Gold Silver Price Today: वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। COMEX पर सोना 0.46% चढ़कर 4,319.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.48% की बढ़त के साथ 62.515 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। अब निवेशकों की नजर अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट पर है, जो आगे की चाल तय कर सकती है।
Gold Silver Price Today: शुक्रवार को वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। COMEX पर सोने का वायदा (Gold Futures) 19.70 डॉलर यानी 0.46% बढ़कर 4,319.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी का वायदा (Silver Futures) 1.48% की तेजी के साथ 62.515 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इस तरह शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में चांदी ने सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
बाजार की नजर अब अमेरिका की जुलाई महीने की नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट पर टिकी है। यह रिपोर्ट अमेरिकी रोजगार बाजार की स्थिति बताएगी और इसी के आधार पर फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति को लेकर निवेशकों की उम्मीदें तय होंगी।
जनवरी के बाद सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त की ओर सोना
सोना जनवरी के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की ओर बढ़ रहा है। इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। तेल सस्ता होने से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे भविष्य में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका कुछ कमजोर हुई है।
आमतौर पर कम ब्याज दरों की उम्मीद सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली सुरक्षित निवेश परिसंपत्तियों (Safe Haven Assets) की मांग बढ़ाती है। हालांकि, निवेशकों के बीच यह संभावना भी बनी हुई है कि फेडरल रिजर्व आगे एक और बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे सोने की तेजी फिलहाल सीमित बनी हुई है।
इन आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, आज जारी होने वाली अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट अगले कुछ दिनों तक सोना-चांदी की दिशा तय कर सकती है। निवेशक इन प्रमुख आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं—
- जुलाई की नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट
- औसत वेतन वृद्धि (Average Hourly Earnings)
- बेरोजगारी दर (Unemployment Rate)
- अमेरिकी श्रम बाजार की मजबूती से जुड़े अन्य संकेत
यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं तो फेड के ब्याज दर बढ़ाने की संभावना मजबूत हो सकती है, जिससे सोने पर दबाव आ सकता है। वहीं, कमजोर आंकड़े आने पर दरों में राहत की उम्मीद बढ़ेगी, जो सोने और चांदी दोनों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी।
सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की कितनी संभावना?
CME FedWatch Tool के मुताबिक, बाजार फिलहाल सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना करीब 55% मान रहा है।
हाल के दिनों में फेड अधिकारियों के बयान भी अपेक्षाकृत सख्त रहे हैं। सेंट लुइस फेड के अध्यक्ष अल्बर्टो मुसालेम का कहना है कि जुलाई की बैठक में भी ब्याज दर बढ़ाई जानी चाहिए थी। हालांकि फेड ने पिछली बैठक में बेंचमार्क ब्याज दर को 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखा था।
अमेरिकी लेबर मार्केट से मिले मिले-जुले संकेत
ताजा अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों ने मिश्रित तस्वीर पेश की है। शुरुआती बेरोजगारी दावों (Initial Jobless Claims) में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि जुलाई में छंटनी (Layoffs) दो वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी रोजगार बाजार अभी भी मजबूत बना हुआ है।
ऐसे में निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि मजबूत लेबर मार्केट फेड को सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बढ़ा रहे हैं हलचल
आर्थिक आंकड़ों के अलावा वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी बुलियन बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ तनाव जल्द कम हो सकता है। हालांकि उन्होंने कुछ सैन्य उपकरणों की सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों का भी उल्लेख किया, जिससे वैश्विक बाजारों में सतर्कता बनी हुई है।
आगे क्या रहेगा ट्रिगर?
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट, वेतन वृद्धि, बेरोजगारी दर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी उम्मीदों पर निर्भर करेगी। यदि आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं तो कीमती धातुओं में तेजी और मजबूत हो सकती है, जबकि मजबूत डेटा आने पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
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