य और राजनीति के विकास में बड़ा योगदान दिया।
सुकरात, प्लेटो और अरस्तू जैसे दार्शनिकों की विचारधारा का प्रभाव आज भी दुनिया भर में दिखाई देता है। हालांकि आधुनिक ग्रीस और प्राचीन यूनानी नगर-राज्यों के बीच सीधी राजनीतिक निरंतरता को समझते समय ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है।
ईरान का इतिहास प्राचीन फारस से जुड़ा
आधुनिक ईरान का इतिहास प्राचीन फारसी सभ्यताओं और साम्राज्यों से जुड़ा है। करीब छठी शताब्दी ईसा पूर्व में साइरस द ग्रेट ने अकेमेनिड साम्राज्य की नींव रखी। यह प्राचीन दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक बना।
फारसी साम्राज्य ने पश्चिम एशिया से लेकर अन्य क्षेत्रों तक राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रभाव डाला। ईरान की भाषा, कला, वास्तुकला और साहित्य में इस लंबे इतिहास की छाप आज भी दिखाई देती है।
जापान की स्थापना की पारंपरिक तारीख 660 ईसा पूर्व
जापान के इतिहास में 660 ईसा पूर्व की तारीख पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। जापानी परंपरा के अनुसार, इसी समय सम्राट जिम्मू ने शासन की शुरुआत की थी। हालांकि, आधुनिक इतिहासकार इस तारीख और जिम्मू के ऐतिहासिक अस्तित्व को प्रमाणित तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं करते।
फिर भी जापान की सांस्कृतिक और राजनीतिक परंपराएं बहुत पुरानी हैं। आज जापान अपनी प्राचीन परंपराओं और आधुनिक तकनीक के अनोखे मेल के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
आर्मेनिया का इतिहास और प्राचीन परंपराएं
आर्मेनिया का इतिहास भी काफी पुराना है। आर्मेनियाई परंपराओं में देश के इतिहास को हायक नामक पूर्वज से जोड़ा जाता है और कुछ पारंपरिक कालगणनाएं 2492 ईसा पूर्व जैसी तारीखों का उल्लेख करती हैं। हालांकि, इन्हें आधुनिक इतिहास में प्रमाणित स्थापना-तिथि नहीं माना जाता।
आर्मेनिया का क्षेत्र कई प्राचीन राज्यों और सभ्यताओं का केंद्र रहा है। करीब 301 ईस्वी में आर्मेनिया ने ईसाई धर्म को राजकीय धर्म के रूप में अपनाया, जिसे उसके इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।
सैन मैरिनो: दुनिया के सबसे पुराने गणराज्यों में से एक
अगर बात लगातार मौजूद राजनीतिक संस्थान और गणराज्य की हो, तो सैन मैरिनो का नाम बेहद महत्वपूर्ण है। इटली से घिरा यह छोटा देश अपनी स्थापना की तारीख 301 ईस्वी बताता है।
परंपरा के अनुसार, सेंट मैरिनस ने इसकी स्थापना की थी। सैन मैरिनो को दुनिया के सबसे पुराने मौजूदा गणराज्यों में से एक माना जाता है और इसकी राजनीतिक पहचान सदियों से बनी हुई है।
तो आखिर दुनिया का सबसे पुराना देश कौन सा है?
इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि ‘पुराना देश’ किस आधार पर तय किया जा रहा है।
अगर प्राचीन सभ्यता की बात करें तो भारत, मिस्र और चीन जैसे देशों का इतिहास हजारों साल पीछे तक जाता है। अगर किसी प्राचीन राज्य या राजनीतिक परंपरा की निरंतरता देखी जाए, तो अलग-अलग देशों के दावे सामने आते हैं। वहीं मौजूदा गणराज्य की ऐतिहासिक निरंतरता के मामले में सैन मैरिनो का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
इसलिए किसी एक देश को बिना किसी आधार के दुनिया का सबसे पुराना देश कहना सही नहीं होगा। असल में इन देशों की खासियत उनकी हजारों साल पुरानी सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत में है, जिसे उन्होंने अलग-अलग रूपों में आज तक आगे बढ़ाया है।


