Lodha Developers New Housing Projects: देश के रियल एस्टेट सेक्टर में घरों की मजबूत मांग के बीच लोढ़ा डेवलपर्स ने विस्तार की बड़ी तैयारी की है। मैक्रोटेक डेवलपर्स (Lodha Group) ने वित्त वर्ष 2026-27 में 21 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और नए फेज लॉन्च करने का प्लान बनाया है। कंपनी का फोकस मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), पुणे, बेंगलुरु और पहली बार दिल्ली-NCR के प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग मार्केट पर रहेगा।
कंपनी का यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब देश के बड़े शहरों में प्रीमियम घरों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। लोढ़ा डेवलपर्स ने FY27 में करीब ₹24,000 करोड़ की सेल्स बुकिंग हासिल करने का लक्ष्य रखा है। आइए जानते हैं कंपनी के इस बड़े हाउसिंग प्लान में क्या खास है और इसका घर खरीदने वालों पर क्या असर पड़ सकता है।
21 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का क्या है प्लान?
लोढ़ा डेवलपर्स के इन्वेस्टर्स प्रेजेंटेशन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की बाकी तीन तिमाहियों में कंपनी कुल 15.6 मिलियन वर्ग फीट क्षेत्र में नए डेवलपमेंट और प्रोजेक्ट फेज लॉन्च करने की तैयारी में है।
इस प्लान को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है।
7 नए प्रोजेक्ट्स होंगे लॉन्च
कंपनी करीब 5.9 मिलियन वर्ग फीट क्षेत्र में 7 बिल्कुल नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना बना रही है। ये प्रोजेक्ट्स MMR, दिल्ली-NCR, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख रियल एस्टेट बाजारों में होंगे।
इन 7 नए प्रोजेक्ट्स से कंपनी को करीब ₹9,850 करोड़ की सेल्स वैल्यू हासिल होने की उम्मीद है।
14 मौजूदा प्रोजेक्ट्स के नए फेज
इसके अलावा कंपनी अपने 14 मौजूदा प्रोजेक्ट्स में नए फेज लॉन्च करेगी। इनका कुल डेवलपमेंट एरिया लगभग 9.7 मिलियन वर्ग फीट होगा।
इन नए फेज से करीब ₹14,210 करोड़ की सेल्स हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी कंपनी का बड़ा फोकस सिर्फ नए शहरों में विस्तार पर नहीं, बल्कि अपने सफल मौजूदा प्रोजेक्ट्स की क्षमता बढ़ाने पर भी है।
दिल्ली-NCR में पहली बार उतरेगा Lodha Developers
लोढ़ा डेवलपर्स के विस्तार प्लान की सबसे बड़ी खासियत दिल्ली-NCR में पहली एंट्री है। कंपनी अब तक मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर चुकी है।
दिल्ली-NCR देश के सबसे बड़े प्रीमियम रियल एस्टेट बाजारों में शामिल है। गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के आसपास लग्जरी एवं प्रीमियम घरों की मांग ने डेवलपर्स का ध्यान लगातार आकर्षित किया है।
ऐसे में लोढ़ा की एंट्री से इस बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। वहीं होमबायर्स को भी प्रीमियम सेगमेंट में एक और बड़े डेवलपर के प्रोजेक्ट्स का विकल्प मिल सकता है।
कंपनी ने पहले ही शुरू कर दिया है FY27 का सफर
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में कंपनी MMR में करीब 4 लाख वर्ग फीट का एक प्रोजेक्ट लॉन्च कर चुकी है। इससे लगभग ₹330 करोड़ की सेल्स वैल्यू हासिल होने की उम्मीद है।
इससे संकेत मिलता है कि कंपनी सिर्फ भविष्य के लिए योजना नहीं बना रही, बल्कि FY27 के शुरुआती महीनों से ही नए प्रोजेक्ट लॉन्च और बिक्री बढ़ाने पर काम कर रही है।
जून तिमाही में मुनाफा हुआ दोगुना
लोढ़ा डेवलपर्स के लिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही वित्तीय प्रदर्शन के लिहाज से भी मजबूत रही।
अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 100% से ज्यादा बढ़कर ₹1,373.1 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब ₹675 करोड़ था।
कंपनी की कुल आय भी बढ़कर ₹5,096.7 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह करीब ₹3,624.7 करोड़ थी।
वहीं पहली तिमाही में कंपनी की सेल्स बुकिंग 4% बढ़कर ₹4,630 करोड़ रही।
FY27 में ₹24,000 करोड़ की सेल्स बुकिंग का लक्ष्य
लोढ़ा डेवलपर्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब ₹24,000 करोड़ की सेल्स बुकिंग का लक्ष्य रखा है। कंपनी को उम्मीद है कि प्रीमियम हाउसिंग की मजबूत मांग, नए प्रोजेक्ट लॉन्च और मौजूदा प्रोजेक्ट्स के नए फेज से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
कंपनी का अनुमान है कि FY27 में उसका नेट प्रॉफिट करीब 20% बढ़कर ₹4,100 करोड़ तक पहुंच सकता है।
बीते वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने करीब ₹17,119.5 करोड़ की कुल आय और ₹3,430.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। इसी अवधि में कंपनी की प्रॉपर्टी बिक्री करीब ₹20,530 करोड़ रही थी।
सिर्फ घर नहीं, कमर्शियल रियल एस्टेट पर भी फोकस
लोढ़ा डेवलपर्स की रणनीति केवल रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी तक सीमित नहीं है। कंपनी अपने कमर्शियल रियल एस्टेट पोर्टफोलियो को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
इसके तहत कंपनी का फोकस ऑफिस स्पेस, रिटेल, वेयरहाउसिंग, इंडस्ट्रियल पार्क्स और डेटा सेंटर पार्क्स जैसे सेगमेंट पर भी है।
डेटा सेंटर और इंडस्ट्रियल एसेट्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग कंपनी के लिए भविष्य में अतिरिक्त कमाई के अवसर पैदा कर सकती है। कंपनी अपने कुछ एसेट्स के मॉनेटाइजेशन के जरिए भी ग्रोथ को सपोर्ट करने की उम्मीद कर रही है।
घर खरीदने वालों के लिए क्या बदल सकता है?
लोढ़ा डेवलपर्स के 21 प्रोजेक्ट्स वाले प्लान का सीधा फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जो दिल्ली-NCR, मुंबई, पुणे या बेंगलुरु में प्रीमियम घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।
खास तौर पर दिल्ली-NCR में कंपनी की एंट्री से लग्जरी और प्रीमियम सेगमेंट में विकल्प बढ़ सकते हैं। हालांकि किसी भी प्रोजेक्ट को खरीदने से पहले खरीदारों को सिर्फ ब्रांड नाम पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
प्रोजेक्ट की लोकेशन, RERA रजिस्ट्रेशन, निर्माण की स्थिति, पजेशन टाइमलाइन, डेवलपमेंट प्लान, कुल कीमत, मेंटेनेंस चार्ज और आसपास की कनेक्टिविटी की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।
निष्कर्ष
लोढ़ा डेवलपर्स का वित्त वर्ष 2026-27 में 21 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और नए फेज लॉन्च करने का प्लान कंपनी के आक्रामक विस्तार की ओर इशारा करता है। 7 नए प्रोजेक्ट्स के साथ 14 मौजूदा प्रोजेक्ट्स के नए फेज कंपनी के लिए बिक्री बढ़ाने का बड़ा जरिया बन सकते हैं।
वहीं दिल्ली-NCR में पहली एंट्री इस पूरी रणनीति का सबसे अहम हिस्सा है। मजबूत पहली तिमाही के प्रदर्शन और ₹24,000 करोड़ की सेल्स बुकिंग के लक्ष्य के साथ कंपनी रियल एस्टेट बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, होमबायर्स के लिए किसी भी प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले उसके दस्तावेज, RERA स्थिति, कीमत और डेवलपमेंट टाइमलाइन की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रॉपर्टी खरीदना एक बड़ा वित्तीय फैसला है। किसी भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश या खरीदारी से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय/कानूनी सलाहकार से सलाह लें।


