जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। दिसंबर 2021 में क्रिसमस से ठीक पहले महज तीन मिनट की जूम कॉल के जरिए 900 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर सुर्खियों में आए भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विशाल गर्ग की खुद की नौकरी चली गई है। उन्हें बेटर होम एंड फाइनेंस (Better) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पद से हटा दिया गया है।
HighLights
- विशाल गर्ग को अगस्त की शुरुआत में CEO पद से हटाया गया।
- बोर्ड ने उनके फैसले लेने के तरीके, व्यवहार और विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई।
- 2022 के बाद से कंपनी को 1.5 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है।
900 कर्मचारियों को जूम कॉल पर निकाला था
विशाल गर्ग दिसंबर 2021 में उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने क्रिसमस से ठीक पहले एक जूम कॉल में 900 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की जानकारी दी थी। करीब तीन मिनट की इस कॉल में कर्मचारियों को बताया गया था कि उनकी सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त की जा रही हैं।
इस अचानक फैसले और उसके तरीके की जमकर आलोचना हुई थी। घटना के बाद गर्ग कुछ समय के लिए छुट्टी पर चले गए थे। हालांकि, बाद में उन्होंने कंपनी के CEO के रूप में दोबारा जिम्मेदारी संभाल ली थी।
बोर्ड ने क्यों हटाया?
रिपोर्ट के अनुसार, बेटर के बोर्ड ने अगस्त की शुरुआत में विशाल गर्ग को CEO पद से हटाने का फैसला किया। बोर्ड के अनुसार, उनके फैसले लेने के तरीके, स्वभाव और विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं थीं।
गर्ग को हटाने के प्रस्ताव के पक्ष में उनके अलावा कंपनी के बाकी सभी निदेशकों ने सर्वसम्मति से मतदान किया। कंपनी को 2022 के बाद से 1.5 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान होने की बात भी सामने आई है।
नए CEO को लेकर भी लगाया आरोप
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, विशाल गर्ग ने नए CEO डैनियल लुईस पर उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया है। लुईस ने पिछले सप्ताह ही गर्ग की जगह कंपनी के CEO का पद संभाला था।
विशाल गर्ग की 2021 की वह जूम कॉल आज भी कॉरपोरेट जगत में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी के एक चर्चित उदाहरण के रूप में याद की जाती है। अब करीब पांच साल बाद खुद गर्ग का CEO पद से हटना एक बार फिर चर्चा में है।


