नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नए लेबर कोड के तहत फुल एंड फाइनल (F&F) सेटलमेंट की प्रक्रिया को तेज करने का प्रावधान किया गया है। अब कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बाद अपनी सैलरी, छुट्टियों का पैसा और अन्य बकाया भुगतान के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
पहले कई कंपनियों में कर्मचारी के इस्तीफा देने या नौकरी खत्म होने के बाद फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में 45 दिन से लेकर 90 दिन तक का समय लग जाता था। इससे नौकरी बदलने वाले लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों को समय पर उनका हक दिलाना है।
Highlights
- F&F Settlement अब 48 घंटे के भीतर पूरा करने का प्रावधान
- फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी नियमों में बदलाव
- देरी होने पर कर्मचारी कर सकते हैं कानूनी शिकायत
क्या है नया F&F Settlement नियम?
नए श्रम कानूनों के तहत कंपनियों को कर्मचारी के अंतिम कार्य दिवस (Last Working Day) के बाद जल्द से जल्द उसका पूरा हिसाब करना होगा। इसमें कर्मचारी की बची हुई सैलरी, छुट्टियों का भुगतान, बोनस, इंसेंटिव और अन्य देय राशि शामिल हो सकती है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो नौकरी बदलते समय आर्थिक रूप से अगले वेतन चक्र का इंतजार नहीं कर सकते। अब उन्हें अपना पैसा पाने के लिए बार-बार HR और अकाउंट्स विभाग के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पहले कंपनियां क्यों करती थीं देरी?
भारत में कई कंपनियों की आंतरिक प्रक्रियाओं के कारण F&F Settlement में काफी समय लग जाता था। इसमें कई स्तरों पर अप्रूवल, टैक्स कैलकुलेशन, छुट्टियों का हिसाब और अन्य औपचारिकताएं शामिल होती थीं।
कई बार कर्मचारी नई नौकरी शुरू कर देता था, लेकिन पुरानी कंपनी से उसका अंतिम भुगतान लंबित रहता था। नए नियमों का मकसद इसी देरी को खत्म करना है।
ग्रेच्युटी के नियमों में भी बड़ा बदलाव
नए लेबर कोड में ग्रेच्युटी को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। पहले सामान्य तौर पर किसी कर्मचारी को ग्रेच्युटी पाने के लिए एक ही कंपनी में 5 साल की लगातार सेवा पूरी करनी होती थी।
हालांकि, नए नियमों में फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयी (Fixed-Term Employee) को राहत दी गई है। ऐसे कर्मचारियों को अब कम अवधि की सेवा के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकता है।
इस बदलाव से कॉन्ट्रैक्ट या निश्चित अवधि के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, क्योंकि उन्हें लंबे समय तक एक ही कंपनी में बने रहने की बाध्यता नहीं होगी।
1 अप्रैल से लागू नियमों में क्या बदला?
नए वेज कोड (Code on Wages) के तहत वेतन भुगतान और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और वेतन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
F&F Settlement में तेजी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कंपनियों को अब अपने पेरोल सिस्टम और मानव संसाधन प्रक्रियाओं को नए नियमों के अनुसार अपडेट करना होगा।
अगर कंपनी 48 घंटे में भुगतान नहीं करती तो क्या होगा?
अगर कोई कंपनी तय समय सीमा के भीतर कर्मचारी का F&F Settlement पूरा नहीं करती है, तो कर्मचारी संबंधित श्रम विभाग में शिकायत कर सकता है।
कर्मचारी देरी से जुड़े भुगतान और अन्य कानूनी अधिकारों के लिए कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। इससे कंपनियों पर समय पर भुगतान करने की जिम्मेदारी बढ़ेगी।
नौकरी छोड़ने से पहले जरूर करें ये 3 काम
1. नोटिस पीरियड की शर्त जरूर जांचें
इस्तीफा देने से पहले यह देख लें कि आपने कंपनी की नोटिस पीरियड नीति को सही तरीके से पूरा किया है या नहीं। अगर कर्मचारी नोटिस पीरियड पूरा नहीं करता है, तो कंपनी नियमों के अनुसार नोटिस पे काट सकती है।
2. टैक्स और निवेश से जुड़े दस्तावेज जमा करें
इस्तीफा देने के बाद अपने निवेश प्रमाण (Investment Proof), टैक्स संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी समय पर HR को दें। इससे आपका अंतिम भुगतान सही तरीके से कैलकुलेट हो सकेगा।
3. कंपनी के पेरोल सिस्टम की जानकारी लें
नौकरी छोड़ने से पहले HR से जरूर पूछें कि कंपनी ने नए लेबर नियमों के अनुसार अपना पेरोल सिस्टम अपडेट किया है या नहीं। इससे F&F Settlement में देरी की संभावना कम हो सकती है।
कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
F&F Settlement में तेजी से कर्मचारियों को कई फायदे होंगे:
- नौकरी बदलते समय आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
- पुराने नियोक्ता से भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- कंपनियों में वेतन भुगतान प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी।
- कर्मचारियों के अधिकार मजबूत होंगे।
निष्कर्ष
नए लेबर कोड के तहत F&F Settlement को तेज करने का कदम नौकरीपेशा लोगों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, कर्मचारियों को अपनी कंपनी की नीतियों और लागू नियमों की जानकारी जरूर रखनी चाहिए। समय पर दस्तावेज जमा करना और नोटिस पीरियड पूरा करना आसान और तेज सेटलमेंट के लिए जरूरी होगा।


