Arshad Nadeem: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम के बीच एक बार फिर मुकाबला देखने की उम्मीद कर रहे फैंस को बड़ा झटका लगा है। अरशद नदीम ने इस महीने होने वाली लुसाने डायमंड लीग 2026 से अपना नाम वापस लेने का फैसला किया है। ऐसे में 21 अगस्त को होने वाली प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम आमने-सामने नजर नहीं आएंगे।
अरशद नदीम के इस फैसले की वजह हाल ही में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बाद उनकी फिटनेस और आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी को बताया जा रहा है। पाकिस्तान के इस स्टार एथलीट का लक्ष्य अब सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स 2026 और इसके बाद वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए खुद को पूरी तरह तैयार करना है।
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की भिड़ंत हमेशा से एथलेटिक्स प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण रही है। दोनों खिलाड़ियों के बीच ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। ऐसे में लुसाने डायमंड लीग से नदीम के हटने के बाद इस मुकाबले का इंतजार कर रहे फैंस को फिलहाल निराश होना पड़ेगा।
लुसाने डायमंड लीग से नदीम ने क्यों लिया नाम वापस?
अरशद नदीम के डायमंड लीग से हटने के पीछे सबसे बड़ी वजह आने वाले प्रमुख टूर्नामेंटों के लिए तैयारी को माना जा रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद नदीम अब अपनी फिटनेस और ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देना चाहते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदीम फिलहाल पाकिस्तान के लाहौर में अभ्यास कर रहे हैं। इसके बाद उनकी योजना दक्षिण अफ्रीका जाने की है, जहां वह अपने कोच टेरसियस लिबेनबर्ग और स्थानीय प्रशिक्षकों की निगरानी में कई हफ्तों तक ट्रेनिंग करेंगे।
नदीम के पर्सनल ट्रेनर सलमान बट के अनुसार, खिलाड़ी का मुख्य फोकस अब सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स पर है। इसके लिए उनकी फिटनेस, शरीर की स्थिति और थ्रो की तकनीक पर काम किया जा रहा है। लंबे सीजन को देखते हुए टीम नदीम पर प्रतियोगिताओं का अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय उन्हें बड़े मुकाबलों के लिए तैयार करना चाहती है।
यही वजह है कि लुसाने डायमंड लीग में हिस्सा लेने के बजाय नदीम ने ट्रेनिंग और रिकवरी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
21 अगस्त को होगी लुसाने डायमंड लीग
लुसाने डायमंड लीग 2026 का आयोजन 21 अगस्त को होना है। इस प्रतियोगिता में दुनिया के कई शीर्ष एथलीट हिस्सा लेने वाले हैं। जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा की मौजूदगी इसे भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए खास बनाती है।
नीरज और नदीम के बीच मुकाबला होने की उम्मीद इसलिए भी ज्यादा थी क्योंकि दोनों खिलाड़ियों के बीच पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त प्रतिद्वंद्विता देखने को मिली है। दोनों की तकनीक और प्रदर्शन का अंतर कई बार बेहद कम रहा है।
हालांकि नदीम के हटने के बाद नीरज को अब अन्य अंतरराष्ट्रीय जैवलिन थ्रोअर्स के खिलाफ अपनी चुनौती पेश करनी होगी। उनके प्रदर्शन पर भी दुनियाभर के प्रशंसकों की नजर रहेगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स में नदीम का प्रदर्शन रहा खराब
हाल ही में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अरशद नदीम से पाकिस्तान को काफी उम्मीदें थीं। वह पाकिस्तान के सबसे बड़े ट्रैक एंड फील्ड स्टार्स में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं।
लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। ग्लासगो की ठंडी और तेज हवाओं वाली परिस्थितियों में नदीम अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सके और टॉप-8 में भी जगह नहीं बना पाए।
जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने 89.75 मीटर के शानदार थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया। वहीं भारत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
नदीम के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान में उनकी आलोचना भी हुई। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा और अपने प्रदर्शन तथा तैयारियों से जुड़ी परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया दी।
ट्रेनिंग को लेकर भी विवादों में रहे नदीम
अरशद नदीम की तैयारियों को लेकर पाकिस्तान में भी विवाद सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनके कोच सलमान बट को पद पर बनाए रखने को लेकर पाकिस्तान एमेच्योर एथलेटिक्स फेडरेशन यानी PAAF के साथ मतभेद की स्थिति बनी।
इस विवाद के बीच नदीम की ट्रेनिंग व्यवस्था भी प्रभावित होने की बात सामने आई। बताया गया कि पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड की ओर से विदेशी कोचों के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद को लेकर भी समस्या रही।
इसका असर उनकी तैयारी पर पड़ने की चर्चा हुई। विशेष रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ग्लासगो की अलग मौसम परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए लंबे समय से अनुकूल तैयारी की जरूरत थी। लेकिन नदीम को अपनी ट्रेनिंग का बड़ा हिस्सा लाहौर में ही करना पड़ा।
ऐसे में अब नदीम और उनकी टीम आने वाले टूर्नामेंटों से पहले तैयारी को व्यवस्थित करने पर जोर दे रही है।
अब एशियन गेम्स पर रहेगा पूरा फोकस
अरशद नदीम के लिए इस साल का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स 2026 है। सितंबर में होने वाली इस प्रतियोगिता में पाकिस्तान को उनसे काफी उम्मीदें होंगी।
नदीम का लक्ष्य अपनी फिटनेस को बेहतर करने के साथ-साथ जैवलिन थ्रो की तकनीक और ताकत पर काम करना है। कॉमनवेल्थ गेम्स के अनुभव के बाद वह बड़े टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे।
एशियन गेम्स के बाद उनकी नजर वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप पर भी होगी। यह प्रतियोगिता 6 से 14 सितंबर के बीच बुडापेस्ट में आयोजित होने वाली है। लगातार बड़े टूर्नामेंटों के बीच खिलाड़ियों के लिए रिकवरी और ट्रेनिंग का संतुलन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। नदीम के मौजूदा फैसले को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
नीरज-नदीम की प्रतिद्वंद्विता पर लगा ब्रेक
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की भिड़ंत दुनिया के सबसे चर्चित जैवलिन मुकाबलों में शामिल हो चुकी है। दोनों खिलाड़ियों की प्रतिद्वंद्विता ने भारत और पाकिस्तान के खेल प्रशंसकों के बीच भी काफी उत्साह पैदा किया है।
ओलंपिक स्तर पर भी दोनों की कहानी बेहद दिलचस्प रही है। नीरज ने भारत को जैवलिन थ्रो में ऐतिहासिक ओलंपिक गोल्ड दिलाया, जबकि अरशद नदीम ने पाकिस्तान के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
इसी वजह से जब भी दोनों खिलाड़ी एक ही प्रतियोगिता में उतरते हैं, उनके प्रदर्शन पर खास नजर रहती है। लुसाने डायमंड लीग में नदीम के हटने के बाद दोनों के बीच संभावित मुकाबला फिलहाल टल गया है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इस साल दोनों की भिड़ंत की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है। आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दोनों खिलाड़ी फिर एक-दूसरे के सामने आ सकते हैं। ऐसे में फैंस को अगली बड़ी भिड़ंत का इंतजार रहेगा।
नदीम के लिए आगे की चुनौती बड़ी
अरशद नदीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी फिटनेस और फॉर्म को दोबारा शीर्ष स्तर पर ले जाना है। कॉमनवेल्थ गेम्स में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन्होंने डायमंड लीग से दूरी बनाने का फैसला किया है। इसका फायदा उन्हें अतिरिक्त ट्रेनिंग और रिकवरी के लिए मिल सकता है।
दूसरी ओर, नीरज चोपड़ा के लिए लुसाने डायमंड लीग अपनी फॉर्म और प्रतिस्पर्धी स्तर को परखने का एक और मौका होगी। नदीम की गैरमौजूदगी में भी जैवलिन थ्रो का मुकाबला काफी रोमांचक रहने की उम्मीद है।
फिलहाल अरशद नदीम का पूरा ध्यान अपनी तैयारी पर है। लुसाने डायमंड लीग से हटने का फैसला भले ही प्रशंसकों के लिए निराशाजनक हो, लेकिन आने वाले एशियन गेम्स और वर्ल्ड एथलेटिक्स प्रतियोगिता को देखते हुए यह फैसला उनके लंबे सीजन की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
यानी 21 अगस्त को लुसाने में नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की बहुप्रतीक्षित भिड़ंत देखने को नहीं मिलेगी। अब दोनों स्टार खिलाड़ियों के प्रशंसकों की नजर सितंबर में होने वाली बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर रहेगी, जहां एक बार फिर दोनों के बीच मुकाबला देखने की उम्मीद की जा सकती है।


