Ola Electric Share: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के कमजोर जून तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस का भरोसा कमजोर हुआ है। Citi और Kotak Institutional Equities ने शेयर पर Sell रेटिंग बरकरार रखी है। दोनों ने कंपनी के लिए मौजूदा बाजार भाव से काफी नीचे के टारगेट दिए हैं। कमजोर बिक्री, रेवेन्यू में गिरावट, कैश बर्न और ₹57 करोड़ के प्रोविजन रिवर्सल को लेकर ऑडिटर की चिंता ने भी निवेशकों की परेशानी बढ़ाई है।
Ola Electric का शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई से करीब 44% नीचे कारोबार कर रहा है। जून तिमाही के नतीजों में कंपनी का घाटा कम जरूर हुआ, लेकिन रेवेन्यू में बड़ी गिरावट और EBITDA लॉस ने कारोबारी प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
पहली तिमाही में घाटा घटा, लेकिन पूरी तस्वीर इतनी अच्छी नहीं
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Ola Electric का नेट लॉस घटकर ₹336 करोड़ रह गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी को ₹428 करोड़ का घाटा हुआ था।
पहली नजर में घाटे में कमी सकारात्मक संकेत लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक अहम वजह ₹57 करोड़ के प्रोविजन रिवर्सल की भी रही। अगर इस लाभ को अलग कर दें तो कंपनी का समायोजित घाटा करीब ₹393 करोड़ बैठता है। इसलिए केवल नेट लॉस में कमी को कंपनी के मजबूत प्रदर्शन का संकेत मानना सही नहीं होगा।
Ola Electric का रेवेन्यू 45% गिरा
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता उसकी बिक्री और रेवेन्यू को लेकर है। जून तिमाही में Ola Electric का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 45% घटकर ₹455 करोड़ रह गया।
रेवेन्यू में इतनी बड़ी गिरावट बताती है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में कंपनी को बिक्री बढ़ाने में अभी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। Goldman Sachs ने भी तिमाही प्रदर्शन को कमजोर बताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कम रेवेन्यू के साथ बढ़ता EBITDA लॉस कंपनी के लिए चिंता का विषय है।
कंपनी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बिक्री की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ मार्जिन में सुधार करना है।
₹57 करोड़ के प्रोविजन रिवर्सल पर क्यों उठे सवाल?
Ola Electric की सब्सिडियरी Ola Cell Technologies ने ₹57 करोड़ का प्रोविजन रिवर्स किया। यह प्रोविजन निवेश से जुड़े निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होने की स्थिति में संभावित नुकसान को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था।
कंपनी ने हेवी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री से समयसीमा बढ़ाने और जुर्माना माफ करने की मांग की थी। हालांकि, 30 जून तक मंत्रालय की ओर से इसकी मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बावजूद कंपनी ने पूरा प्रोविजन रिवर्स कर दिया।
यही मामला अब कंपनी के ऑडिटर की चिंता का कारण बना है। निवेशकों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रोविजन रिवर्सल ने तिमाही के घाटे को कम करने में मदद की।
ऑडिटर ने जताई चिंता
Ola Electric के ऑडिटर B S R & Co. LLP ने प्रोविजन रिवर्सल को लेकर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर के मुताबिक, उसे इस प्रोविजन को रिवर्स करने के फैसले के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
ऑडिटर की आपत्ति ऐसे समय आई है जब कंपनी पहले ही कमजोर बिक्री और लगातार कैश बर्न जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में अकाउंटिंग से जुड़े सवाल निवेशकों के भरोसे पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं।
Goldman Sachs का Neutral रुख
Goldman Sachs ने Ola Electric पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस को ₹38.90 से बढ़ाकर ₹40 कर दिया है।
₹39.90 के संदर्भित बाजार भाव पर यह टारगेट करीब 0.25% की मामूली संभावित तेजी दिखाता है। लेकिन Goldman Sachs का रुख यह भी बताता है कि ब्रोकरेज को कंपनी में तत्काल बड़ा अपसाइड नजर नहीं आ रहा है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, जून तिमाही में रेवेन्यू 45% गिरा और EBITDA लॉस करीब ₹165 करोड़ रहा। कंपनी को आगे बिक्री बढ़ाने, मार्जिन सुधारने और कैश बर्न को नियंत्रित करने पर फोकस करना होगा।
Kotak ने ₹20 का टारगेट दिया
Kotak Institutional Equities ने Ola Electric पर Sell रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹20 रखा है।
₹39.90 के संदर्भित भाव की तुलना में ₹20 का टारगेट करीब 49.87% की संभावित गिरावट का संकेत देता है। Kotak के मुताबिक, कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिक्री में सुधार की है।
ब्रोकरेज ने औसत बिक्री कीमत यानी ASP में कमजोरी और कैश फ्लो को लेकर भी चिंता जताई है। अगर कंपनी बिक्री में तेजी नहीं ला पाती है और कैश बर्न जारी रहता है, तो भविष्य में अतिरिक्त पूंजी जुटाने की जरूरत पड़ सकती है।
यह स्थिति मौजूदा शेयरधारकों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है, खासकर तब जब कंपनी के कारोबार में अपेक्षित तेजी नहीं आती।
Citi ने ₹26 का टारगेट रखा
Citi ने भी Ola Electric पर Sell रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹26 तय किया है।
₹39.90 के संदर्भित भाव से ₹26 का टारगेट करीब 34.84% की संभावित गिरावट दिखाता है।
Citi के अनुसार, कमजोर बिक्री और ग्रॉस मार्जिन पर दबाव कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर रहे हैं। लागत में कमी और प्रोविजन रिवर्सल से मिले फायदे भी कारोबारी कमजोरी की पूरी भरपाई नहीं कर पाए।
ब्रोकरेज ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बताया है।
Ola Electric Share में आगे क्या देखना होगा?
आने वाले समय में निवेशकों की नजर केवल कंपनी के घाटे पर नहीं, बल्कि वाहनों की बिक्री, रेवेन्यू ग्रोथ, ग्रॉस मार्जिन, कैश बर्न और EBITDA लॉस पर रहेगी।
अगर कंपनी बिक्री में टिकाऊ सुधार लाती है और कैश बर्न को नियंत्रित करती है तो ब्रोकरेज का नकारात्मक नजरिया बदल सकता है। दूसरी ओर, बिक्री कमजोर रहने और लगातार नकदी खर्च होने की स्थिति में कंपनी पर पूंजी जुटाने का दबाव बढ़ सकता है।
ऑडिटर की ओर से प्रोविजन रिवर्सल पर उठाए गए सवाल भी आगे महत्वपूर्ण रहेंगे। निवेशकों को कंपनी की अगली तिमाहियों में इस मामले से जुड़े अपडेट और प्रबंधन की प्रतिक्रिया पर नजर रखनी चाहिए।
ब्रोकरेज टारगेट एक नजर में
| ब्रोकरेज | रेटिंग | टारगेट प्राइस |
|---|---|---|
| Kotak Institutional Equities | Sell | ₹20 |
| Citi | Sell | ₹26 |
| Goldman Sachs | Neutral | ₹40 |
कुल मिलाकर, कमजोर रेवेन्यू, बिक्री में सुस्ती, कैश बर्न और ऑडिटर की चिंता के कारण Ola Electric Share को लेकर ब्रोकरेज का रुख फिलहाल सावधानी भरा है। हालांकि, ब्रोकरेज टारगेट अनुमान होते हैं और शेयर की कीमत वास्तविक बाजार परिस्थितियों के अनुसार अलग दिशा में जा सकती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran की ओर से किसी भी शेयर में निवेश या बिक्री की व्यक्तिगत सलाह नहीं दी जाती है।


