LIC OFS: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) में अब रिटेल निवेशकों को भी आवेदन करने का मौका मिल गया है। सरकार इस OFS के जरिए कंपनी में अपनी 6.5% तक हिस्सेदारी बेच रही है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू 4 अगस्त को खुला था, जिसे शानदार प्रतिक्रिया मिली और करीब 3.32 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। मजबूत मांग को देखते हुए सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का भी पूरा इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
रिटेल निवेशकों के लिए आज से खुला OFS
5 अगस्त से रिटेल निवेशक LIC के OFS में आवेदन कर सकते हैं। सरकार पहले चरण में 2.5% हिस्सेदारी बेच रही थी, लेकिन निवेशकों की मजबूत मांग के बाद अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीन शू ऑप्शन भी सक्रिय कर दिया गया। इस तरह सरकार कुल 6.5% तक हिस्सेदारी बेच रही है।
इस विनिवेश से सरकार को करीब 31,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। यह चालू वित्त वर्ष में सरकार के सबसे बड़े विनिवेश कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।
3.32 गुना सब्सक्राइब हुआ नॉन-रिटेल हिस्सा
नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए OFS 4 अगस्त को खुला था और उसे शानदार प्रतिक्रिया मिली। इश्यू 3.32 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसके बाद सरकार ने पूरे ग्रीन शू ऑप्शन का उपयोग करने का फैसला किया।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि निवेशकों की मजबूत मांग को देखते हुए अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जाएगी।
₹382 प्रति शेयर रखा गया फ्लोर प्राइस
सरकार ने LIC OFS के लिए ₹382 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। वहीं नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए कट-ऑफ प्राइस ₹383.10 प्रति शेयर निर्धारित किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम होने के कारण निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
कैसे करें LIC OFS में आवेदन?
अगर आप LIC OFS में निवेश करना चाहते हैं तो अपने ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया:
- अपने मोबाइल ट्रेडिंग ऐप या ब्रोकर पोर्टल में लॉग-इन करें।
- IPO/OFS या Corporate Action सेक्शन में जाएं।
- एक्टिव OFS की सूची में LIC को चुनें।
- खरीदने वाले शेयरों की संख्या दर्ज करें।
- अपनी बोली का प्राइस भरें या Cut-off Price विकल्प चुनें।
- सभी जानकारी जांचकर ऑर्डर सबमिट कर दें।
ध्यान रखें कि यदि आपकी बोली कट-ऑफ प्राइस से कम होगी तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार अगले 2-3 साल तक और हिस्सेदारी नहीं बेचेगी
सरकार ने संकेत दिया है कि इस OFS के बाद अगले दो से तीन वर्षों तक LIC में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोई योजना नहीं है।
OFS पूरा होने के बाद सरकार की LIC में हिस्सेदारी घटकर लगभग 90% रह जाएगी। यह कदम सार्वजनिक शेयरधारिता (Public Shareholding) बढ़ाने और नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
5 अगस्त के कारोबारी सत्र में LIC का शेयर लगभग 0.54% की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक वर्ष के दौरान कंपनी का शेयर करीब 12% कमजोर रहा है। अब निवेशकों की नजर OFS के बाद शेयर की चाल और कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर रहेगी।
निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
LIC OFS उन निवेशकों के लिए अवसर हो सकता है जो भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बाजार का माहौल और अपने निवेश लक्ष्य का आकलन करना जरूरी है। केवल OFS में मिलने वाली छूट के आधार पर निवेश का फैसला करने के बजाय दीर्घकालिक संभावनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।


