Dividend Stock: शेयर बाजार में निवेशकों की नजर सिर्फ शेयर की कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नहीं रहती, बल्कि कंपनियों की ओर से मिलने वाले डिविडेंड पर भी रहती है। पर्सनल केयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Gillette India Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निवेशकों को ₹60 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है। हालांकि, इस डिविडेंड का फायदा उठाने के लिए निवेशकों को कंपनी की तय रिकॉर्ड डेट तक शेयरहोल्डर बने रहना जरूरी है।
कंपनी ने डिविडेंड के लिए 24 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी जिन निवेशकों के नाम इस तारीख को कंपनी के रजिस्टर ऑफ मेंबर्स या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड में शेयरों के लाभार्थी मालिक के तौर पर दर्ज होंगे, वे प्रस्तावित डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।
Gillette India के एक शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है। कंपनी का यह डिविडेंड प्रस्तावित है और इसके भुगतान से पहले शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेना जरूरी है।
24 अगस्त है रिकॉर्ड डेट
Gillette India ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹60 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है। कंपनी के मुताबिक, 24 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट होगी। रिकॉर्ड डेट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि किन निवेशकों को डिविडेंड का भुगतान किया जाना है।
निवेशकों के लिए रिकॉर्ड डेट इसलिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इस तारीख पर कंपनी के रिकॉर्ड में जिन लोगों के नाम शेयरहोल्डर के रूप में दर्ज होते हैं, वही घोषित डिविडेंड के पात्र बनते हैं। इसलिए डिविडेंड पाने की योजना बना रहे निवेशकों को शेयर खरीदने और रिकॉर्ड डेट के बीच लागू सेटलमेंट नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए।
31 अगस्त को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी
₹60 के इस फाइनल डिविडेंड पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी भी जरूरी है। कंपनी की 31 अगस्त 2026 को सालाना आम बैठक (AGM) होने वाली है। इसी बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के फाइनल डिविडेंड के प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स से मंजूरी ली जाएगी।
अगर AGM में प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो कंपनी के अनुसार डिविडेंड का भुगतान 30 सितंबर 2026 तक कर दिया जाएगा।
इस तरह निवेशकों के लिए डिविडेंड से जुड़ी तीन तारीखें अहम हैं—24 अगस्त रिकॉर्ड डेट, 31 अगस्त AGM और 30 सितंबर तक संभावित भुगतान की समयसीमा।
Gillette India पहले भी दे चुकी है डिविडेंड
Gillette India का डिविडेंड देने का रिकॉर्ड काफी पुराना है। कंपनी साल 2001 से लगातार डिविडेंड का भुगतान करती आ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी की ओर से पहले ही ₹120 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड और ₹60 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दिया जा चुका है।
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने ₹65 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड और ₹47 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। इससे पता चलता है कि कंपनी समय-समय पर अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरहोल्डर्स के साथ डिविडेंड के रूप में साझा करती रही है।
हालांकि, किसी कंपनी का पिछला डिविडेंड भविष्य में भी उसी स्तर पर मिलेगा, यह जरूरी नहीं है। डिविडेंड का फैसला कंपनी के मुनाफे, कैश फ्लो, कारोबारी जरूरतों और बोर्ड के निर्णय जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।
एक साल में 28% कमजोर हुआ Gillette India का शेयर
डिविडेंड की खबर के बीच Gillette India के शेयर प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर में पिछले एक साल में कमजोरी देखने को मिली है। BSE पर शेयर की कीमत ₹7,678.85 बताई गई है।
शेयर की कीमत एक साल की अवधि में करीब 28% नीचे आई है। कंपनी का शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹25,000 करोड़ से अधिक बताया गया है।
कंपनी के शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई ₹10,799.95 और एडजस्टेड लो ₹7,236.20 रहा है। यानी मौजूदा भाव अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर के काफी करीब कारोबार कर रहा है।
कंपनी में प्रमोटर्स की 75% हिस्सेदारी
जून 2026 के अंत तक Gillette India में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 75% थी। कंपनी में अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी Procter & Gamble (P&G) का मालिकाना नियंत्रण है।
प्रमोटर की इतनी बड़ी हिस्सेदारी का मतलब है कि कंपनी के शेयरों का एक बड़ा हिस्सा प्रमोटर ग्रुप के पास है, जबकि बाकी हिस्सेदारी संस्थागत और रिटेल निवेशकों सहित अन्य शेयरहोल्डर्स के पास रहती है।
जून तिमाही में मुनाफा 9.44% बढ़ा
कंपनी की वित्तीय सेहत की बात करें तो अप्रैल-जून 2026 तिमाही में Gillette India ने सालाना आधार पर मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की।
कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा 9.44% बढ़कर ₹159.45 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹145.69 करोड़ था।
ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा। जून 2026 तिमाही में यह करीब 11% बढ़कर ₹783.02 करोड़ हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹706.72 करोड़ था।
इस दौरान कंपनी के खर्च भी बढ़े। अप्रैल-जून 2026 में कुल खर्च ₹574.22 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले जून तिमाही में यह ₹517.97 करोड़ था।
इस तरह कंपनी ने तिमाही के दौरान रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की, हालांकि शेयर बाजार में कंपनी के शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Gillette India के शेयर में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए ₹60 का फाइनल डिविडेंड आकर्षक लग सकता है, लेकिन केवल डिविडेंड को देखकर किसी शेयर में निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। शेयर की मौजूदा वैल्यूएशन, मुनाफे की ग्रोथ, भविष्य की कारोबारी संभावनाएं, कैश फ्लो और सेक्टर की स्थिति जैसे पहलुओं का भी विश्लेषण करना जरूरी है।
₹7,678.85 के शेयर भाव के मुकाबले ₹60 का प्रस्तावित डिविडेंड करीब 0.78% का डिविडेंड यील्ड बनता है, हालांकि वास्तविक यील्ड निवेशक के खरीद मूल्य पर निर्भर करेगी। साथ ही, डिविडेंड की अंतिम पुष्टि AGM में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद ही होगी।
जरूरी तारीखें एक नजर में
| जानकारी | तारीख/आंकड़ा |
|---|---|
| फाइनल डिविडेंड | ₹60 प्रति शेयर |
| रिकॉर्ड डेट | 24 अगस्त 2026 |
| AGM | 31 अगस्त 2026 |
| भुगतान की समयसीमा | 30 सितंबर 2026 तक |
| शेयर भाव (BSE) | ₹7,678.85 |
| फेस वैल्यू | ₹10 |
| 52-Week High | ₹10,799.95 |
| 52-Week Low | ₹7,236.20 |
| जून तिमाही मुनाफा | ₹159.45 करोड़ |
नोट: रिकॉर्ड डेट तक पात्रता सुनिश्चित करने के लिए शेयर खरीदने की समयसीमा केवल रिकॉर्ड डेट देखकर तय न करें। शेयर बाजार में लागू सेटलमेंट साइकल और एक्स-डिविडेंड डेट को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करें। निवेश का निर्णय लेने से पहले सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार या योग्य वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


