Gold Silver Rates Today: घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली। 7 अगस्त को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 200 रुपये बढ़कर 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूत कीमतों और डॉलर में कमजोरी के चलते घरेलू बाजार में भी तेजी का रुख बना हुआ है।
वहीं, चांदी की घरेलू कीमतों में फिलहाल स्थिरता रही। दिल्ली में चांदी का भाव 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बना रहा। हालांकि, वैश्विक बाजार में चांदी में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और इसका भाव करीब 4 फीसदी उछलकर 64.17 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में लगातार चौथे दिन तेजी
दिल्ली सर्राफा बाजार में 7 अगस्त को सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी दिन बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोना 200 रुपये की तेजी के साथ 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी बाजारों में सोने की मजबूती, डॉलर में कमजोरी और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीदों ने सोने को सपोर्ट दिया है। निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
चांदी के घरेलू भाव स्थिर, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में जोरदार तेजी
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
लेमन मार्केट डेस्क के हेड (रिसर्च) गौरव गर्ग के मुताबिक, जनवरी के बाद यह सोने के लिए सबसे मजबूत हफ्तों में से एक है। उन्होंने कहा कि डॉलर में कमजोरी और महंगाई के दबाव में कमी आने की उम्मीदों से कीमती धातुओं को मजबूती मिली है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। चांदी करीब 4 फीसदी बढ़कर 64.17 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती रुचि से चांदी को मजबूती मिल रही है।
विदेशी बाजार में सोना भी चमका
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। सोने का भाव बढ़कर 4,325.43 डॉलर प्रति औंस हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में गिरावट और केंद्रीय बैंकों की संभावित नरम मौद्रिक नीति सोने की कीमतों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
अमेरिका के रोजगार आंकड़ों का बाजार पर असर
अमेरिका से जारी रोजगार आंकड़ों ने भी सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन दिया है। जुलाई में अमेरिका में नौकरियों की वृद्धि की रफ्तार धीमी रही, जबकि बेरोजगारी दर घटकर 4.1 फीसदी पर आ गई।
यह आंकड़े संकेत देते हैं कि अमेरिकी श्रम बाजार में धीरे-धीरे नरमी आ रही है। इससे बाजार में यह उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपना सकता है।
फेड के फैसले पर रहेगी बाजार की नजर
निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर है। अगर फेड सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करता है या कटौती का संकेत देता है तो इससे सोने की कीमतों को और मजबूती मिल सकती है।
आमतौर पर ब्याज दरें कम होने की स्थिति में सोने में निवेश आकर्षक हो जाता है, क्योंकि गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति के रूप में सोने की मांग बढ़ जाती है।
क्रूड ऑयल में गिरावट से भी मिला सपोर्ट
सोने और चांदी की कीमतों को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी समर्थन मिला है। कमोडिटी बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से महंगाई को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे निवेशकों का रुख कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है।
आगे क्या रह सकता है सोने-चांदी का रुख?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के फैसलों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
अगर डॉलर कमजोर रहता है और ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बढ़ती है तो सोने और चांदी दोनों में तेजी जारी रह सकती है। हालांकि, मध्य-पूर्व में तनाव कम होने या डॉलर में अचानक मजबूती आने पर कीमतों पर दबाव भी देखा जा सकता है।


