Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया। वहीं बैंकिंग और PSE शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। अब निवेशकों की नजर 10 अगस्त को बाजार की चाल पर है।
शुक्रवार के कारोबार के अंत में निफ्टी 65 अंक गिरकर 24,571 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 456 अंक की गिरावट के साथ 78,499 के स्तर पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी भी 317 अंक फिसलकर 57,746 पर बंद हुआ। इसके विपरीत मिडकैप इंडेक्स 137 अंक चढ़कर 63,464 के स्तर पर पहुंच गया।
27 निफ्टी शेयरों में रही बिकवाली
बाजार में गिरावट का असर कई प्रमुख शेयरों पर देखने को मिला। निफ्टी के 50 में से 27 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में बिकवाली रही। वहीं बैंक निफ्टी के 14 में से 7 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
डॉलर के मुकाबले रुपया भी 1 पैसे मजबूत होकर 95.21 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।
ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी
शुक्रवार के कारोबार में ऑटो और IT शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी का असर व्यापक बाजार पर ज्यादा रहा।
बजाज फाइनेंस के शेयर में करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, ट्रेंट और ICICI बैंक भी प्रमुख गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे।
दूसरी ओर TCS, ग्रासिम और हिंडाल्को के शेयरों में 3 फीसदी से अधिक की तेजी देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो में 1.84 फीसदी और निफ्टी IT में 1.42 फीसदी की बढ़त रही। वहीं प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। कुल 1,964 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,119 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
10 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
Hedged.in के HNI और डेरिवेटिव्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रियांक अरोड़ा के मुताबिक, हालिया तेजी के बाद भारतीय इक्विटी बाजार में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। कुछ हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के दबाव का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा और बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
हालांकि, उनका मानना है कि इस गिरावट के बावजूद बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी मजबूत बना हुआ है। निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ घरेलू घटनाक्रमों पर भी रहेगी।
निफ्टी के लिए 24,500-24,450 अहम सपोर्ट
रियांक अरोड़ा के मुताबिक, निफ्टी 24,600 के तत्काल सपोर्ट के नीचे आया है, लेकिन अभी भी अपने अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। इससे बाजार के बड़े ट्रेंड के पॉजिटिव रहने का संकेत मिलता है।
निफ्टी के लिए 24,500-24,450 का स्तर तत्काल सपोर्ट जोन के तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। इसके नीचे 24,300 के आसपास मजबूत सपोर्ट देखा जा सकता है।
वहीं ऊपर की तरफ 24,650-24,750 का क्षेत्र अहम रेजिस्टेंस जोन रहेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो बाजार में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है और इंडेक्स ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकता है।
सेंसेक्स में 78,000-78,300 पर नजर
सेंसेक्स के लिए भी एक्सपर्ट ने महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर बताए हैं। उनके मुताबिक, सेंसेक्स के लिए 77,500-77,300 का स्तर अहम सपोर्ट जोन रहेगा। वहीं ऊपर की तरफ 78,000-78,300 का क्षेत्र महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है।
अगर सेंसेक्स रेजिस्टेंस जोन के ऊपर निर्णायक तरीके से निकलता है, तो शॉर्ट टर्म में बाजार का आउटलुक और मजबूत हो सकता है।
गिरावट में खरीदारी की रणनीति?
रियांक अरोड़ा का कहना है कि हालिया तेजी के बाद बाजार में आया करेक्शन एक हेल्दी करेक्शन हो सकता है। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के बावजूद जब तक अहम सपोर्ट लेवल सुरक्षित हैं, तब तक बाजार का कुल रुख तेजी की तरफ बना रह सकता है।
ऐसे माहौल में ट्रेडर्स और निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए रिस्क मैनेजमेंट और स्टॉप लॉस का अनुशासन बनाए रखना जरूरी होगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
कुल मिलाकर 10 अगस्त को बाजार की दिशा के लिए निफ्टी के 24,500-24,450 सपोर्ट जोन और 24,650-24,750 रेजिस्टेंस जोन पर नजर रहेगी। सपोर्ट के ऊपर मजबूती बने रहने पर बाजार में फिर से खरीदारी लौट सकती है, जबकि सपोर्ट टूटने पर दबाव बढ़ सकता है।
इसलिए अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों को ग्लोबल संकेतों, सेक्टोरल ट्रेंड और प्रमुख इंडेक्स के सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर खास नजर रखनी चाहिए।
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