नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को ₹23,731 करोड़ की GOBARdhan (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत गोबर, कृषि अवशेष और अन्य जैविक कचरे से कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इससे अगले 10 वर्षों में घरेलू गैस उत्पादन में बड़ा इजाफा होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और 1.5 लाख से अधिक नए रोजगार पैदा होंगे।
#Cabinet approves GOBARdhan, India’s National Unified Scheme for Compressed #Biogas, with an outlay of Rs.23,731 crore
Scheme to drive nearly ten-fold growth in domestic #CBG production and strengthen India’s energy security#CabinetDecisions pic.twitter.com/cX0iUrsA4C
— Dhirendra Ojha (@DG_PIB) August 6, 2026 Highlights
- केंद्र सरकार ने ₹23,731 करोड़ की GOBARdhan योजना को मंजूरी दी।
- गोबर और जैविक कचरे से CBG (Compressed Bio-Gas) का उत्पादन बढ़ाया जाएगा।
- CBG प्लांट लगाने पर प्रति TPD क्षमता के हिसाब से ₹2 करोड़ तक की पूंजी सहायता मिलेगी।
- MSME परियोजनाओं के लिए पात्र ऋण पर 85% तक क्रेडिट गारंटी का प्रावधान।
- अगले 10 वर्षों में CBG उत्पादन 10 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य।
- LNG आयात में कमी आने से ₹40,000 करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत का अनुमान।
- 1.5 लाख से अधिक रोजगार और GDP में ₹75,000 करोड़ से ज्यादा योगदान की संभावना।
- 40 मिलियन टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन में कमी और 250 MMT जैविक खाद का उत्पादन संभव।
क्यों महत्वपूर्ण है GOBARdhan योजना?
भारत अपनी प्राकृतिक गैस की कुल जरूरत का लगभग 50% आयात करता है। हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों ने LNG आयात को प्रभावित किया है। भारत के कुल LNG आयात का करीब 55-60% हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है।
ऐसे में सरकार घरेलू स्तर पर तैयार होने वाली कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) को ऊर्जा का एक भरोसेमंद और स्वच्छ विकल्प मान रही है। इससे ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी।
GOBARdhan योजना क्या है?
GOBARdhan का पूरा नाम Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan है। इस योजना का उद्देश्य गोबर, कृषि अवशेष, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक कचरे को उपयोगी संसाधनों में बदलना है।
योजना के तहत तैयार होने वाली CBG का उपयोग वाहनों, उद्योगों और गैस वितरण नेटवर्क में किया जा सकेगा। वहीं, उत्पादन प्रक्रिया के बाद बचने वाले अवशेष से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद भी बनाई जाएगी, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो सकती है।
CBG प्लांट लगाने पर कितना मिलेगा सरकारी सहयोग?
सरकार इस योजना के तहत निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई वित्तीय सहायता देगी।
- प्रति टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता के आधार पर ₹2 करोड़ तक की कैपिटल सब्सिडी।
- फीडस्टॉक कलेक्शन सिस्टम और जैविक खाद बनाने वाली मशीनरी पर भी सहायता।
- MSME परियोजनाओं के पात्र ऋण पर 85% तक क्रेडिट गारंटी।
- निजी निवेश और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना।
इससे छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए CBG प्लांट स्थापित करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।
अगले 10 वर्षों में क्या होंगे बड़े फायदे?
सरकार के अनुसार GOBARdhan योजना के सफल क्रियान्वयन से कई बड़े आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ मिल सकते हैं।
- CBG उत्पादन में लगभग 10 गुना वृद्धि।
- LNG आयात कम होने से ₹40,000 करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा की बचत।
- करीब 10 MMT जीवाश्म ईंधन की जगह स्वदेशी स्वच्छ गैस का उपयोग।
- देश की GDP में ₹75,000 करोड़ से अधिक का योगदान।
- 1.5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने का अनुमान।
- 40 मिलियन टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन में कमी।
- लगभग 250 MMT जैविक खाद का उत्पादन।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
यह योजना किसानों के लिए भी लाभकारी मानी जा रही है। खेतों में बचने वाले कृषि अवशेष, गोबर और अन्य जैविक कचरे को अब आय के अतिरिक्त स्रोत में बदला जा सकेगा। इससे पराली जलाने जैसी समस्याओं में कमी आने की संभावना है और ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
साथ ही, जैविक खाद के उत्पादन से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
सरकार का मानना है कि GOBARdhan योजना केवल कचरा प्रबंधन की पहल नहीं है, बल्कि यह भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता, स्वच्छ ईंधन, ग्रामीण रोजगार और हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। यदि योजना तय लक्ष्यों के अनुरूप लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में CBG देश के ऊर्जा मिश्रण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।


