हजारों जूतों और चप्पलों के ढेर में अपनी एक चप्पल तलाशना आसान काम नहीं है। लेकिन एक शख्स ने इस मुश्किल काम के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया। दावा है कि उसने 1,000 से ज्यादा जोड़ी फुटवियर के बीच अपनी खोई हुई चप्पल खोजने के लिए पूरे ढेर की तस्वीर खींची और ChatGPT से मदद मांगी। AI ने तस्वीर का विश्लेषण कर चप्पल की संभावित जगह बताई और इसके बाद उसे चप्पल मिल गई।
इस अनोखे AI जुगाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पोस्ट ने यह भी दिखाया कि लोग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई, लेखन या कोडिंग जैसे कामों के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने के लिए भी कर रहे हैं।
हजारों फुटवियर के बीच गुम हो गई थी चप्पल
वायरल वीडियो के मुताबिक, शख्स के सामने जूते-चप्पलों का बड़ा ढेर था। इसमें 1,000 से ज्यादा जोड़ी फुटवियर होने का दावा किया गया है। इसी दौरान उसकी एक clog यानी चप्पल कहीं गुम हो गई।
इतने बड़े ढेर में एक जैसी दिखने वाली कई चप्पलों के बीच अपनी चप्पल तलाशना काफी मुश्किल था। हर जोड़ी को एक-एक करके देखने में काफी समय लग सकता था। ऐसे में शख्स ने खुद तलाश करने के बजाय AI की मदद लेने का फैसला किया।
पूरी तस्वीर खींचकर ChatGPT से पूछा
Instagram यूजर शुभांग बोरकर की ओर से शेयर किए गए वीडियो में बड़ी संख्या में जूते-चप्पल एक जगह रखे दिखाई देते हैं। पोस्ट के मुताबिक, शख्स ने पूरे फुटवियर के ढेर की तस्वीर खींची और उसे ChatGPT में अपलोड कर दिया।
इसके बाद उसने AI से अपनी खोई हुई चप्पल की जगह पहचानने में मदद मांगी। दावा है कि ChatGPT ने तस्वीर में फुटवियर को देखकर चप्पल की संभावित लोकेशन बताई। शख्स ने उस जगह तलाश की और कथित तौर पर उसे अपनी चप्पल मिल गई।
हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। तस्वीर की क्वालिटी, एंगल और चप्पल की पहचान जैसे कई कारक AI के जवाब की सटीकता को प्रभावित कर सकते हैं।
20 लाख से ज्यादा बार देखा गया वीडियो
इस अनोखे प्रयोग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, इसे 20 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो देखने के बाद कई यूजर्स ने AI के इस इस्तेमाल को लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं।
एक यूजर ने लिखा कि उसे पता ही नहीं था कि ChatGPT का इस्तेमाल इस तरह भी किया जा सकता है। वहीं कुछ लोगों ने इस पूरे मामले को AI के बढ़ते इस्तेमाल का मजेदार उदाहरण बताया।
कुछ यूजर्स ने तो यह तक सुझाव दिया कि इतनी बड़ी संख्या में चप्पलों के बीच किसी एक जोड़ी को खोजने के लिए Google के Gemini Live जैसे AI टूल की मदद भी ली जा सकती है।
किसी ने कहा- AI तो रो रहा होगा!
वीडियो के कमेंट सेक्शन में यूजर्स ने खूब मजे लिए। एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि AI शायद कोने में बैठकर रो रहा होगा। वहीं दूसरे यूजर्स ने इस समस्या का अपना समाधान बताया।
कुछ लोगों ने कहा कि अगर उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े तो वे सबसे सुंदर दिखने वाली जोड़ी लेकर वहां से निकल जाएंगे। हालांकि, कई यूजर्स ने इसे सिर्फ मजाक नहीं बल्कि AI के व्यावहारिक इस्तेमाल का उदाहरण माना।
एक यूजर की प्रतिक्रिया थी कि आधुनिक समस्याओं के लिए आधुनिक समाधान की जरूरत होती है।
किताब खोजने में भी ली AI की मदद
इस वायरल पोस्ट के बाद कई लोगों ने अपने ऐसे अनुभव भी साझा किए, जहां उन्होंने किसी चीज को खोजने या पहचानने के लिए AI का इस्तेमाल किया।
एक महिला ने बताया कि उसके पति को एक किताब की तलाश थी। बुक सेल में बड़ी संख्या में किताबें रखी थीं। उन्होंने वहां मौजूद किताबों की तस्वीरें खींचकर ChatGPT से मदद मांगी। महिला के मुताबिक, AI ने तस्वीरों का विश्लेषण कर किताब की संभावित जगह पहचानने में सहायता की।
इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि AI की इमेज-एनालिसिस क्षमता का इस्तेमाल रोजमर्रा की स्थितियों में भी किया जा सकता है।
अब रोजमर्रा के कामों में भी इस्तेमाल हो रहा AI
कुछ साल पहले तक AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से जानकारी हासिल करने, कंटेंट तैयार करने, प्रोग्रामिंग और डेटा से जुड़े कामों तक सीमित माना जाता था। लेकिन मल्टीमॉडल AI टूल्स के आने के बाद तस्वीरों को समझने और उनमें मौजूद वस्तुओं की पहचान करने जैसे काम भी आसान हुए हैं।
खोई हुई वस्तु की संभावित जगह तलाशना इसका एक दिलचस्प उदाहरण है। हालांकि, AI की ओर से मिली जानकारी को हमेशा अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए। तस्वीर की गुणवत्ता, वस्तुओं की समानता और उपलब्ध जानकारी के आधार पर AI गलत पहचान भी कर सकता है।
वायरल चप्पल वाले मामले में भी AI के जरिए चप्पल मिलने का दावा सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद यह वीडियो इस बात की दिलचस्प झलक जरूर देता है कि लोग AI को अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह नए-नए तरीकों से इस्तेमाल कर रहे हैं।


