Behari Lal Engineering IPO: इंजीनियरिंग कास्टिंग्स और अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स बनाने वाली बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी का करीब ₹302 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त 2026 को खुलेगा। निवेशक इस आईपीओ में 14 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹271 से ₹285 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर 19 अगस्त 2026 को लिस्टिंग प्रस्तावित है। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली 11 अगस्त को खुलेगी।
Behari Lal Engineering IPO की अहम तारीखें
बिहारी लाल इंजीनियरिंग आईपीओ से जुड़ी प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:
- एंकर निवेशकों के लिए बोली: 11 अगस्त 2026
- IPO ओपन: 12 अगस्त 2026
- IPO क्लोज: 14 अगस्त 2026
- अलॉटमेंट फाइनल: 17 अगस्त 2026
- NSE और BSE पर लिस्टिंग: 19 अगस्त 2026
Behari Lal Engineering IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज
कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹271-285 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 52 शेयर होंगे। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए निवेशकों को करीब ₹14,820 खर्च करने होंगे।
कंपनी के इस आईपीओ का कुल आकार करीब ₹302 करोड़ है।
IPO में नए शेयर और OFS कितने हैं?
इस पब्लिक इश्यू में कंपनी करीब ₹93 करोड़ तक के 33 लाख नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा करीब ₹208.62 करोड़ के 73.20 लाख शेयर मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री के लिए रखे जाएंगे।
इसका मतलब है कि आईपीओ का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने से जुड़ा है, जबकि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी के पास जाएगी।
IPO में किसके लिए कितना हिस्सा रिजर्व?
Behari Lal Engineering IPO में निवेशकों की अलग-अलग कैटेगरी के लिए हिस्सा तय किया गया है।
- QIBs: 50 प्रतिशत
- NIIs: 15 प्रतिशत
- रिटेल निवेशक: 35 प्रतिशत
IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज और सिस्टेमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज हैं। इश्यू के रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt. Ltd. हैं।
कंपनी क्या करती है?
बिहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड आयरन और स्टील सेक्टर में काम करती है। कंपनी कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस और प्रिसीजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स तैयार करती है।
इसके प्रमुख उत्पादों में मेटल रोल, इंजीनियरिंग कास्टिंग्स, अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स, फोर्जिंग इंगॉट और शाफ्ट शामिल हैं। कंपनी खासतौर पर औद्योगिक इस्तेमाल के लिए इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स और स्टील उत्पाद तैयार करती है।
IPO से जुटाए पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। इसमें नए इक्विपमेंट और मशीनरी की खरीद, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में मशीनरी की स्थापना और उससे जुड़े सिविल वर्क शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी रूफटॉप सोलर पैनल्स की खरीद और स्थापना, कर्ज चुकाने तथा सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल करेगी।
Behari Lal Engineering की वित्तीय स्थिति कैसी है?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सुधार देखने को मिला। कंपनी का रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर ₹546.52 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹516.30 करोड़ था।
वहीं, कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 22 प्रतिशत बढ़कर ₹64.64 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का मुनाफा ₹52.95 करोड़ था।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी पर करीब ₹17.78 करोड़ की उधारी थी।
GMP में शेयर कितने प्रीमियम पर?
ग्रे मार्केट में Behari Lal Engineering के शेयर आईपीओ से पहले ही प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शेयर का GMP करीब 8.77 प्रतिशत है।
हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड और अनरेगुलेटेड मार्केट है। GMP में बदलाव लगातार हो सकता है और इसका आईपीओ की लिस्टिंग कीमत या भविष्य के प्रदर्शन की कोई गारंटी नहीं होती।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
Behari Lal Engineering IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, इंडस्ट्री की स्थिति, कर्ज, प्रमोटर होल्डिंग और IPO से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल जैसे पहलुओं का मूल्यांकन करना जरूरी है। सिर्फ GMP या किसी एक पैरामीटर के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। News Jagran किसी भी व्यक्ति को किसी शेयर या IPO में निवेश करने की सलाह नहीं देता है।


