UPI Charges News: लोकसभा में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल’ पास होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई कि अब ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर चार्ज देना होगा। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि अभी तक UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने का कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। आम यूजर्स को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है।
लोकसभा में पास हुआ टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल
नई दिल्ली: लोकसभा ने गुरुवार को टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल (ToLA) को मंजूरी दे दी। यह बिल मुख्य रूप से टैक्स व्यवस्था को आसान बनाने, विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार में आसानी (Ease of Doing Business) को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है।
इस बिल के जरिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में बदलाव का प्रस्ताव भी शामिल है। इसी वजह से UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हुई है।
हालांकि, सरकार और RBI दोनों ने साफ किया है कि UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
क्या ₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज?
बिल पेश होने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि अब ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर चार्ज देना होगा।
लेकिन RBI ने इन खबरों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि अभी UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा कि इस मुद्दे पर अभी चर्चा जारी है और इस समय किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
RBI गवर्नर ने क्या कहा?
रेपो रेट के ऐलान के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से पूछा गया कि क्या UPI पेमेंट पर चार्ज लगाया जाएगा।
इस पर उन्होंने कहा कि अभी इस विषय पर बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाए रखना जरूरी है और इसकी लागत को लेकर आगे फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि UPI जैसी सार्वजनिक डिजिटल सुविधा को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए खर्च की व्यवस्था पर विचार जरूरी है।
क्या होता है MDR चार्ज?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क होता है जो व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं।
यह शुल्क आमतौर पर ट्रांजैक्शन राशि के एक छोटे प्रतिशत के रूप में लिया जाता है।
उदाहरण के तौर पर:
- ग्राहक डिजिटल पेमेंट करता है।
- पेमेंट प्रोसेसर और बैंक ट्रांजैक्शन को पूरा करते हैं।
- इसके बदले व्यापारी से एक निश्चित शुल्क लिया जा सकता है।
क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड भुगतान में MDR पहले से लागू है, लेकिन UPI पर वर्तमान में आमतौर पर कोई MDR नहीं लिया जाता।
सरकार क्यों करना चाहती है बदलाव?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, टैक्सेशन एंड अदर लॉज बिल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:
- विदेशी निवेश को आकर्षित करना।
- टैक्स सिस्टम को ज्यादा स्पष्ट और स्थिर बनाना।
- मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना।
- कारोबार करने की प्रक्रिया को आसान बनाना।
बिल में विदेशी निवेश फंड से जुड़े टैक्स नियमों को आसान बनाने का भी प्रस्ताव है।
UPI यूजर्स को अभी क्या करना चाहिए?
फिलहाल UPI यूजर्स को किसी अतिरिक्त चार्ज की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
जब तक सरकार या RBI की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक UPI भुगतान पहले की तरह ही जारी रहेंगे।
Key Highlights
- लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल पास हुआ।
- बिल में पेमेंट सिस्टम कानून में बदलाव का प्रस्ताव है।
- UPI पर MDR लागू होने की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हुई।
- RBI ने कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
- ₹2,000 से ज्यादा UPI भुगतान पर चार्ज की खबरों पर यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है।


