नई दिल्ली: लगातार दो कारोबारी सत्रों की मजबूती के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिनमें LIC, टाइटन, सन फार्मा और बीईएल प्रमुख रहे।
बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स 300 अंक से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 24,600 के नीचे फिसल गया। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में कैसा रहा बाजार?
सुबह करीब 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 229.65 अंक (0.29%) की गिरावट के साथ 78,725.11 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी 32.55 अंक (0.13%) टूटकर 24,603.45 अंक पर पहुंच गया।
इससे पहले गुरुवार को बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया था। उस दिन सेंसेक्स 373.76 अंक चढ़कर 78,954.76 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 11.35 अंक की हल्की बढ़त के साथ 24,636 अंक पर क्लोज हुआ था।
सेंसेक्स के इन शेयरों पर रहा दबाव
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे:
- बजाज फाइनेंस (करीब 3.44% की गिरावट)
- ICICI Bank
- भारती एयरटेल
- इटरनल (Eternal)
- HCL Tech
- बजाज फिनसर्व
- मारुति सुजुकी
- पावर ग्रिड
- इंडिगो
वित्तीय और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह रहा।
इन शेयरों में दिखी मजबूती
कमजोर शुरुआत के बावजूद कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- LIC
- टाइटन
- सन फार्मा
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL)
- टीसीएस
- एनटीपीसी
- एशियन पेंट्स
डिफेंस, फार्मा और चुनिंदा आईटी शेयरों में आई मजबूती ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित रखने का काम किया।
बाजार पर क्यों बना दबाव?
विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार की कमजोर शुरुआत के पीछे कई प्रमुख कारण रहे।
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेत।
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, जिससे आयात लागत बढ़ने की चिंता।
- दो दिन की लगातार तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली।
- वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों को लेकर सतर्कता।
इन कारणों से शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुख थोड़ा सतर्क दिखाई दिया।
निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
आने वाले कारोबारी घंटों में बाजार की दिशा निम्न कारकों से तय हो सकती है:
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी या बिकवाली।
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
- अमेरिकी और एशियाई बाजारों का रुख।
- रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेत।
यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता आती है और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है, तो बाजार दिन के दूसरे हिस्से में कुछ रिकवरी भी दिखा सकता है।


