Samay Raina: कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर अपने शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड को लेकर चर्चा में हैं। शो के मेंबर्स-ओनली एपिसोड में समय ने अपनी कश्मीरी जड़ों और कश्मीरी पंडितों के पलायन का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी की ओर देखते हुए कहा, “अब इस पर बोलो?” मुनव्वर ने भी तुरंत हाजिरजवाबी दिखाते हुए जवाब दिया, “मैं नहीं था,” जिसके बाद पूरे पैनल में हंसी गूंज उठी।
कंटेस्टेंट की बात से शुरू हुई चर्चा
एपिसोड में कंटेस्टेंट वानिका रैक्ता से पूछा गया कि क्या वह किसी संपन्न परिवार से आती हैं। वानिका ने बताया कि उनके परिवार के पास शिमला में सेब के कई बाग हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनके भाई ने कुछ जमीन बेच दी हो, लेकिन परिवार के पास अब भी कई बाग मौजूद हैं और उनके माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं।
वानिका की बात सुनकर पैनलिस्ट राघव जुयाल ने समय रैना की ओर देखते हुए कहा, “तुम्हारा भी तो था ना सेब का बगीचा कश्मीर में?” इस पर समय ने जवाब दिया, “हमारा तो बहुत कुछ था।” उनकी यह टिप्पणी कश्मीर में उग्रवाद के दौर के दौरान कश्मीरी पंडितों के विस्थापन की ओर इशारा करती नजर आई।
मुनव्वर फारूकी से मांगा रिएक्शन
राघव जुयाल ने जब समय की पीठ थपथपाई तो समय ने मुस्कुराते हुए मुनव्वर फारूकी की तरफ देखा और कहा, “अब इस पर बोलो?” इस पर मुनव्वर ने तुरंत जवाब दिया, “मैं नहीं था।” दोनों के बीच हुई इस हल्की-फुल्की नोकझोंक पर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े और यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी।
पहले भी साझा कर चुके हैं परिवार की कहानी
यह पहली बार नहीं है जब समय रैना ने अपने परिवार के कश्मीर से जुड़े अनुभवों का जिक्र किया हो। इससे पहले अपने स्टैंड-अप स्पेशल में उन्होंने बताया था कि उग्रवाद बढ़ने के बाद उनके परिवार को घाटी छोड़नी पड़ी थी। उन्होंने कहा था कि परिवार ने अपनी जान बचाने के लिए रातों-रात कश्मीर छोड़ा।
इसके अलावा ‘दोस्तकास्ट’ पॉडकास्ट में भी समय ने 1990 के कश्मीरी पंडितों के पलायन पर विस्तार से बात की थी। उन्होंने बताया था कि उनके परिवार को अचानक घाटी से निकलना पड़ा और उस घटना का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा।
कश्मीरी मुसलमानों का भी किया था जिक्र
पॉडकास्ट के दौरान समय रैना ने यह भी बताया था कि उनके परिवार की मदद कुछ कश्मीरी मुसलमानों ने की थी। उन्होंने कहा कि उनके दादाजी की इलाके में अच्छी छवि थी और उसी वजह से स्थानीय लोगों ने परिवार को सुरक्षित बाहर निकलने में सहायता की।
समय ने कहा था कि उनकी आंटी ने हिम्मत दिखाते हुए उनके दादाजी के क्लिनिक तक पहुंच बनाई और वहां मौजूद लोगों ने भरोसा दिलाया कि परिवार को सुरक्षित निकाला जाएगा। उनके अनुसार, स्थानीय कश्मीरी मुसलमानों की मदद से ही उनका परिवार उस कठिन दौर से बाहर निकल सका।
‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ का दूसरा सीजन
‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ का दूसरा सीजन 20 जून 2026 से स्ट्रीम हो रहा है। यह शो नेटफ्लिक्स और समय रैना के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। शो का फॉर्मेट हर दो सप्ताह में एक नया एपिसोड रिलीज करने का है, जिसमें अलग-अलग कंटेस्टेंट और सेलिब्रिटी पैनलिस्ट नजर आते हैं। हालिया एपिसोड में समय रैना और मुनव्वर फारूकी के बीच हुई यह बातचीत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।


