IndiGo Flight News: दिल्ली में बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या किसी से छिपी नहीं है। भारी बारिश होने पर कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव और जाम की वजह से लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन हाल ही में इसी जाम का असर इंडिगो की एक फ्लाइट पर भी देखने को मिला, जहां 175 से अधिक यात्री समय पर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचकर विमान में बैठ चुके थे, जबकि फ्लाइट का एक पायलट ट्रैफिक जाम में फंसा हुआ था।
मामला दिल्ली से जयपुर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट से जुड़ा है। खास बात यह है कि इस विमान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संस्थापक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल भी मौजूद थे। यात्रियों के विमान में बैठने के बाद जब फ्लाइट ने निर्धारित समय पर उड़ान नहीं भरी तो यात्रियों ने केबिन क्रू से देरी की वजह पूछी। इसके बाद उन्हें बताया गया कि विमान का एक पायलट बारिश के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंस गया है।
मामले के सामने आने के बाद सवाल उठने लगा कि जब दिल्ली में भारी बारिश की जानकारी पहले से थी और यात्रियों को भी समय पर एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलना पड़ा, तो फ्लाइट का पायलट समय पर एयरपोर्ट क्यों नहीं पहुंच पाया? आखिरकार दूसरे विमान से आए पायलट की मदद से फ्लाइट ने उड़ान भरी।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना IndiGo की फ्लाइट संख्या 6E 6131 से जुड़ी है। यह फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 से जयपुर के लिए रवाना होने वाली थी। फ्लाइट का निर्धारित प्रस्थान समय रात 8:20 बजे था, जबकि इसे रात करीब 9:10 बजे जयपुर पहुंचना था।
जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश हुई थी। बारिश की वजह से राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई थी और कुछ स्थानों पर लंबा ट्रैफिक जाम भी लगा हुआ था।
ऐसे मौसम में विमान से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी एयरपोर्ट तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग रहा था। इसके बावजूद 6E 6131 में यात्रा करने वाले 175 से अधिक यात्री समय पर एयरपोर्ट पहुंच गए और विमान में सवार हो गए।
यात्रियों को उम्मीद थी कि बोर्डिंग पूरी होने के बाद विमान जल्द ही जयपुर के लिए उड़ान भर देगा। लेकिन निर्धारित समय निकल जाने के बाद भी विमान रनवे की ओर नहीं बढ़ा।
विमान में बैठे यात्री करते रहे इंतजार
जब फ्लाइट ने समय पर टेक-ऑफ नहीं किया तो यात्रियों के बीच देरी को लेकर सवाल उठने लगे। कुछ यात्रियों ने केबिन क्रू से जानकारी मांगी। इसके बाद उन्हें बताया गया कि फ्लाइट के एक पायलट के रास्ते में ट्रैफिक जाम है और वह अभी एयरपोर्ट नहीं पहुंच पाए हैं।
यानी विमान में यात्री मौजूद थे, क्रू मौजूद था, लेकिन उड़ान के लिए पायलट का इंतजार किया जा रहा था।
भारी बारिश के कारण दिल्ली में ट्रैफिक की स्थिति खराब होने की बात उस दिन पहले से ही सामने आ रही थी। ऐसे में यात्रियों का समय पर एयरपोर्ट पहुंच जाना और पायलट का जाम में फंस जाना इस पूरे मामले को खास बना देता है।
फ्लाइट में मौजूद थे सांसद हनुमान बेनीवाल
इस फ्लाइट में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संस्थापक और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल भी यात्रा कर रहे थे। बेनीवाल ने इस घटना को लेकर मीडिया में अपनी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि जब यात्रियों को दिल्ली की बारिश और ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी थी, तो उन्होंने अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचने की कोशिश की।
उनके मुताबिक, भारी बारिश और जाम की आशंका को देखते हुए वह भी सामान्य समय से पहले घर से निकले थे, ताकि रास्ते में ट्रैफिक की समस्या होने के बावजूद फ्लाइट पकड़ सकें।
बेनीवाल ने सवाल उठाया कि जब आम यात्री मौसम और ट्रैफिक की चुनौती को ध्यान में रखते हुए समय पर एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं, तो विमान के पायलट के लिए ऐसी स्थिति में पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई?
पायलट ट्रैफिक में क्यों फंसा?
दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम लगना आम समस्या है। कई बार कुछ किलोमीटर का रास्ता तय करने में भी काफी समय लग जाता है। जलभराव वाले इलाकों में स्थिति और खराब हो जाती है।
हालांकि, इस मामले में यात्रियों की मुख्य चिंता यह थी कि विमान के संचालन से जुड़े कर्मचारियों के लिए समय पर एयरपोर्ट पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। खासकर पायलट के लिए फ्लाइट के निर्धारित प्रस्थान समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचना जरूरी होता है, ताकि वह विमान संचालन से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सके।
यात्रियों के अनुसार, जब विमान में 175 से अधिक लोग समय पर पहुंच चुके थे, तब फ्लाइट के पायलट का उपलब्ध नहीं होना स्वाभाविक तौर पर देरी का कारण बना।
दूसरे विमान से आया पायलट, फिर भरी उड़ान
फ्लाइट को ज्यादा देर तक जमीन पर खड़ा रखने के बजाय इसका समाधान दूसरे तरीके से निकाला गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इंडिगो का एक अन्य विमान दिल्ली पहुंचा और उसके पायलट को 6E 6131 को ऑपरेट करने के लिए भेजा गया।
इसके बाद विमान के संचालन की प्रक्रिया पूरी की गई और आखिरकार दिल्ली से जयपुर जाने वाली फ्लाइट ने रात करीब 9:09 बजे टेक-ऑफ किया।
इस तरह यात्रियों को निर्धारित समय से करीब 49 मिनट बाद उड़ान मिल पाई। हालांकि फ्लाइट आखिरकार रवाना हो गई, लेकिन इस घटना ने एयरलाइन संचालन और खराब मौसम के दौरान पायलटों एवं क्रू की समय पर उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
हनुमान बेनीवाल ने उठाए सवाल
सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मौसम खराब होने और ट्रैफिक जाम की जानकारी थी, तब यात्रियों ने समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की कोशिश की।
उन्होंने इस बात पर सवाल किया कि जब यात्री समय पर एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं तो पायलट समय पर क्यों नहीं पहुंच पाया।
बेनीवाल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से भी इस मामले में इंडिगो से जवाब मांगने और एयरलाइन की जवाबदेही तय करने का अनुरोध किया।
उनका कहना था कि विमान में सैकड़ों यात्री सवार होते हैं और उनकी सुरक्षा के साथ-साथ समय की भी जिम्मेदारी एयरलाइन की होती है। इसलिए ऐसी परिस्थितियों में एयरलाइन को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखनी चाहिए।
क्या बारिश और ट्रैफिक की वजह से फ्लाइट संचालन प्रभावित हुआ?
दिल्ली में भारी बारिश का असर केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ता है। बारिश के दौरान एयरपोर्ट तक पहुंचने में अधिक समय लग सकता है। कई बार सड़क पर जलभराव और ट्रैफिक की वजह से एयरपोर्ट पहुंचने का अनुमानित समय काफी बढ़ जाता है।
इसी कारण एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को अक्सर सलाह दी जाती है कि खराब मौसम में वे सामान्य दिनों की तुलना में काफी पहले घर से निकलें।
इस घटना में यात्रियों ने यही किया। लेकिन पायलट के ट्रैफिक में फंसने के कारण विमान की उड़ान प्रभावित हुई। हालांकि दूसरे पायलट की व्यवस्था होने के बाद फ्लाइट को रवाना कर दिया गया।
यात्रियों के लिए क्या मायने रखता है यह मामला?
इस घटना ने विमान यात्रियों के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया है कि खराब मौसम और ट्रैफिक की स्थिति में एयरलाइंस अपने पायलट और क्रू की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किस तरह की वैकल्पिक व्यवस्था करती हैं।
फ्लाइट में यात्रियों के समय पर पहुंचने के बावजूद अगर विमान के संचालन से जुड़ा प्रमुख कर्मचारी समय पर उपलब्ध नहीं होता है, तो पूरी उड़ान का शेड्यूल प्रभावित हो सकता है। इसका असर आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट, एयरपोर्ट स्लॉट और यात्रियों की यात्रा योजना पर भी पड़ सकता है।
हालांकि इस मामले में वैकल्पिक पायलट की व्यवस्था करके विमान को रवाना कर दिया गया, लेकिन यात्रियों को निर्धारित समय से बाद में उड़ान भरनी पड़ी।
निर्धारित समय से करीब 50 मिनट बाद उड़ान
6E 6131 को रात 8:20 बजे दिल्ली से जयपुर के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन पायलट की उपलब्धता से जुड़ी समस्या के कारण विमान करीब 9:09 बजे टेक-ऑफ कर सका।
इस तरह फ्लाइट ने निर्धारित समय से लगभग 49 मिनट की देरी से उड़ान भरी। यात्रियों को विमान के अंदर इंतजार करना पड़ा और उड़ान में देरी की वजह भी बाद में सामने आई।
यह घटना ऐसे समय में हुई जब दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के कारण पहले से ही सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित था। यात्रियों ने समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचकर अपनी तरफ से सावधानी बरती, लेकिन पायलट के ट्रैफिक में फंसने के कारण फ्लाइट का संचालन प्रभावित हो गया।
निष्कर्ष
दिल्ली की भारी बारिश के बीच इंडिगो की दिल्ली-जयपुर फ्लाइट में सामने आई यह घटना इसलिए चर्चा में है क्योंकि 175 से अधिक यात्री समय पर विमान में बैठ चुके थे, लेकिन पायलट ट्रैफिक जाम में फंसा हुआ था। बाद में दूसरे विमान से आए पायलट की मदद से फ्लाइट को संचालित किया गया और रात करीब 9:09 बजे विमान ने जयपुर के लिए उड़ान भरी।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मामले को लेकर एयरलाइन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से कार्रवाई की मांग की है। अब इस घटना को लेकर यात्रियों की सुरक्षा और खराब मौसम के दौरान एयरलाइन की संचालन व्यवस्था पर उठे सवाल महत्वपूर्ण हैं।


