Juniper Green Energy IPO Listing: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी जुनिपर ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत की है। कंपनी का शेयर ₹225 के इश्यू प्राइस के मुकाबले NSE पर ₹245 और BSE पर ₹242 पर लिस्ट हुआ, जिससे निवेशकों को करीब 9% का लिस्टिंग गेन मिला। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। खास बात यह रही कि IPO को कुल मिलाकर अच्छा रिस्पॉन्स मिला, लेकिन खुदरा निवेशकों (Retail Investors) का कोटा पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो पाया था।
NSE पर ₹245 और BSE पर ₹242 पर हुई एंट्री
जुनिपर ग्रीन एनर्जी के शेयर गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए। कंपनी का IPO ₹225 प्रति शेयर के भाव पर जारी किया गया था।
- NSE Listing Price: ₹245
- BSE Listing Price: ₹242
- लिस्टिंग गेन: लगभग 8.9%
हालांकि लिस्टिंग के कुछ समय बाद शेयर में हल्की गिरावट भी देखने को मिली और शुरुआती मुनाफे का एक हिस्सा कम हो गया। इसके बावजूद IPO निवेशक अब भी लाभ में बने हुए हैं। वहीं कर्मचारियों को शेयर ₹21 प्रति शेयर के डिस्काउंट पर मिलने के कारण उनका रिटर्न और बेहतर रहा।
IPO को कैसा मिला रिस्पॉन्स?
₹1,800 करोड़ का यह IPO 30 जुलाई से 3 अगस्त तक खुला था। निवेशकों की ओर से इसे मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला।
सब्सक्रिप्शन का विवरण
- कुल सब्सक्रिप्शन: 8.38 गुना
- QIB (Qualified Institutional Buyers): 26.22 गुना
- NII (Non-Institutional Investors): 1.92 गुना
- Retail Investors: 0.98 गुना
- Employees: 3.79 गुना
इससे साफ है कि संस्थागत निवेशकों ने कंपनी पर मजबूत भरोसा दिखाया, जबकि रिटेल निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत कमजोर रही।
IPO से जुटाई गई राशि का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने IPO के जरिए 8,00,09,150 नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं।
जुटाई गई पूंजी का उपयोग निम्नलिखित कार्यों में किया जाएगा—
- ₹683.24 करोड़ कंपनी का कर्ज कम करने में
- ₹728.69 करोड़ सहायक कंपनियों (Subsidiaries) का कर्ज चुकाने के लिए निवेश
- शेष राशि IPO खर्च और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी।
कर्ज घटने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने की उम्मीद है।
क्या करती है Juniper Green Energy?
जुनिपर ग्रीन एनर्जी भारत की प्रमुख Independent Power Producers (IPP) कंपनियों में शामिल है। कंपनी बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित, निर्माण, संचालन और रखरखाव का काम करती है।
इसके प्रमुख बिजनेस सेगमेंट हैं—
- सोलर पावर प्रोजेक्ट्स
- विंड एनर्जी
- विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स
- Battery Energy Storage System (BESS)
- Firm & Dispatchable Renewable Energy (FDRE)
कंपनी का अधिकांश राजस्व सरकारी एजेंसियों के साथ किए गए लंबी अवधि के Power Purchase Agreements (PPAs) से आता है।
कंपनी का बिजनेस कितना बड़ा है?
जून 2026 तक कंपनी का कुल रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो—
- 7,910.20 MW
- 10,247.06 MWp
इसमें ऑपरेशनल, निर्माणाधीन, कॉन्ट्रैक्टेड और अवार्डेड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। क्षमता के आधार पर कंपनी देश की शीर्ष 10 रिन्यूएबल IPP कंपनियों में गिनी जाती है।
कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति?
कंपनी की आय में पिछले तीन वर्षों के दौरान लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
| वित्त वर्ष | शुद्ध मुनाफा |
|---|---|
| FY24 | ₹40.06 करोड़ |
| FY25 | ₹36.48 करोड़ |
| FY26 | ₹40.46 करोड़ |
- FY24 से FY26 के दौरान कंपनी की कुल आय 37% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर ₹804.93 करोड़ पहुंच गई।
- मार्च 2026 तक कंपनी पर ₹12,920.54 करोड़ का कुल कर्ज था।
- कंपनी के पास ₹2,934.89 करोड़ का रिजर्व एवं सरप्लस मौजूद था।
कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन ऊंचा कर्ज निवेशकों के लिए निगरानी का विषय रहेगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
लिस्टिंग गेन सीमित रहा, लेकिन संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी कंपनी के बिजनेस मॉडल पर भरोसे को दर्शाती है। दूसरी ओर, रिटेल निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी और कंपनी पर मौजूद बड़ा कर्ज ऐसे पहलू हैं जिन पर आगे नजर रखना जरूरी होगा। यदि कंपनी IPO से जुटाई गई राशि का प्रभावी उपयोग कर कर्ज कम करने में सफल रहती है, तो भविष्य में इसकी वित्तीय स्थिति और मजबूत हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


