नई दिल्ली: भारत के सफल उद्यमियों की बात होती है तो जोहो कॉर्पोरेशन (Zoho Corporation) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) का नाम जरूर लिया जाता है। उन्होंने बिना बाहरी निवेश पर निर्भर हुए एक ऐसी वैश्विक टेक कंपनी खड़ी की, जिसके सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल आज दुनिया भर में करोड़ों लोग करते हैं। उनकी सफलता सिर्फ एक बड़ी कंपनी बनाने की कहानी नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार, प्रतिभा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भी मिसाल है।
श्रीधर वेम्बू का मानना है कि किसी भी बिजनेस की असली ताकत सिर्फ पूंजी नहीं, बल्कि लोगों की क्षमता, सही सोच और लगातार सीखने की इच्छा होती है। यही वजह है कि उनके विचार आज स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं, उद्यमियों और प्रोफेशनल्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।
कौन हैं श्रीधर वेम्बू?
श्रीधर वेम्बू का जन्म वर्ष 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर जिले के एक गांव में हुआ था। उन्होंने 1989 में IIT मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री और पीएचडी हासिल की।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका की टेक कंपनी Qualcomm में वायरलेस इंजीनियर के रूप में काम किया। हालांकि उनका सपना नौकरी करना नहीं, बल्कि अपनी खुद की टेक कंपनी बनाना था। इसी सोच के साथ उन्होंने Zoho Corporation की स्थापना की, जो आज दुनिया की प्रमुख एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल है।
पद्म श्री सम्मान और अरबों डॉलर की संपत्ति
भारत सरकार ने वर्ष 2021 में श्रीधर वेम्बू को पद्म श्री से सम्मानित किया। उनकी पहचान ऐसे उद्योगपति के रूप में है जिन्होंने टेक्नोलॉजी के साथ-साथ ग्रामीण विकास, शिक्षा और भारत में रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी।
फोर्ब्स इंडिया की 8 अक्टूबर 2025 को जारी भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की सूची के अनुसार, श्रीधर वेम्बू और उनके भाई-बहनों की संयुक्त संपत्ति करीब 6 अरब डॉलर आंकी गई थी। इस सूची में उन्हें 51वां स्थान मिला था।
Sridhar Vembu Success Quotes: श्रीधर वेम्बू के 10 सफलता के मंत्र
1. असली संपत्ति कौशल और क्षमता है
“असली दौलत हमारे लोगों और संस्थाओं के कौशल और क्षमताओं में है। सबसे बड़ी संपत्ति यह है कि हम अपनी समस्याओं का समाधान खुद कर सकें।”
2. दबाव हर किसी की परीक्षा लेता है
“जब लोगों पर बहुत अधिक दबाव डाला जाता है तो कुछ लोग टूट जाते हैं और कुछ पूरी तरह बिखर जाते हैं।”
3. भारत में मजबूत क्षमताएं विकसित करें
“भारतीयों को दुनिया में सम्मान पाने के लिए भारत में ही मजबूत क्षमताएं विकसित करनी होंगी। केवल विदेशों की उपलब्धियां पर्याप्त नहीं हैं।”
4. बिजनेस सिर्फ लेन-देन नहीं, रिश्तों का निर्माण है
“सफल बिजनेस केवल खरीद-बिक्री का नाम नहीं है, बल्कि मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते बनाने का माध्यम है।”
5. अपने काम के प्रति जुनूनी बनें
“यदि आप अपने काम के प्रति जुनूनी हैं तो उसकी गुणवत्ता अपने आप बेहतर दिखाई देगी।”
6. प्रतिभा को भारत में बनाए रखना जरूरी
“भारत की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिभाशाली लोगों का देश में रहना बेहद जरूरी है और मैं इसके लिए पूरी कोशिश करता हूं।”
7. सिर्फ आइडिया नहीं, उसका सही क्रियान्वयन मायने रखता है
“सफलता केवल शानदार आइडिया होने से नहीं मिलती, बल्कि उसे प्रभावी तरीके से लागू करने से मिलती है।”
8. लोगों की समस्याओं का समाधान करें
“ऐसे प्रोडक्ट बनाइए जो लोगों की वास्तविक समस्याओं को हल करें, सफलता खुद आपके पीछे आएगी।”
9. हर असफलता एक नई सीख है
“उद्यमिता में हर असफलता सीखने और आगे बढ़ने का एक नया मौका होती है।”
10. बदलाव के अनुसार खुद को ढालें
“लगातार बदलती दुनिया में परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और मुश्किलों से उबरने की क्षमता ही सबसे बड़ी ताकत है।”
युवाओं के लिए क्या है सबसे बड़ी सीख?
श्रीधर वेम्बू का जीवन बताता है कि बड़ी सफलता के लिए केवल निवेश या संसाधन ही जरूरी नहीं होते। सही सोच, निरंतर सीखने की इच्छा, नवाचार, ग्राहकों की समस्याओं का समाधान और मजबूत टीम किसी भी स्टार्टअप या बिजनेस की सबसे बड़ी पूंजी होती है। उनका मानना है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की शुरुआत होती है। यही सोच उन्हें भारत के सबसे प्रेरणादायक उद्यमियों में शामिल करती है।


