अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार यानी Strategic Petroleum Reserve (SPR) पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान युद्ध के बाद तेल सप्लाई में आई परेशानी से निपटने के लिए अमेरिका ने अपने रिजर्व से करीब 172 मिलियन बैरल कच्चा तेल निकाला है। इसके बाद SPR का स्टॉक 300 मिलियन बैरल से नीचे पहुंच गया है। यह करीब चार दशक में रिजर्व का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है।
मौजूदा स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि विशेषज्ञों के मुताबिक SPR का व्यावहारिक ऑपरेशनल स्तर करीब 250 से 300 मिलियन बैरल के बीच होना चाहिए। अगर तेल की निकासी इसी रफ्तार से जारी रहती है, तो अमेरिकी रिजर्व में उपलब्ध तेल की मात्रा करीब 243 मिलियन बैरल तक पहुंच सकती है।
172 मिलियन बैरल तेल निकाला गया
ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच अमेरिका ने रणनीतिक रिजर्व का इस्तेमाल किया। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक SPR से करीब 172 मिलियन बैरल तेल निकाला जा चुका है।
इस लगातार निकासी का सीधा असर रिजर्व के कुल स्टॉक पर पड़ा है। अगर मौजूदा निकासी जारी रहती है, तो SPR का स्तर और नीचे जा सकता है। ऐसे में भविष्य में किसी नई ऊर्जा आपात स्थिति के दौरान अमेरिका की प्रतिक्रिया क्षमता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
60 नमक की गुफाओं में रखा जाता है तेल
अमेरिका का Strategic Petroleum Reserve सामान्य तेल टैंकों में नहीं रखा जाता। इसका बड़ा हिस्सा लुइसियाना और टेक्सास के गल्फ कोस्ट क्षेत्र में जमीन के हजारों फीट नीचे बनी करीब 60 नमक की गुफाओं में स्टोर किया जाता है।
इन भूमिगत गुफाओं में कच्चे तेल को सुरक्षित रखने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल होता है। जरूरत पड़ने पर गुफाओं में पानी डाला जाता है। पानी के दबाव से तेल ऊपर आता है और फिर पाइपलाइन के जरिए उसे बाहर निकालकर रिफाइनरी तक पहुंचाया जा सकता है।
250 से 300 मिलियन बैरल का स्तर क्यों अहम?
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के मुताबिक गुफाओं को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए एक न्यूनतम मात्रा में तेल का मौजूद रहना जरूरी है। विभाग के अनुसार करीब 70 मिलियन बैरल तेल का स्तर गुफाओं के संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
हालांकि, कुछ ऊर्जा विशेषज्ञ इस न्यूनतम सीमा को पर्याप्त नहीं मानते। टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग प्रोफेसर सिद्धार्थ मिश्रा के मुताबिक गुफा के ऊपरी हिस्से में पर्याप्त कच्चा तेल रहना जरूरी है, ताकि पाइप सुरक्षित रूप से तेल में डूबे रहें।
उनके मुताबिक SPR का वास्तविक और व्यावहारिक ऑपरेशनल फ्लोर करीब 250 से 300 मिलियन बैरल के बीच माना जा सकता है। मौजूदा स्टॉक इस दायरे तक पहुंचने के कारण रिजर्व की संचालन क्षमता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमोस होकस्टीन ने जताई चिंता
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के वरिष्ठ ऊर्जा सलाहकार रहे अमोस होकस्टीन ने भी SPR के बेहद निचले स्तर तक पहुंचने को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि रिजर्व को केवल 70 मिलियन बैरल तक घटाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
उनके मुताबिक इतने निचले स्तर पर पहुंचने के बाद SPR को दोबारा उसकी पुरानी क्षमता के करीब लाना आसान नहीं होगा। यही वजह है कि विशेषज्ञ केवल मौजूदा तेल की मात्रा नहीं, बल्कि भविष्य में रिजर्व को फिर से भरने की क्षमता पर भी नजर रख रहे हैं।
अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने गुफाओं के कमजोर होने की आशंका खारिज की
हालांकि अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने SPR की गुफाओं के ढहने या कमजोर होने की आशंकाओं को खारिज किया है। विभाग के प्रवक्ता बेन डाइटरडिच के मुताबिक गुफाएं लगातार भरी रहती हैं और उनमें मुख्य बदलाव तेल और पानी के अनुपात में होता है।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि ट्रंप प्रशासन SPR को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति के तौर पर जिम्मेदारी से मैनेज कर रहा है।
आगे और बढ़ सकता है ऊर्जा संकट
अगर ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव लंबे समय तक बना रहता है और अमेरिका को SPR से लगातार तेल निकालना पड़ता है, तो रिजर्व का स्तर और नीचे जा सकता है।
इसका असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। दुनिया के सबसे बड़े रणनीतिक तेल भंडार में बड़ी गिरावट वैश्विक तेल बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है। भविष्य में अगर किसी नई सप्लाई बाधा या ऊर्जा आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो अमेरिका के पास कितनी मात्रा में तेल तुरंत उपलब्ध होगा और कितनी तेजी से उसे बाजार में उतारा जा सकेगा, यह बड़ा सवाल बन सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती SPR को मौजूदा संकट से निपटने के लिए इस्तेमाल करने और भविष्य की ऊर्जा आपात स्थिति के लिए पर्याप्त रिजर्व बचाए रखने के बीच संतुलन बनाने की है।


