IMD Heavy Rain Forecast: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, 16 अगस्त से अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव, और मजबूत होगा सिस्टम
IMD के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों के पास 16 अगस्त को निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक प्रभावी होने की संभावना है।
इसके साथ ही मानसून ट्रफ की स्थिति भी बारिश के लिए अनुकूल बनी हुई है। ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा दक्षिण की ओर बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुजरात और जम्मू डिविजन के आसपास भी चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं।
इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। IMD ने अगले दो दिनों के दौरान ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
16 और 17 अगस्त को ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं 17 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल में भी कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी है।
अत्यधिक बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बढ़ सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
असम और मेघालय में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। अरुणाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 से 22 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिन मौसम रहेगा खराब
उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। मानसून ट्रफ की स्थिति के चलते अगले 3 से 4 दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 18 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ऐसे में यूपी के निचले इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी अलर्ट
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी मौसम अगले कुछ दिनों तक चुनौतीपूर्ण रह सकता है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सप्ताह के कई दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड में 16 और 17 अगस्त, जबकि हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 17 से 19 अगस्त के बीच भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश की स्थिति में भूस्खलन, पत्थर गिरने और अचानक जलधाराओं के तेज होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा से बचना बेहतर रहेगा।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी बारिश
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17 और 18 अगस्त को व्यापक बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है। लोगों को बारिश के दौरान मौसम और यातायात से जुड़ी स्थानीय एडवाइजरी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश
मध्य भारत में भी बारिश का दौर तेज रहने वाला है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 16 से 18 अगस्त के दौरान कई इलाकों में व्यापक बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में पहले से हुई बारिश के बीच नई बारिश होने से स्थानीय जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश का अलर्ट
पश्चिमी भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 16 और 17 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।
गुजरात क्षेत्र और मराठवाड़ा में 16 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
घाट क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क पर पानी जमा होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक और तेलंगाना में 16 से 20 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान भी देश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हुई, जहां कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में भी अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र और असम में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। इन क्षेत्रों में करीब 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई।
अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए अगले 48 घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और अलग-अलग हिस्सों में बने चक्रवाती परिसंचरण मिलकर बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं।
खासकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है।
भारी बारिश के दौरान जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनियों का पालन करना चाहिए और मौसम बेहद खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर: मौसम का पूर्वानुमान समय और स्थान के अनुसार बदल सकता है। किसी विशेष इलाके के लिए यात्रा या सुरक्षा से जुड़ा निर्णय लेने से पहले स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनी जरूर देखें।


