Milky Mist Dairy Food IPO: डेयरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड अपना ₹1,553 करोड़ का आईपीओ (IPO) लेकर आ रही है। कंपनी का पब्लिक इश्यू 11 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और इसमें निवेशक 13 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 प्रति शेयर तय किया है।
इस आईपीओ के जरिए कंपनी कुल ₹1,553 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें ₹1,428 करोड़ के नए शेयर (Fresh Issue) जारी किए जाएंगे, जबकि ₹125 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा। मिल्की मिस्ट डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे पनीर, दही, चीज, मक्खन और आइसक्रीम के लिए जानी जाती है।
Milky Mist IPO की प्रमुख तारीखें
मिल्की मिस्ट आईपीओ से जुड़ी अहम तारीखें इस प्रकार हैं:
- IPO खुलने की तारीख: 11 अगस्त 2026
- IPO बंद होने की तारीख: 13 अगस्त 2026
- एंकर निवेशकों के लिए बोली: 10 अगस्त 2026
- शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 14 अगस्त 2026
- शेयर बाजार में लिस्टिंग: 18 अगस्त 2026
कंपनी के शेयर National Stock Exchange of India (NSE) और BSE Limited (BSE) पर लिस्ट किए जाएंगे।
Milky Mist IPO Price Band और शेयर रिजर्वेशन
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर ₹133-140 का प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ में अलग-अलग कैटेगरी के निवेशकों के लिए शेयरों का आरक्षण इस प्रकार है:
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 50 प्रतिशत
- रिटेल निवेशक: 35 प्रतिशत
- नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII): 15 प्रतिशत
इस तरह रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ में एक बड़ा हिस्सा आरक्षित रखा गया है।
Milky Mist कंपनी का इतिहास
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड लिमिटेड की शुरुआत साल 1985 में एक मिल्क ट्रेडिंग कंपनी के रूप में हुई थी। कंपनी ने साल 1994 में पनीर उत्पादन की शुरुआत की। इसके बाद कंपनी ने धीरे-धीरे अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार किया और दही, मक्खन, चीज, आइसक्रीम समेत कई वैल्यू एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स बाजार में उतारे।
कंपनी के फाउंडर टी सतीश कुमार हैं। तमिलनाडु के इरोड स्थित कंपनी का संचालन सतीश कुमार, उनकी पत्नी अनीता सतीश कुमार और सीईओ के. रत्नम द्वारा किया जाता है।
मिल्की मिस्ट में ग्लोबल निवेश कंपनी Temasek Holdings का भी निवेश है। टेमासेक की सब्सिडियरी जोंगसोंग इनवेस्टमेंट्स के पास कंपनी में करीब 5.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
IPO से जुटाए पैसों का क्या करेगी कंपनी?
मिल्की मिस्ट आईपीओ से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कई अहम कामों के लिए करेगी। कंपनी के मुताबिक:
- कर्ज चुकाने के लिए फंड का उपयोग किया जाएगा।
- पेरुनदुरई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार और आधुनिकीकरण पर निवेश किया जाएगा।
- विजी कूलर, आइसक्रीम फ्रीजर और चॉकलेट कूलर लगाने के लिए राशि खर्च की जाएगी।
- सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी फंड का इस्तेमाल किया जाएगा।
Milky Mist की वित्तीय स्थिति कैसी है?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले वित्त वर्ष में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है।
वित्त वर्ष 2025-26 में मिल्की मिस्ट का राजस्व 34 प्रतिशत बढ़कर ₹3,145 करोड़ पहुंच गया। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,354.79 करोड़ था।
वहीं कंपनी का शुद्ध मुनाफा 176 प्रतिशत बढ़कर ₹127 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा ₹46 करोड़ था।
हालांकि कंपनी पर कर्ज भी मौजूद है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक मिल्की मिस्ट पर करीब ₹1,671.85 करोड़ की उधारी थी।
Milky Mist IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर और रजिस्ट्रार
मिल्की मिस्ट डेयरी फूड आईपीओ के लिए:
- बुक रनिंग लीड मैनेजर:
- JM Financial
- Axis Capital
- IIFL Capital Services
- रजिस्ट्रार: KFin Technologies Ltd.
आईपीओ को Securities and Exchange Board of India (SEBI) से अक्टूबर 2025 में मंजूरी मिल चुकी थी।
क्या निवेशकों के लिए यह IPO आकर्षक हो सकता है?
डेयरी सेक्टर भारत में लगातार बढ़ रहा है और मिल्की मिस्ट जैसे ब्रांड वैल्यू एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स के सेगमेंट में मजबूत पकड़ रखते हैं। कंपनी का बढ़ता रेवेन्यू और मुनाफा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
हालांकि आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, कर्ज की स्थिति, सेक्टर की प्रतिस्पर्धा और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं का विश्लेषण करना जरूरी है।
Disclaimer: यहां उपलब्ध जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लेनी चाहिए। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता है।


