India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी, मध्य, उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान में कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश (Extreme Heavy Rainfall) हो सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले चार दिनों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
मध्य भारत में भी मानसूनी गतिविधियां तेज रहेंगी। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में भी 15 से 18 अगस्त के बीच व्यापक बारिश की संभावना है।
झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी में फिर सिस्टम बनने के आसार
IMD के अनुसार 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था। 15 अगस्त की सुबह यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर सक्रिय था। अगले करीब 12 घंटे में इसके और कमजोर होने का अनुमान है।
हालांकि मौसम की गतिविधियां यहीं थमने वाली नहीं हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटे में उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है।
इसके अलावा मध्य और आसपास के उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में शीयर जोन सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में कई राज्यों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज हुई।
इससे साफ है कि मानसून इस समय देश के कई हिस्सों में मजबूत स्थिति में है और आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता कुछ क्षेत्रों में और बढ़ सकती है।
यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश
उत्तर भारत के लिए भी मौसम विभाग ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए खासतौर पर 16 और 17 अगस्त महत्वपूर्ण रहेंगे। इन दिनों पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 15 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 15 से 21 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
17 अगस्त को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में एक्स्ट्रीम हेवी रेनफॉल
पूर्वी भारत में अगले कुछ दिन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त तक और झारखंड में 17 व 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। बिहार में 17 से 20 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
15 अगस्त को ओडिशा और 17 अगस्त को बिहार में आकाशीय बिजली और गरज-चमक का खतरा भी मौसम विभाग ने बताया है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी लगातार बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है। वहीं असम और मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी परिस्थितियां बनने का खतरा बढ़ सकता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून का जोर
मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।
विदर्भ में 15 से 18 अगस्त के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और लोगों को जलभराव वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश का दौर
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है। इस दौरान 15 से 17 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में बारिश की तीव्रता बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।
दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश
दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 15 से 21 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। लक्षद्वीप में 15-16 अगस्त और 19-21 अगस्त के दौरान बारिश का अनुमान है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और कुछ जगहों पर झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी 15 से 19 अगस्त के बीच तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
अगले चार दिन किन राज्यों में ज्यादा असर?
IMD के पूर्वानुमान को देखें तो अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्से बारिश से प्रभावित रहेंगे। इनमें प्रमुख रूप से:
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- हरियाणा
- पंजाब
- राजस्थान
- बिहार
- झारखंड
- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
- असम और मेघालय
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- कर्नाटक
- केरल
- तमिलनाडु
शामिल हैं।
हालांकि हर राज्य में बारिश की तीव्रता और समय अलग-अलग रहेगा। सबसे गंभीर स्थिति 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बन सकती है, जहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम खराब होने पर बरतें सावधानी
भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान लोगों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाना जरूरी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने या यात्रा करने वाले लोगों को भारी बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि लगातार बारिश से अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
कुल मिलाकर, 15 से 21 अगस्त के बीच देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय रहने वाला है। यूपी-उत्तराखंड से लेकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश का व्यापक असर दिख सकता है। वहीं 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में एक्स्ट्रीम हेवी रेनफॉल का अलर्ट इस पूरे मौसम सिस्टम का सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।


