8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इसका मतलब है कि आयोग की रिपोर्ट जमा करने की अंतिम समय सीमा मई 2027 तक है। रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार करीब 70 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन व पेंशन में बदलाव पर फैसला लेगी।
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। इस बीच आयोग की तय समय सीमा को लेकर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने बताया है कि आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी या नया फिटमेंट फैक्टर क्या होगा।
नवंबर 2025 में हुआ था आठवें वेतन आयोग का गठन
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंपनी होगी।
सरकार ने संसद के मानसून सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में बताया कि अभी तक आयोग ने अपनी सिफारिशें जमा नहीं की हैं। साथ ही आयोग ने समय से पहले रिपोर्ट सौंपने को लेकर भी कोई जानकारी नहीं दी है।
सरकार ने डेडलाइन को लेकर क्या कहा?
वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी कि आठवां वेतन आयोग अपने गठन के 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। सरकार ने यह भी बताया कि आयोग को हर चरण की प्रगति की नियमित रिपोर्ट सरकार को देना जरूरी नहीं है।
फिलहाल आयोग अलग-अलग पक्षों से बातचीत कर रहा है ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े सभी मुद्दों को समझकर सिफारिशें तैयार की जा सकें।
कर्मचारियों और यूनियनों से बातचीत कर रहा आयोग
आठवें वेतन आयोग ने अपनी प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चर्चा शुरू कर दी है।
आयोग कोलकाता और दिल्ली जैसे शहरों में कर्मचारी प्रतिनिधियों से बैठक कर चुका है। आने वाले समय में जयपुर, चेन्नई, पुद्दुचेरी और चंडीगढ़ सहित कई शहरों में भी बैठकें प्रस्तावित हैं।
वेतन आयोग किन मुद्दों पर देगा रिपोर्ट?
आठवें वेतन आयोग को केंद्र सरकार को कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी सिफारिशें देनी हैं। इनमें शामिल हैं:
- कर्मचारियों के वेतनमान (Pay Scale) में बदलाव
- फिटमेंट फैक्टर में संशोधन
- महंगाई भत्ता (DA) से जुड़े बदलाव
- पेंशन और फैमिली पेंशन में सुधार
- कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे
हालांकि, सरकार ने अभी तक यह संकेत नहीं दिया है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से कर्मचारियों की सैलरी में कितनी वृद्धि हो सकती है।
करीब 70 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा फायदा
अनुमान के मुताबिक, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर केंद्र सरकार के करीब 70 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा।
आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या करीब 35.77 लाख थी। वहीं, 31 दिसंबर 2025 तक पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स की संख्या करीब 33.76 लाख थी।
कब लागू हो सकती हैं 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?
जानकारों का मानना है कि अगर आयोग मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देता है, तो उसके बाद सरकार सिफारिशों की समीक्षा करेगी। इसके बाद मंजूरी मिलने पर इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
संभावना जताई जा रही है कि अगर प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 के अंत तक लागू हो सकती हैं।
हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार द्वारा आयोग की रिपोर्ट मिलने और उस पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर आयोग की अंतिम रिपोर्ट और उसमें प्रस्तावित बदलावों पर टिकी हुई है।


