DRI Action Areca Imports: भारत में सुपारी के आयात से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से लाई गई सुपारी को बांग्लादेशी मूल की बताकर भारत में आयात किया जा रहा था और इसके लिए SAFTA के तहत मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। इस मामले में सरकार को ₹2,500 करोड़ से अधिक के संभावित राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है। मामले में अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
100% कस्टम ड्यूटी से बचने का था खेल
👉 DRI uncovers large-scale illegal use of SAFTA agreement in areca imports
👉 Months long investigation reveals defrauding exchequer of over Rs. 2,500 crore (approx.); Rs. 75 lakh cash, 160 MT areca nuts seized (approx.); Nine arrested
👉 Syndicates imported areca nuts into… pic.twitter.com/ZZXnyWCEp5
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) August 16, 2026 सुपारी के आयात पर भारत में ऊंची कस्टम ड्यूटी लागू होती है। वहीं, SAFTA यानी South Asian Free Trade Area के तहत पात्र देशों से आने वाले कुछ सामान पर नियमों के मुताबिक शुल्क में रियायत मिल सकती है। इसी प्रावधान का कथित दुरुपयोग इस नेटवर्क ने किया।
DRI की जांच के मुताबिक, सिंडिकेट दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से सुपारी मंगाता था। इसमें इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया और अन्य देशों से खरीदी गई सुपारी शामिल थी। इसके बाद उसे बांग्लादेशी मूल की बताकर भारत में भेजने की कथित व्यवस्था की गई।
पहले बांग्लादेश पहुंचती थी सुपारी, फिर बदल जाता था खेल
जांच में सामने आए कथित तौर-तरीके के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया से लाई गई सुपारी को पहले बांग्लादेश के एक Export Processing Zone (EPZ) में भेजा जाता था।
इसके बाद कथित तौर पर:
- कंटेनर और पैकिंग में बदलाव किया जाता था।
- सुपारी को बांग्लादेशी मूल की दिखाने की कोशिश की जाती थी।
- SAFTA के तहत मिलने वाली रियायत का लाभ लेने के लिए दस्तावेज तैयार किए जाते थे।
- इसके बाद माल को भारत भेजा जाता था।
DRI को शक है कि नेटवर्क ने बांग्लादेशी मूल साबित करने के लिए SAFTA Certificate of Origin का भी कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया। इसी आधार पर भारतीय आयातकों को कस्टम ड्यूटी में छूट मिलती थी।
कोलकाता और विशाखापत्तनम में छापेमारी
DRI ने मामले की जांच के दौरान कोलकाता और विशाखापत्तनम में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान आयातकों, कस्टम ब्रोकर्स और Import Export Code (IEC) से जुड़े लोगों के परिसरों की जांच की गई।
छापेमारी में करीब ₹75 लाख नकद और लगभग 160 मीट्रिक टन सुपारी की एक लाइव खेप जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा जांच से जुड़े दस्तावेज और अन्य अहम सामग्री भी अधिकारियों के हाथ लगी।
सरकार को ₹2,500 करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान
DRI की कार्रवाई से इस नेटवर्क के बड़े पैमाने पर चलने का संकेत मिला है। जांच में ₹2,500 करोड़ से अधिक के संभावित राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है। यह रकम मुख्य रूप से उस कस्टम ड्यूटी से जुड़ी है, जो कथित गलत मूल देश बताकर बचाई गई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह संभावित राजस्व नुकसान का अनुमान है। जांच आगे बढ़ने के साथ वास्तविक देनदारी और मामले में शामिल कारोबार की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
घरेलू सुपारी किसानों पर भी पड़ता है असर
इस तरह के फर्जी आयात से सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान नहीं होता, बल्कि इसका असर घरेलू सुपारी उत्पादकों पर भी पड़ सकता है। विदेशी मूल की सुपारी अगर गलत तरीके से कम शुल्क पर भारतीय बाजार में पहुंचती है, तो वह घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव डाल सकती है।
इससे वैध तरीके से कारोबार करने वाले आयातकों और भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो सकती है। DRI पहले भी विदेशी मूल की सुपारी की तस्करी और गलत तरीके से आयात के मामलों में कार्रवाई कर चुका है। मई 2026 में DRI ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में करीब 60,000 किलो विदेशी मूल की सुपारी जब्त की थी और पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
पहले भी सामने आ चुके हैं सुपारी आयात में फर्जीवाड़े
सुपारी के आयात में कस्टम ड्यूटी बचाने के लिए गलत घोषणा और दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। DRI की पुरानी जांचों में सुपारी को दूसरे सामान के नाम पर घोषित करने और विदेशी मूल की सुपारी को गलत तरीके से भारत लाने के मामले दर्ज हुए हैं।
ताजा कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसियां SAFTA जैसे व्यापार समझौतों के तहत मिलने वाली शुल्क रियायतों के दुरुपयोग पर भी कड़ी नजर रख रही हैं। अब DRI की जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए कितनी मात्रा में सुपारी भारत लाई गई।


